अमृतम परिवार की औऱ से महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं

     ।।महाशिवरात्रि।।        ‎शुभ-सिद्धि सुखमय कारक हो                ‎!!!!!!——————!!!!!!!               ‎सबके सब कष्ट काटने               ‎के कारण कहते हैं-             “शंकर संकट हरणा”               ‎अमावस्या […]

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गायत्री मंत्र के रहस्य

 हमारे सद्गुरु जब एकांत में होते हैं तो गुप्त गुरु गायत्री विद्या की चर्चा अवश्य करते है । यह गायत्री मन्त्र से अलग है । यह अंतिम गुरु मन्त्र, मुक्ति मन्त्र है । अति गोपनीय होने के कारण इसे विशेष परमशिष्य को ,सन्यासी को , ब्रह्मनिष्ठ को ब्रह्मचारी को , जिन्हें हर मन्त्र में ॐ […]

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Vata Dosha

वात दोष कैसे पनपता है

वात दोष कैसे पनपता है  और जाने-  ८८ तरह के वात दोषों का समाधान  शरीर में वात का स्थान है पेट में मौजूद बड़ी आंत। इसलिए वात दोष होने पर कई बार रोगी का पेट फूल जाता है, बार-बार अफरा होता है और पेट में कड़ापन महसूस होने लगे, तो पक्का मानिए की आप बहुत […]

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Amrutam Self Love

जानें-आत्मप्रेम के चमत्कार

कहा जाता है कि- आत्मा सो परमात्मा मतलब यही है कि अपनी आत्मा से प्रेम करने वाले लोगों से परमात्मा भी प्रसन्न रहता है। अपनी आत्मा से वही प्रेम करते हैं, जो आत्मप्रेमी होते हैं। आप भी आत्मसम्मान और अच्छे व्यवहार का अधिकार रखते हैं। आत्मप्रेम सकारात्मक आत्मसम्मान का क्रियात्मक रूप है | आत्मप्रेम एक […]

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क्या पहचान है त्रिदोष और वात प्रकृति वालों की। जानिए इस लेख में

क्या होता है त्रिदोष – आयुर्वेद के प्राचीन ग्रन्थ ‘त्रिदोष-सिद्धांत’ के मुताबिक तन में जब वात, पित्त और कफ संतुलित या सम अवस्था में होते हैं, तब शरीर स्वस्थ रहता है । इसके विपरीत जब ये प्रकुपित होकर असन्तुलित या विषम हो जाते हैं, तो तन अस्वस्थ हो जाता है। कैसे निर्मित होता है वातरोग […]

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आत्मप्रेम करने की ऋतु-बसंत

आत्मप्रेम करने की ऋतु-बसंत जो महत्व सैनिकों शक्ति उपासकों के लिए अपने शस्त्रों और विजयादशमी का है, जो विद्वानों और गुरुभक्तों के लिए अपनी पुस्तकों, व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा का है, जो उद्योगपति, व्यापारियों के लिए अपने तराजू, बाट, बहीखातों और दीपावली का है, वही महत्व आत्मप्रेमियों के लिए वसंत पंचमी का है। एक […]

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सप्तधातु किसे कहते हैं

सप्तधातु किसे कहते हैं – जिससे शरीर का निर्माण या धारण होता है, इसी कारण से इन्हें ‘धातु’ कहा जाता है धा अर्थात = धारण करना। हैं -सप्‍त धातुओं का शरीर में बहुत महत्‍व है।

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बालों के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा

बालों के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों को 16 गुने पानी में इतना उबाले कि वह उबल कर दोगुना रह जाये, फिर, इसे खूब गाढ़ा करके रख ले और रोज सुबह शाम बालों की जड़ों में 2 से 3 माह तक लगातार लगाए खालित्य (गंजपन) का आयुर्वेदिक इलाज आयुर्वेदिक दवाएँ तभी कारगर सिद्ध होतीं जब […]

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शीघ्रपतन किन 13 कारणों से होता है

शीघ्रपतन किन 13 कारणों से होता है शीघ्रपतन के लक्षण – सम्भोग के वक्त, समय से पहले वीर्य का जल्दी निकल जाना शीघ्रपतन है। जब शिश्न प्रवेश (एंट्री)के साथ ही “एक्सिट” होने लगे या फिर, स्त्री अभी चरम पर न हो और व्यक्ति का स्खलन हो जाए तो यह शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) है। शीघ्रपतन के […]

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