हनुमान नल नील कपि जाति के थे……

हनुमान नल नील कपि जाति के थे … ऋषि गौतम की पुत्री अंजना के साथ मरुत बलात्कार किया.. जब मां अंजनी गर्भवती हो गई………….. तो कभी जीत वानर समुदाय के राजा केसरी ने अंजनी को अपना लिया …………. हनुमान जी इसलिए वायु पुत्र पवन पुत्र कहलाए कहीं-कहीं इन्हें केसरी नंदन या अंजनी के लाला भी […]

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सांसारिक जीवन को संभालना ही सबसे बड़ी साधना है——

संसार में हर कोई धनशाली होना चाहता है सफलता चाहता है! लेकिन इसके लिए साधना करनी पड़ती है संसारी सफलता की साधना में सब कुछ साधना पड़ता है… अपना पराया भी साधना पड़ता है बुद्धि विवेक धैर्य धर्म वाणी कर्मा और क्रोध को भी साधना पड़ता है… दिलशाद ए सब सुनने ही बना रहता है […]

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क्या नाक की सौरभ के लिए हम सब कुछ ताऊ रख देते हैं?….

वर्तमान हिमाचल प्रदेश में स्थित कांगड़ा प्लास्टिक सर्जरी का गढ़ था आदिकाल से ही नाक इज्जत का सवाल नाक का महत्व रहा है…. नाक की चिंता सबको रहती है.. देश का झंडा ऊंचा रहे या ना रहे हमारी नाक ऊंची रहना चाहिए! नाक ना कटे इसके लिए हम सब कुछ लुटाने को तत्पर रहते है…. […]

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हताश मत हो………….

हताश मत हो हताश निराश होते ही हमारे ऊर्जा क्षमता का सत्यानाश हो जाता है! असफलता का मुख्य कारण ही हताशा है…. हमारे शरीर पांच कर्म इंद्रियों एवं पांच ज्ञानेंद्रियों पंच तत्व एवं आत्मा और जीव अर्थात 17 शक्तियों का तालमेल है! 17 ताश के पत्तों की तरह है ब्लाइंड पत्तों को खोलते ही जीतने […]

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बढ़ते बच्चों/ शिशु/चाइल्ड की बल-बुद्धि-विवेक बढ़ाने के लिए अभ्यंग चमत्कारी है। जाने-औषधि तेलों के 22 से ज्यादा जरूरी फायदे….

22-रोगों का नाशक – एक बेबी केयर हर्बल ऑयल के बारे में शांतिपूर्वक समझे… आयुर्वेद के बहुत प्राचीन ग्रंथ “वाग्भट्ट रचित” अष्टाङ्ग ह्रदय, काय-चिकित्सा, सुश्रुत सहिंता, चरक सहिंता, योग रत्नाकर आदि में ३ महीने से १०/१२ वर्ष की आयु तक बच्चों की प्रतिदिन निम्नलिखित जड़ीबूटियों से युक्त/निर्मित औषधि तेलों की प्रतिदिन मसाज़ करवाई जाए, तो ऐसे बच्चे बहुत होनहार, […]

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ब्रह्मांड का लघु रूप:———–

मानव शरीर एक शिव मंदिर है भगवान शिव अर्धनारीश्वर हैं इसमें आधा भाग नर और आधा भाग नारी के रूप में ही समाहित है वेदों में नर हो या नारी पुरुष ही कहा जाता है.. और रुद्र को परम पुरुष कहा गया है इसका अधिठाता जीवात्मा इस शरीर रूपी पूरी में बसता है.. अतः वह […]

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आयुर्वेद में सोना ————

आयुर्वेद के मुख्य ग्रंथ भावप्रकाश निघण्टु मैं बातों की संख्या 7 बताई गई है ! जिसमें सोना चांदी तांबा रांगा जस्ता शीशा और लोहा यह सा धातु पर्वत में उत्पन्न होने खान से निकलने वाले हैं ! यह सप्त धातु मनुष्य के कृशता निशर्लता बुढ़ापा रोग नपुंसकता आदि अनेक रोगों को दूर कर मस्तिष्क देह […]

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अपने विचार सकारात्मक रखें और कोरोना से बचे……

कोरोना सबको होगा ,ये ध्यान रहे। अमेरीका मे एक कैदी को जब फाँसी की सजा सुनाई ,तब वहाँ के कुछ वैज्ञानिकों ने विचार किया… कि इस कैदी पर एक प्रयोग किया जाये, तब उस कैदी को बताया गया कि उसे फाँसी की बजाय विषधर कोब्रा से डसवा कर मारा जाएगा। फाँसी वाले दिन उसके सामने […]

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चैत्र मास में सूर्य और देवी की आराधना करने से होती है प्रतिष्ठा में वृद्धि।

हिंदू धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व होता है। पंचांग के मुताबिक हिंदू कैलेंडर का पहला महीना यानी चैत्र मास शुरू हो गया है जो कि 27 अप्रैल तक रहेगा। इस महीने के शुक्ल पक्ष में ही हिंदू नवबर्ष शुरू होता है। यह इस बार 13 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। चैत्र […]

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पेट में हो रोग तो काहे का भोग ——

एक कहावत है… कि जब पेट में हो रोग तो काहे का भोग वह का आशय भोजन के भोग से है! हमारा पेट साफ रहे इसलिए व्रत उपवास का विधान हमारे शास्त्रों ने बताया है 7 दिन में 1 दिन का उपवास हमारे पेट के अनेक रोगों का नाश कर जटा रागनी जागृत करता है! […]

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