- SARK TANK की सम्पूर्ण कहानी और पूरी जानकारी देने की वजह से यह लेख काफी बड़ा हो सकता है। लेकिन ये युवा पीढ़ी के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
- भारत में Sonyliv TV पर दिखाए जाने वाला एक एपिसोड या सीरियल सार्क टैंक नाम से काफी ख्याति पा रहा है।
- SARK TANK SHOW युवा पीढ़ी के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। सौभाग्य से Amrutam को सार्क टैंक में फंडिंग के लिए जाने का मौका मिला। जाने वहां तक पहुंचने का सफर
- शार्क टैंक इंडिया 20 दिसंबर 2021 से भारत के उभरते एंटरप्रेन्योर्स के उद्योग, व्यापार आइडियाज और उनके द्वारा चलाए जा रहे बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन चैनल पर प्रसारित होने की शुरुआत हुई थी।
शार्क टैंक है क्या? Shark Tank Kya Hai:
- हिंदुस्तानी टेलीविजन रियलिटी शो के दीवाने होने के कारण इस तरह के सीरियल ज्यादा देखते हैं, जो गाने, डांस परफॉर्मेंस, क्विज, कॉमेडी जैसे विषयों पर आधारित होते हैं।
नई खोज करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा
- सार्क टैंक भारत में पहली बार एक बिजनेस Business आधारित रियलिटी टीवी TV शो या प्रोग्राम है, जो नई पीढ़ी के लिए वरदान साबित हो रहा है।
- Sonyliv टीवी पर 2 जनवरी 2023 से शुरू होने वाला सोमवार से शुक्रवार तक रात 10 बजे दिखाया जाता है।
- सार्क टैंक सीजन – 2 शो का उद्देश्य भारतीय नवीन इनोवेशन करने वाले युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस रोचक शो का नाम शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) है।
- सार्क टैंक शो के निर्णायक बहुत बड़े उद्यमी और उद्योगपति हैं। इन्होंने अपने उद्यम के क्षेत्र में भिन्न-भिन्न प्रकार की उपलब्धियां हासिल की हैं। नाम इस प्रकार हैं।
शार्क टैंक शो के जजेस के बारे में पूरी जानकारी
- पियूष बंसल सीईओ लेंसकार्ट Lenskart
- अनुपम मित्तल CEO Best Online Matrimony Site for Singles in USA कुवांरों के बाजे यही बजवाते हैं।
- अमन गुप्ता CEO BOAT ब्रांड के कई सारे हेडफोन, स्पीकर ट्रेवल प्रसिद्ध हैं।
- विनीता सिंह CEO शुगर कॉस्मेटिक ब्रांड
- नमिता थापड़ CEO Emcure फार्मा
शार्क टैंक (Shark Tank India Judges Net Worth)
- जज नाम कम्पनी नेटवर्थ
- अनुपम मित्तल Shadi.com $25 मिलियन
- अश्नीर ग्रोवर BharatPe 700 करोड़ रुपए
- अमन गुप्ता bOAt 704 करोड़ रुपए
- विनीता सिंह शुगर कॉस्मेटिक 200 करोड़ रुपए
- पीयूष बंसल LensKart 587 करोड़ रुपए
- नमिता थापर इनक्रेडिबल वेंचर लिमिटेड 600 करोड़ रुपए
- सार्क टैंक में कई सारे युवा आज छोटे स्तर पर स्वयं का रोजगार शुरू करके उपलब्धि हासिल कर रहे हैं।
- देश में पुरुषों के साथ साथ महिलाएं भी व्यवसाय के क्षेत्र में उपलब्धियां छूू रही है। आज भारत में कई सारी महिला उद्योगपति हैं, जिन्होंने व्यापार, उद्योग,बिजनेस के क्षेत्र में बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है।
- उद्यम यानि इंट्रप्रेन्योर क्षेत्र भारतीय अर्थ तंत्र की शक्ति है। इकोनामिक ग्रोथ के लिए बहुत ही फायदेमंद है। ऐसे इंट्रप्रेन्योर्स को बढ़ावा देने के लिए सोनी इंटरटेनमेंट टेलीविजन पर शार्क टैंक इंडिया नाम का शो प्रसारित किया जाता है।
- इस रोचक पोस्ट की मदद से इस शो के बारे में विस्तारपूर्वक सभी जानकारी के लिए हासिल करने के लिए अंत तक पढ़े।
सफलता का सूत्र
- व्यापार कारोबार, उद्योग की आधारशिला रखने से पहले जितना मजबूत आधार होगा। वह उतना ही आगे जायेगा।
- एक सर्वे के मुताबिक 60 फीसदी व्यापार, बिजनेस गलत प्लानिंग, पूंजी का अभाव, बेतुका स्वभाव, स्क्रात्मक भाव और लगन, परिश्रम की कमी के कारण 5 साल के भीतर ही बंद हो जाते हैं।
- 25 फीसदी कारोबारी दस साल तक भी नहीं चला पाते हैं और फैल होकर कारोबार समेटकर डिप्रेशन में आ जाते हैं।
- केवल 15 फीसदी वे लोग ही आगे बढ़ते हुए ब्रांड बना पाते हैं, जो दस साल के नुकसान, थपेड़े झेलते हुए हिम्मत नहीं हारते और एक दिन दुनिया में नाम कमाते हैं।
