• एंटिएजिंग के रहस्य क्यों है- खरबों का टर्नओवर

    क्या जवानी क्यों जरूरी है!आयुर्वेदिक के अनुसार उम्र कैसे बढ़ती है? ओजः शरीरस्य बलं, ओजक्षये विनश्यति।अर्थात-ओज ही शरीर का वास्तविकबल है; ओज क्षीण हुआ तो शरीर भी क्षीण। •टेलोमियर छोटे होते जाते हैं•मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ता है•ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (फ्री-रैडिकल्स)डीएनए को क्षति पहुँचाता है•कोशिकाएँ विभाजन रोकती हैं →रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटती है! इसलिए एंटी-एजिंग क्रीम उम्र नहींरोकती! बस…

  • राहु को खुश किए बिना कुछ नहीं मिलेगा

    तंत्र सिद्धांत का मूल नियम ये है किऊर्जा को ऊर्जा द्वारा ही संतुलित कियाजाता है।यही कारण है कि त्रिकोण + ॐ + शिवलिंगका संयोग राहु की छाया शक्ति कोशांत करता है। राहु शांति से सम्बंधित प्राचीन श्लोक अर्धनारीश्वरं देवं भुक्तिमुक्ति-प्रदायकम्।राहु-ग्रस्तं मनो नित्यं शिवलिङ्गं विमोचयेत्॥ जो व्यक्ति शिवलिंग का आराधन करता है,उसके मन पर राहु का…

  • बॉडी क्लीन हर्ब्स DETOXKEY

    शरीर का नेचुरल क्लीनअप सिस्टम-ऑटोफैजी! महर्षि चरक ने इस प्रक्रियाको ‘स्व-भक्षण’ बताया है! क्या आप जानते हैं?हमारे शरीर में एक ऐसा नेचुरलबायो-क्लीनअप सिस्टम मौजूद हैजो खराब और क्षतिग्रस्त कोशिकाओंको खुद ही खाकर शरीर को रिपेयर करता है। इसी प्रक्रिया को Autophagy कहा जाता है Auto = स्वयं, Phagy = खाना।ऑटोफैगी एक प्राकृतिक प्रक्रिया हैजिसके द्वारा…

  • राहु-केतु, कालसर्प और पितृदोष के चमत्कारी फायदे

    जीवन को बदलना चाहते हो,तो अवश्य पढ़ें! राहु के गुप्त और गोपनीय रहस्यप्राचीन ग्रंथ राहु तंत्र में उल्लेख मिलता हैकि सोमवार को जब शुक्र का महालक्ष्मीनक्षत्र पूर्वाषाढ़ हो, तब पाँच महाभूत प्रतीक त्रिकोण युक्त पार्थिव शिवलिंग बनाने सेराहु की विशेष कृपा मिलने लगती है! शुक्र राहु और दैत्यों के गुरु हैं! दुखों सेमुक्ति पाने के…

  • आंतों का मस्तिष्क से गहरा संबंध है क्योंकि दोनों ही दिमाग की तरह होते हैं?

    आयुर्वेद कहता हैजठराग्नि ही प्राणों की देवी है।अर्थात् जो पेट को जीत ले,वह मन और मस्तिष्क को भी जीत लेता है। क्या है पेट-दिमाग का रहस्यमय संबंध? आँतें दूसरा मस्तिष्क हैं-दिमाग का रास्ता पेट से जाता है!आधुनिक विज्ञान आज उस सत्य कोस्वीकार कर चुका है, जो चरक, सुश्रुत और काश्यप संहिता में हज़ारों सालपहले लिखा…

  • अभ्यंग से अंग अंग मजबूत होता है तंग शरीर हल्का हो जाता है

    आयुर्वेद में अभ्यंग का महत्व और लाभ अभ्यंगं नित्यं आचरेत् साज्यं वायुविनाशनम्। दृढदृष्टिकरं देहं पुष्ट्यायु:स्वप्नसुखप्रदम्॥ चरकसंहितासूत्रस्थान ५/८५ आयुर्वेद सार संग्रह के अनुसार सबसे उत्तम तेल- तैलं वायुनुलोम्यं स्यात् त्वच्यं स्नेहकरं परम्। कुम्कुमादि तैलं रूप्यं वर्ण्यं च त्वच्यं शुभम्। महिलाओं के सौंदर्य और हार्मोन संतुलन हेतु श्रेष्ठ बालकों के लिए स्वर्ण तुल्य अभ्यंग तेल शरीर व…

  • शुद्धिकरण की विधि (Ayurvedic Cleansing Ritual) केवल पुरुषों के लिए

    पुरुषत्व की जड़ है स्वच्छता शरीरं मलसंयुक्तं न तिष्ठेत् दीर्घकालिकम्। (चरक संहिता) पेनिस को साफ रखना क्यों जरूरी है गुप्तांग सफाई का सही प्राचीन आयुर्वेदिक तरीका वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से लाभ

  • कड़वी दवा और कड़वे बच्चन हेल्दी लाइफ का आधार है

    भावप्रकाश अनुसार चिरायता के विभिन्न भाषाओं में नाम सन्निपातज्वरश्वासकफपित्तास्त्रदाहनुत्। कासशोथतृषाकुष्ठज्वरव्रणकृमिप्रणुत्॥ चिरायता के चमत्कार और मुख्य लाभ- आयुष मंत्रालयों के वैज्ञानिक मतानुसार सेवन विधि मात्रा-

  • बुखार और खार यानी द्वेष- दुर्भावना को देह में टिकने न दे-FLUKEY

    चिरायता बहुत कड़वा होने से इसका एक नाम किरात भी है। अथ किरातकस्य नाम गुणा नाह- श्लोक है- !!सन्निपातज्वरश्वासकफपित्तास्त्र दाहनुत्। कासशोथतृषाकुष्ठ ज्वर व्रणकृमिप्रणुत्।। निघण्टु-पृष्ठ ७० अर्थात- चिरायता सन्निपात ज्वर, श्वास, कफ, पित्त, रक्तदोष यानि खून की खराबी, दाह, कास, शोथ, प्यास, कुष्ठ ज्वर, व्रण तथा कृमि इन सब रोगों को दूर करता है। चिरायता- सर्वश्रेष्ठ…

  • खूबसूरती सिर्फ़ क्रीम में नहीं, रक्त में छिपी है, प्रकृति कहती है! पहले भीतर को स्वच्छ करो, त्वचा की हर समस्या का मूल है रक्त दूषण, खून में गंदगी! शुद्धि से ही लौटे सौंदर्य का दर्शन।

    Skinkey – आधुनिक आयुर्वेद का सुंदर स्पर्श! Skinkey वही शुद्धता का विज्ञान है! फोड़े, फुंसी और दाग-धब्बों पर असरदार सप्लीमेंट है, जो लिवर और पाचन को संतुलित करता है। रक्त शुद्धि से आती है नैचुरल ग्लो! ठंडक और कोमलता – हर उम्र के लिए उपयुक्त शुद्धं रक्तं तनुते देहं सुंदरं रोगवर्जितम्। चरक संहिता रक्तं दूष्यते…

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