- बांस को अपना गुरु माने BAMBOO वृक्ष के बारे में एक आश्चर्य जनक बात बहुत कम लोग जानते हैं कि वह 10 साल तक अंदर ही अंदर जड़ों को मजबूत बनाकर तने को व्यवस्थित करता है और केवल एक रात में 8 से 12 फूट बढ़ जाता है। इससे एक बहुत अच्छी सीख, सीखने को मिलती है।
- सोचों, दुनिया ऐसे ही अनेक ब्रांड बांस की तरह जड़ों की मजबूती और ताकत के कारण रातों रात ब्रांड बनकर विश्व में तहलका मचा दिया।
- हम आपको अमृतम amrutam की कहानी से ज्ञात कराएंगे कि अत्यंत गरीब परिवार से धुन के पक्के एक मेहनती इंसान ने अपनी आन बान शान को तिलांजलि देकर कठोर मेहनत से आयुर्वेद का एक अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड बनाकर सार्क टैंक SARK TANK पर अपनी प्रस्तुति दी।
- सार्क टैंक पर Amrutam की कहानी सुनकर रोना आ जायेगा अन्यथा भावुक होने से कोई नहीं रोक पायेगा।
- शुरुआत में इतना समझे कि सफल मर्द के दिल में बहुत दर्द छुपा होता है। उसके पास दुःख दर्द की बहुत बड़ी फर्द यानि लिस्ट होती है।
- रिस्ट का शोक होते हुए भी वे, पहन नहीं पाते। घड़ी से ज्ञान लेवें कि इसमें कांटे एहसास कराते हैं कि जिंदगी को फूल की तरह मत समझो।
- सफलता आसानी से कभी नहीं मिलती यह सूत्र आपकी मूत्र प्रणाली को दुरुस्त रखेगा। मधुमेह से बचाएगा।
- रोने और सोने वालों से सुख समृद्धि 100 कोस दूर रहती है। गोना, विवाह के बाद आप कुछ ही दिन पत्नी को अपने दिखाकर खुश तो रख लोगे। लेकिन बाद में जब अपने लोग दुत्कारते हैं, तो जीवन घिनौना लगने लगता है।
- कहूं घी घना, कहीं मुट्ठी भर चना और कहीं उनमें भी मना। अर्थात ऊपर वाले की लीला अपरम्पार है। शिव या तो छप्पर फाड़ के देता है, या फिर बस खाने पीना चलता रहे उतना देता है और किसी किसी को अन्न, धन के लिए बुरी तरह तरसा देता है।
- अमृतम के संस्थापक के जीवन की शुरुआत मात्र 13 वर्ष की उम्र में एक पब्लिशर्स के यहां 20 रुपए महीने की नोकरी से हुई। नोकरी और पढ़ाई साथ साथ करते हुए ग्रेजुएशन किया।
- चूंकि बचपन से व्यापारी या उद्योगपति बनने का सपना अंदर से हिलोरे मारता था, तो अनेक जगह भी काम किया। जैसे कपड़े, किताब, ट्रांसपोर्ट का काम, रेलवे में दलाली, दाल बाजार में थोक किराना जड़ी बूटी के व्यापारी के वहां भी बहुत कुछ सीखा। मेवा मसालों के बारे में जाना।
- एक मशीनरी की दुकान पर बेरिंग, मशीनरी पार्ट का अनुभव लिया। इसे करीब 20 जगह नोकरी करते हुए कभी हिम्मत नहीं हारी।
- लाचारी यही कि व्यापारी बनने के लिए पूंजी नहीं थी। फिर भी पूरी तैयारी में लगा रहता था। कभी बस की सवारी तो कभी ट्रेन से मार्केटिंग का कोई भी काम मिलता, चला जाता।
- मानसिक रूप से पीड़ित कमजोर मेरी मां नासमझ नारी होते हुए भी सबसे कहती कि मेरा बेटा एक दिन बड़ा व्यापारी बनेगा। दुनिया उसकी होशियारी देखकर दंग रह जायेगी।
- मेरी मां को डिप्रेशन होने कारण लकवा मार गया था, तो उन्हें चलने फिरने में दिक्कत थी। मैने बहुत अंग्रेजी इलाज कराया। लेकिन मां को आराम नहीं मिला।
- एक दिन गांव के दूध वाले ने देशी दवाई के लिए एक वैद्य का पता दिया और मैं मां को लेकर पहुंच गया। वैद्य ने आयुर्वेदिक पुड़िया, तेल आदि देकर, 7 दिन बाद आने का बोला।
- सात दिनों में मां को लगभग 30 फीसदी आराम था और वे, ठीक से सोने लगी। एक साल की देशी चिकित्सा से 80 प्रतिशत फायदा था। तभी मेरा आयुर्वेद पर भरी भरोसा बढ़ गया और आयुर्वेदिक कंपनियों से जुड़ने का प्रयास करता रहा।
- पैसों को बचाकर आयुर्वेद के ग्रंथ खरीदकर पढ़ता। खास बातें डायरी में लिखता। दिन रात अपने शौक मस्ती त्यागकर अध्ययन, काम को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
- सन 82/83 में बेरोजगारों के लिए मिल रहा 25 हजार का LOAN लेकर प्रकाशन का काम शुरू किया। बैंक की रकम से अनसोल्ड पेपर छापे और जिस दिन छपकर आए, उसी साल 10+2 का नया कोर्स सरकार ने आरंभ कर दिया।
- अब 20000 का कर्ज हो गया। फिर भी हौंसला कमजोर नहीं होने दिया। फकीरा चल चला, चल वाला सिद्धांत अपनाकर कारवां चलता रहा। बहुत पापड़ बेले और झापड़ झेले।
- सब 1983 में हमारे एक मित्र ने हमें आयुर्वेद की एक कम्पनी में नोकरी करने का पूछा, तो तुरंत हामी भर दी। वहां जाकर मित्र का नाम लिया, तो कम्पनी वालों ने हल्की फुल्की जानकारी लेने के सोमवार से काम पर आने का बोल दिया।
- यहां आयुर्वेदिक कम्पनी में छोटे कर्मचारी के रूप में काम को आगे ले जाते हुए एक साल में मुझे विक्रय प्रतिनिधि बना दिया और 7 सालों में सन 90 तक मार्केटिंग हेड बनाकर 5 सहायक साथ में दिए।
- 1991 में कंपनी के पारिवारिक विवाद के चलते मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी और इसी साल शादी हुई। मैं बेरोजगार था। अन्य कंपनियों में काम तलाशा। लेकिन प्रयास पूर्ण न हुआ।
- अगस्त 1991 में केवल ग्वालियर संभाग हेतु एक नई छोटी सी कम्पनी की एजेंसी लेकर बिना पूंजी के व्यापार शुरू किया। फिर पूरा मप्र, 36 गढ़, महाराष्ट्र, उप्र, उड़ीसा आदि राज्यों में उसी कंपनी का कारोबार विस्तारित किया।
- सन 2005 में वह कंपनी बहुत ऊंचाई पा चुकी थी और लालच बढ़ने के कारण अपने उत्पादों में कीमती और असरकारक घटकों को मिलाना बंद कर। इस बात लेकर विवाद भी हुआ।
- बहुत परेशान होकर एक किराए की जगह लेकर सन 2006 में अमृतम की स्थापना हुई और आयुर्वेद की 5000 साल प्राचीन पद्धति के अनुसार विभिन्न रोगों के लिए 15 तरह के अवलेह बनाए। जिसे माल्ट, चटनी या आयुर्वेदिक सप्लीमेंट कहलाते हैं और मधु पंचामृत के नाम शुद्ध शहद को रीपैक किया।
- कहानी बहुत लंबी है। 2006 से 2016 तक अथाह प्रयास, संघर्ष के बाद भी अमृतम चलाने में असफल रहा। पूरी पूंजी खत्म हो चुकी थी। फिर हिम्मत हारकर डिप्रेशन में चला गया।
- AGNIM और STUTi ने संभाला अमृतम दुनिया में करोड़ों लोगों के सामने राष्ट्रीय टीवी SONI पर प्रदर्शित होने के लिए अमृतम की ONLINE के निर्माण से छह साल तक की हमारी यात्रा।
- अमृतम को शार्क टैंक इंडिया में ले जाने के अपने अनुभव को साझा करने का मेरा ईमानदार प्रयास यहां है।
- स्तुति बताती हैं – मुझे 2017 में, जब डी2सी (D2C डारेक्ट टू कस्टमर) अस्तित्व में नहीं था, और ऑनलाइन व्यापार को अभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया था।
- कम से कम टियर-2,3 शहरों में हमने ऑनलाइन जाने और केवल अपनी वेबसाइट पर उत्पाद बेचने का संकल्प लिया। हम लोगों का एक समुदाय तथा आयुर्वेदिक परिवार बनाना चाहते थे।
- स्तुति ने कहा रुकिए, उससे कुछ साल पहले – 2015, जब मैं TISS में क्लिनिकल साइकोलॉजी में अपनी मास्टर डिग्री के दूसरे वर्ष में था और अपने सपने की पूर्णता हेतु एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के लिए अपने आवेदन पर दिन-रात काम कर रही थी।
- फरवरी 2016 में, मुझे मेरे सपनों के विश्वविद्यालय से प्रस्ताव पत्र और छात्रवृत्ति पुरस्कार मिला। लेकिन मैं नहीं जा सकी। क्योंकि मेरे माता-पिता की आय का स्रोत खत्म गया था।
- अमृतम उस समय अपने हर्बल उत्पादों को चलाने के लिए संघर्षशील थी। तब तक मुझे उस समय अपने पारिवारिक व्यवसाय से कोई लगाव नहीं था या इसमें शामिल होने का कोई इरादा नहीं था।
- जब मैं स्कॉटलैंड नहीं जा सकी, तो मैंने खोया हुआ और क्रोधित महसूस किया – ऐसा कुछ जिसे मैं शायद ही कभी साझा पाऊं।
- यह मुझसे छीन लिया गया एक सपना था। फिर, मैं हिमालय जाकर मनाली के पास एक छोटे से गांव जगतसुख में एक बैकपैकर छात्रावास (हॉस्टल) के राजस्व मॉडल के साथ एक उपचारात्मक समुदाय शुरू किया।
- हॉस्टल चलाना मेरी एमबीए की डिग्री थी और किसी भी कोर्स की किताबों से कहीं ज्यादा मुझे सिखाया। लेकिन पहाड़ों में बहुत अधिक समय बिताने से मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा और मैं अपने नैदानिक अवसाद/डिप्रेशन से निपटने के लिए बैंगलोर आ गई।
- बैंगलोर के एक मनोवैज्ञानिक संस्था में मैं इलाज कराने गई। वहीं उन्होंने मुझे नौकरी की पेशकश की, इसलिए मैंने कुछ महीनों के लिए हिचकिचाहट के साथ उनके लिए काम करने का फैसला किया।
- धीरे-धीरे, यह डूब गया कि मेरा परिवार आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था, और मेरे पिता भी अवसाद से जूझ रहे थे। उन्हें मेरे भाई और मेरे लौटने की जरूरत थी। बाकी इतिहास है।
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- 2017 में फिर, मैंने अपने भाई अग्निम के साथ मिलकर अमृतम को एक ऑनलाइन लाने का संकल्प लिया और विश्व कल्याण की भावना से एक लघु समुदाय बनाकर आयुर्वेद को व्यवसाय के रूप में नया आयाम दिया।
- जब पिछले साल सीज़न 1 आया था, तो कई लोगों ने हमें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। हमें कल्पना नहीं थी कि एक साल बाद अमृतम शार्क टैंक इंडिया पर आएगा। था। पिता का भरोसा काम आया। वे, हमेशा कहते रहे कि निष्काम भाव किया गया क्रम और भजन कभी निष्फल नहीं जाते।
- सार्क टैंक में यह दस महीने की लंबी यात्रा और आवेदनों के कई दौर थे। पहले लिखित आवेदन, फिर वीडियो आवेदन, उसके बाद एक व्यक्तिगत साक्षात्कार।
- मुंबई में अंतिम पिच के लिए एक कॉल प्राप्त करना, फिर घंटों फोन साक्षात्कार और अंत में, SONILIV टेलीविजन टीम के द्वारा ग्वालियर में एक वीडियो शूट करना। बस यह सब टाइप करके लिखना मुझे अभिभूत कर देता है।
- स्तुति ने भावुक होकर बताया कि जिस दिन अमृतम की पिच सोनी TV के शार्क टैंक इंडिया पर प्रसारित हुई, 20 फरवरी 2023, मुझे एक इंस्टाग्राम कहानी मिली जिसे मैंने तीन साल पहले पोस्ट किया था।
- स्तुति ने लिखा था कि आमतौर पर, हम सोचते हैं, “हमारे पास संसाधन होने चाहिए, तब हम प्रतिबद्ध होंगे और कुछ कर पाएंगे।
- हालाँकि, सच्चाई यह है कि समर्पण, सदभाव, संघर्ष और आपकी प्रतिबद्धता जितनी अधिक होगी, उतने ही अधिक संसाधन आपके पास अपने आप आएंगे! आपको बैठकर इस बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि आपको मदद कैसे मिलेगी।
- जब आप कुछ करने का इरादा रखते हैं, तो संसाधन प्रवाहित होते हैं – जब जरूरत होती है … और आवश्यक मात्रा में।
- यह इस अनुभव के लिए इष्टतम और सबसे उपयुक्त संदेश है। हम चलते रहे, और अपनी यात्रा के दौरान, हमने यह अवसर पाया और इसे आजमाने के बारे में सोचा।जब अग्निम मेरे भैया ने सार्क टैंक में आवेदन किया, तो हमें यह कहते हुए प्रतिक्रिया मिली कि शार्क टैंक इंडिया की टीम ने पहले दौर में हमें शॉर्टलिस्ट किया था। यह अवास्तविक लगा।
- निस्संदेह, हम इसके हकदार थे, लेकिन फिर भी यह एक सपने जैसा महसूस हुआ क्योंकि जब हमने शुरुआत की थी, तब कोई मान्यता नहीं थी। यहां हमें राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय शो के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।
- हम SARK TANK के नियम, प्रक्रिया का पालन करते रहे, एक के बाद एक साक्षात्कार का दौर। अनेक जानकारी देना, बार बार फोन पर बात करना सम्मिलित था। क्योंकि अमृतम की स्टोरी अत्यन्त भावुक और दिल को छूने वाली थी। मात्र इसी आधार को सार्क टैंक को प्रभावित किया।
- आर्टिकल के अन्त में हम सार्क टैंक में आवेदन करने की प्रक्रिया से अवगत कराएंगे, ताकि आपका भी पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
- हम अपनी वेबसाइट amrutam को WordPress से Shopify पर ले जाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत कर रहे थे, साथ ही साथ अपने ऐप amrutam app का निर्माण कर रहे थे और संगठनात्मक संरचना को परिभाषित कर रहे थे। बहुत कुछ हो रहा था, और हम पृष्ठभूमि में छोटे-छोटे कदम उठाते रहे।
- घूमने का शौक, ट्रेवल ब्लॉगर होने से मैं हमेशा एक यात्री रही हूं, जो मेरे जीवन का एक बड़ा हिस्सा है। यात्रा से ज्ञान की मात्रा बढ़ती है।
- जीवन एक युद्ध, स्वयं के विरुद्ध मुझे अगस्त के अंत में वर्ष 2022 की अपनी पहली यात्रा की योजना याद है। गोल्डमैन सैक्स 10K कार्यक्रम में भाग लेने और 2022 की शुरुआत में मेरे आने के बाद से बंगलौर में अपना नया घर स्थापित करने के दौरान IIMB में काम करते हुए और सीखते हुए आधा साल से अधिक समय बीत चुका था।
- जिस रात मैं कोडाइकनाल के लिए रवाना होने वाली थी, मेरे भाई अग्निम को सार्क टैंक टीम से फोन आया कि हमें पिच राउंड के लिए बॉम्बे में आना है, जहां फाइनल शूट होगा। बेशक, मुझे वह यात्रा रद्द करनी पड़ी।
- हमने बंगलौर से अग्निम और मेरे लिए टिकट बुक किया। हमारे माता-पिता ग्वालियर से मुंबई आ गए। एक परिवार और भागीदारों के रूप में, हम में से चार ने YRF स्टूडियो में लगभग एक सप्ताह, सुबह जल्दी से देर शाम तक बिताया।
- हमें चारों ओर से काले कपड़े से ढके एक विशाल हॉल में होना था, जिसके एक कोने में प्लास्टिक की कुर्सियाँ और एक चाय/कॉफी का काउंटर था, जो छोटी-छोटी गलियों और अंधी जगहों की भूलभुलैया जैसा था।
- हमने शायद ही कभी प्राकृतिक रोशनी देखी हो, लेकिन यह परेशान करने वाली नहीं थी। रचनात्मकता और उद्यमिता की अराजक लहरों में सन्नाटा था। अराजकता की अंकित मूल्य धारणा में एक अच्छी तरह से कार्य करने वाला संगठन था।
- Sony Tv/सार्क टैंक ने हमें बेहतरीन होटल में रुकवाया। सभी लग्जरी सुविधाएं दी। जाने आने के लिए वहां था। अच्छी तरह से खिलाया गया।
- यशराज स्टूडियों में सार्क टीम द्वारा साक्षात्कार चलते रहे। वे amrutam के बारे में जानने को सभी उत्सुक थे। बातचीत का दौर चलता रहा।
- अलग-अलग टीमों को अपनी पिच पेश करने के लिए लंबे समय तक बैठे रहना और अपनी बारी का इंतजार करना था। उन खाली अंतरालों में, हम एक परिवार के रूप में फिर से मिल गए। जब से हमने अमृतम के निर्माण पर काम करना शुरू किया तब से लेकर अब तक हमने कई ऐसे पलों को फिर से जी लिया है।
- पाँच साल बीत चुके थे, और ऐसा कोई समय नहीं था जब हममें से प्रत्येक को अपनी कहानी अलग-अलग बताने को मिली हो, और यह बहुत ही शानदार लगा। इतनी सारी अनकही बातें सामने आईं, और उन्हें स्वीकार करना मानसिक रूप से उपचारात्मक लगा। मनोबल भी बढ़ा।
- अग्निम और मैंने उस समय के बारे में चर्चा की जब हमने अपने स्टार्टअप को छोड़ दिया और पारिवारिक जहाज को बचाने और पिता के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ग्वालियर वापस आने के अपने सपनों को छोड़ दिया।
- हमने अपने पिता के नुकसान के बारे में बात की जब उन्हें अपने स्वयं के वितरण व्यवसाय से हटा दिया गया जिसे उन्होंने एक अन्य निर्माण कंपनी के लिए बनाया था। उन्होंने जो खोया उसकी तुलना में हमारा नुकसान बहुत छोटा लग रहा था – कुछ ऐसा जो उन्होंने 25 वर्षों तक बनाया।
- एक परिवार के रूप में सामूहिक रूप से हमारे दृष्टिकोणों पर चर्चा करते समय हमारे सपनों को साकार करने की संभावना निश्चित महसूस हुई।
- मौन और वार्तालाप थे, और सीख और चुनौतियाँ थीं। यह एक ही समय में कड़वा और गंभीर था – हमारे पिता को अपनी पिच को लिखते, सीखते और अभ्यास करते देखना।
- सार्क टैंक की पूरी टीम ने उन्हें सराहा; कुछ ने उन्हें पापा भी कहना शुरू कर दिया। उस सप्ताह हमने इतने सारे लोगों के साथ बातचीत की, वह अमृतम पापा बन गए।
- मैं उन THC भाइयों पियूष आदि का उल्लेख कैसे नहीं कर सकता, जिन्होंने हमें हंसाया ताकि हमारे पेट में दर्द हो? पिच करने से पहले हमने जो यादें बनाईं, वे जीवन भर के लिए रहेंगी।
- मुंबई में उस पूरे हफ्ते ने मुझे पहली बार यह एहसास कराया कि परिवार ही सब कुछ होता है। शक्ति, संपदा परिवार ही है। यही संसार का सार है और जीवन के पार ले जाने वाला भी केवल परिवार है।
- हम दोनो भाई बहिन माता पिता के पास सहयोग करने घर आने के लिए सब कुछ पीछे छोड़कर मेरे भाई और मेरे लिए यह अविश्वसनीय था। हमारे माता-पिता रॉक बॉटम और किसी से भी टकराने के बावजूद दृढ़ और लचीले थे।
- और फिर भी, जब हमने किया, तो हमने वर्षों तक खुद को इतना श्रेय नहीं दिया कि हमने जो किया है उसकी सराहना करें। वे पारिवारिक मूल्य हैं जिनके साथ हम बड़े हुए हैं। हमने ग्वालियर में खरोंच से अपना जीवन बनाया। कुछ ऐसा जो मैं केवल पश्चदृष्टि में ही प्रतिबिंबित कर सकता हूं।
- सार्क टैंक में मुझे रिहर्सल का वो दिन याद है जब हम पहली बार मेन सेट में दाखिल हुए थे। जब हम अंदर गए और मौके पर खड़े हुए, तो बहुत अच्छा लगा – हमारे पैर मोर की पूंछ पर सख्ती से टिके हुए थे।
- जब हम वहां खड़े थे तो हम घबराए हुए थे। लेकिन साथ ही, टीम ने हमें इतनी अच्छी तरह से तैयार किया था कि हममें से कोई भी रोशनी और कैमरे, चकाचौंध और ग्लैमर के साथ शार्क के सामने होने से नहीं घबराया।
- Agnim और Stuti सार्क टैंक का अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि मुझे याद है कि रात को सोने से पहले हम कुछ बातों के बारे में चिंता करते थे।
- अमृतम परिवार अपने आप से कहता कि हम केवल एक चीज पर नियंत्रित कर सकते हैं। वह है मेरे कार्य, कर्म, कड़ी मेहनत, सत्य का रास्ता, बाकी मेरे बस में नहीं है। इसलिए, हम सब केवल अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित करते रहते। शेष सब शिव पर छोड़कर चलते। उस विचार ने कई बार हमारी मदद की है, खासकर जब बहुत अधिक अनिश्चितता हो।
- अगले दिन, हमने सुबह-सुबह स्टूडियो में सूचना दी, सुबह 11 बजे तक तैयार हो गए और फिर पूरे दिन अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
- शाम को टीम ने हमें स्टेज सेट पर बुलाया। मुझे हमारे साथ सभी स्टार्टअप्स याद हैं, चाहे उम्र कोई भी हो, एक-दूसरे की पिच इतनी बार सुनी कि हमें सब याद हो गया।
- सार्क टैंक जाकर ऐसा लगा कि हम सब स्कूल वापस आ गए हैं, वार्षिक समारोह में प्रस्तुति देने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं! ग्रीन रूम ने हमें सशक्त और एकजुट किया – देश के विभिन्न हिस्सों के संस्थापक।
- हम अंत में अंदर यानि मुख्य पिच पर गए और शार्क का अभिवादन किया; यह वह शांत स्थान था जहाँ हम एक सप्ताह की हलचल के बाद से थे।
- हमारी पिच करीब डेढ़ घंटे तक चली। यह तीव्र था। मेरे पिता, जिनकी उम्र 60 के आसपास है, ने अवसाद से जूझने के बारे में बताया। उनकी पीढ़ी के लोग यह भी स्वीकार नहीं करते कि यह डिप्रेशन सबमें मौजूद है। भारी, दुःख, दर्द खरोंच से बनने की उनकी कहानी दिल को छू लेने वाली थी।
- अमृतम उत्पादों की प्रामाणिकता के लिए हमें जो मान्यता मिली वह दिल को छू लेने वाली थी। शार्क ने इस बात पर जोर दिया कि अग्निम के जीवन को पीछे छोड़ना कितनी बड़ी बात है, और मैंने परिवार और अपने माता-पिता की दृष्टि का समर्थन करने के लिए बनाया था।
- अमृतम हमारी कंपनी की संरचना पर सार्क जजों के सामने गहन चर्चा हुई, यही वजह है कि हमें सौदे यानि फंडिंग की पेशकश नहीं की गई। ठीक है, हमने वही किया जो हम सबसे अच्छी तरह जानते थे –
- लोगों का एक कल्याण समुदाय बनाएं और उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली के करीब लाएं। मुझे शार्क्स को याद है कि कैसे कंपनी की संरचना बड़ी तस्वीर में एक छोटी सी गड़बड़ी है जिसे जल्दी से हल किया जा सकता है।
- एक अनुभवी पूर्णकालिक निवेशक यानि इन्वेस्टर यह समझेगा कि उद्यमी शार्क की तुलना में कहीं बेहतर है, जिनके पास अस्पष्ट जटिल किसी भी चीज़ में निवेश करने के लिए पर्याप्त समय, बैंडविड्थ और संसाधन नहीं हैं।
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- हो सकता है कि हम बहुत ईमानदार रहे हों, क्योंकि Shark Tank के कुछ व्यवसायों को हमारे जैसी ही कंपनी संरचना होने के बावजूद वित्त पोषित किया गया।
- स्तुति, मुझे याद है कि उस सप्ताह हमारे साथ काम करने वाली शार्क टैंक टीम के कई लोग हमसे मिलने आए थे। नम आंखों से वे आए और हमें गले से लगा लिया, पापा के पैर छुए और हमें बताया कि हर कोई कितना भावुक था –
- पर्दे के पीछे। इसे प्रोसेस करना बहुत था। उत्तेजना के बाद उत्तेजना, हमें शूट खत्म होने के बाद मुश्किल से प्रतिबिंबित करने का समय मिला, जब तक हम होटल वापस नहीं आए।
- शार्क टैंक टीम ने पहली बार एक अपवाद बनाया; उन्होंने हमें पुनः फंडिंग के लिए बुलाया और हमें फिर से टैंक पर लौटने के लिए कहा।
- शार्क चाहते थे कि हम फिर से पिच शूट करने वापस आएं, उन्होंने हमें बताया। यह एक कठिन कॉल थी, लेकिन हमने वापस नहीं जाने का फैसला किया। हमें पता था कि हमने परिणाम के बावजूद अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और संतुष्ट महसूस किया।
- अग्निम और मैंने उसी रात मुंबई से बैंगलोर के लिए वापस उड़ान भरी। यह तब था जब यह डूबना शुरू हुआ। इसने हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।
- लगभग पाँच दिनों तक मैं और भैया अग्निम सोया, खाया और रोया। मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं क्यों रो रही थी। बेशक, मैं परेशान थी कि हमें कोई ऑफर नहीं दिया गया। फिर भी, इससे भी अधिक, ऐसा लगा कि हम अपने सीमित संसाधनों के साथ सब कुछ करने के बावजूद असफल रहे।
- यह सब बहुत उदास और अंधेरा हो गया, और यह निराशा की एक घटना थी। अग्निम ने कंपनी की संरचना पर चर्चा करने के लिए कई संस्थापकों, फाइनेंस जानकारों, आकाओं और निवेशकों से संपर्क किया, जबकि मैं मुख्य रूप से दुनिया से हट गई थी।
- Amrutam ने बिना किसी सहयोग और बाहरी निवेश के बिना 50% बार-बार खरीदारी के साथ 3.5 करोड़ का एक ठोस व्यवसाय बनाया।
- आयुर्वेद की 5000 वर्ष प्राचीन विधि का अनुपालन, कच्चे माल, वास्तविक सामग्री और हमारे प्रामाणिक व्यंजनों की अच्छाई से 100000 से अधिक लाख लोग लाभान्वित हुए हैं।
- अमृतम उत्पाद अद्वितीय हैं और उनमें आयुर्वेदिक उपचार सिद्धांत हैं और इसे भारत के अलावा 40+ देशों के लोगों द्वारा मान्य किया गया है। फिर भी, कंपनी की संरचना जैसी कोई चीज एक सड़क अवरोधक बन गई। हमें नहीं पता था कि इसके बारे में कैसे जाना जाए।
- स्तुति ….खैर, मुझे रिजेक्शन को बेहतर तरीके से लेने की जरूरत है। और, यह मैंने नहीं किया। हालाँकि, अपने करीबी दोस्तों से नाराज़ होने और शेखी बघारने के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मैं अभी भी अमृतम का निर्माण जारी रखने के प्रयास में कमी छोड़ना नहीं चाहती हूँ।
- मुझे अपने काम और अमृतम से प्यार है और अमृतम परिवार इससे लोगों के जीवन में जो मूल्य पैदा कर रहा है, तो मैं ये चिंतन कर जल्दी से वापस बाउंस हो गया।
- बस कुछ हफ़्ते बाद, हमें एक कॉल आई। शार्क टैंक टीम हममें से प्रत्येक का व्यक्तिगत रूप से फिर से साक्षात्कार करना चाहती थी। तो हमने ऐसा किया।
- स्तुति, दीवाली के दौरान, उन्होंने हमारे घर, अमृतम फैक्ट्री, अमृतम वाटिका और पापा की यात्रा का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक टीम भेजी।
- ग्वालियर शहर में सोनी टीवी टीम ने दो दिनों का व्यस्त शूटिंग शेड्यूल बहुत ताज़ा था। इसने काम करने के लिए हमारी ऊर्जा को नवीनीकृत किया।
- अक्टूबर में एक बार शूट हो जाने के बाद, हम अनिश्चितता में रह गए थे। बहुत अधिक प्रत्याशा और आशंका थी। हम यह जानने के लिए उत्सुक थे कि हमारा प्रसारण होगा कब होगा या नहीं।
- चार महीने बाद, हमें यह कहते हुए एक ईमेल प्राप्त हुआ कि अमृताम के एपिसोड को प्रसारित किया जा सकता है।
- अब हम ज्यादा दूर नहीं अपनी पिच को देखने के लिए। 18 फरवरी, शनिवार को महाशिवरात्रि थी। हम सुबह से उपवास कर रहे थे।
- सन 2002 में मेरे पापा ने अपने माता पिता की स्मृति में 300 साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्वार कराया था। क्योंकि हमारे दादा दादी की यहां बेशुमार अंध आस्था थी। उन्हीं की इच्छा को मूर्त रूप देने के लिए शिवकल्याणेश्वर की नए सिरे से प्राणप्रतिष्ठा हुई थी।
- 2002 से अमृतम परिवार का नियम है कि महाशिवरात्रि, छोटी दीपावली के चारों पहर यानि शाम 6 बजे से दूसरे दिन प्रातः 6 बजे तक पूरी रात रुद्राभिषेक करते हैं।
- स्कंध पुराण के अनुसार प्रथम पहर में दूध से, दूसरे में दही से, तीसरे में घी से और चौथे में मधु पंचामृत से शिवलिंग में अखंड धारा से रुद्राभिषेक किया जाता है। होली के दिन यहां रंग, गुलाल, केशर से सभी शिवलिंग को रंगकर भावविभोर हो जाते हैं।
- शिवरात्रि के दिन हम दोनों भाई बहिन बैंगलोर में थे। था कुछ प्राचीन शिवालयों के दर्शन करने के उपरांत हम Catan, एक रणनीति बोर्ड गेम खेल रहे थे।
- महाशिवरात्रि को जब मुझे एक अनजान नंबर से WhatsApp कॉल आया। मैंने आवाज को तुरंत पहचान लिया। उन्होंने कहा, “बधाई हो, मेरे पास अच्छी खबर है।
- अमृतम सोमवार को शार्क टैंक इंडिया में होंगे।अग्निम और मैं बहुत खुश थे। हमने अपने माता-पिता को फोन पर बताया, जो ग्वालियर में शिवकल्याणेशर मंदिर में थे।
- महाशिवरात्रि के चार पहरों में किए गए चार में से दूसरा अभिषेक शुरू करने वाले थे। एक परिवार के रूप में हमारे लिए इसका जबरदस्त आध्यात्मिक अर्थ है, और इस समाचार को प्राप्त करने के लिए इससे बेहतर दिन या समय नहीं हो सकता था।
- अंत में, दिन आ गया। हमने अपनी सभी टीमों – कारखाने, कार्यालय और दूरस्थ योगदानकर्ताओं को सूचित किया कि हम दोपहर में टाउन हॉल बैठक करेंगे। सब शामिल हो गए –
- पापा के साथ फैक्ट्री वाले, मम्मी के साथ ऑफिस वाले और बाकी रिमोट टीम। हमने खबर साझा की और जश्न मनाया। साझा किए गए और भावुक टोस्ट (गैर-मादक) के कुछ अनुभव थे। एक घंटे के बाद हमारी कॉल समाप्त होने के ठीक बाद, Shark Tank टीम ने हमें हम तीनों की एक तस्वीर भेजी जिसमें संचार को बंद करने के लिए कहा गया था।
- जैसे ही हमने सोशल मीडिया पर खबर साझा की, प्यार, अपनेपन, स्नेहिल आशीर्वाद बौछार हो गई। सभी ने बहुत सराहा, बधाइयां प्रसारित की
- स्तुति के मुताबिक मिडिल स्कूल के मेरे सहपाठी, यात्रा के दौरान जिन लोगों से मैं मिली, जिन मेहमानों की मैंने अपने छात्रावास में मेजबानी की, और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के इतने सारे लोग जिनसे मैं संपर्क में भी नहीं थी – एक आईजी स्टोरी भी शेयर की। सभी को गौरवान्वित करना एक खास अहसास था।
- ग्वालियर का प्रतिनिधित्व करना शानदार लगा। महारानी प्रियदर्शिनी सिंधिया ने शार्क टैंक पर भी अमृतम के आने की बात साझा की। यह बहुत जबरदस्त था- आत्मा को छू लेने वाला सुखद पल अच्छी तरह, अच्छा लगा।
- अग्निम भैया और मैंने चर्चा की कि हम एपिसोड को लाइव देखने से कैसे बचना चाहेंगे। हमारा सार्क टैंक एक हिस्सा था जो डरा हुआ था।
- हम काम को लेकर काफी आत्म-आलोचनात्मक हैं और इसका सामना करने से डरते थे। लेकिन मुझे याद है कि एक मित्र ने व्हाट्सएप पर कहा था, “इसे हल्के में लें, इसे अपनाएं और एक बड़ी मुस्कान के साथ इसे देखें:)।”
- मुझे अभी भी नहीं पता था कि मैं इसे देखना चाहती हूं या नहीं। लेकिन जब मैं जिम से केक लेकर घर लौटी तो मेरे दो करीबी दोस्तों ने मुझे चौंका दिया।
- यही कारण है कि मैंने एपिसोड को लाइव देखा। और शुरुआती झटकों के शांत होने के बाद मैंने इसका पूरा आनंद लिया। मैंने अपने विपश्यना पाठ्यक्रम में जो कुछ सीखा, उससे भी मुझे मदद मिली। आखिरकार, यह सब उत्पन्न होकर गुजर रहा है, तो फिर बैचेनी क्यों?
- सार्क टैंक और सोनी टीवी को अंतर्मन से बधाई दूंगी कि उन्होंने अमृतम इतनी ईमानदार और सकारात्मक रोशनी में दिखाया। मुझे अच्छा लगा!
- अमृतम और हमारी कहानी हर घर तक पहुंची और विभिन्न पीढ़ियों के बहुत से लोग हमारे संघर्षों से जुड़े और हमने उन्हें कैसे पार किया।
- हमने इतने सालों तक जो जिया, उसे कुछ ही मिनटों में अच्छी तरह से सारांशित कर दिया गया। उन्होंने इसका न्याय किया। यही काम की प्रकृति है।
- सोनी टीवी द्वारा 90 मिनट को केवल 15 में छोटा करना और हर चीज को सही संदर्भ में दिखाना चुनौतीपूर्ण है।
- 20 फरवरी 2023 की रात जब अमृतम लाइव हो रहा था, तो हमारी वेबसाइट का ट्रैफ़िक बढ़ गया। एक समय में, हमारी वेबसाइट पर 10,000+ लोग थे। लोगों ने हम पर आदेशों और प्रश्नों की बौछार शुरू कर दी, और हमारे एपिसोड के प्रसारित होने के बाद से ऊर्जा बहुत अधिक है।
- अमृतम टीम वास्तव में ग्वालियर, हमारे किले, घर और कारखाने को देखने के लिए उत्सुक थी। हमने शूटिंग के दो खूबसूरत दिन बिताए, और मैं इसे देखने के लिए बहुत उत्सुक थी।
- मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने ऐसा क्यों नहीं दिखाया। मेरी इच्छा है कि यह किसी बिंदु पर बाहर आ जाए। यह एक विजुअल और इमोशनल ट्रीट होगा, मैं वादा करता हूं।
- अपने आप को बाहर रखना आराम से बाहर का रास्ता था। फिर भी, हमने इसे आपके प्यार, अपराजेय जय- जयकार और हम पर निरंतर विश्वास के कारण किया।
- आपकी ऊर्जा ही वह ईंधन है जो हमें असंभव कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। हम आपके बिना यह नहीं कर सकते थे। मेरे दिल में जो कृतज्ञता है, उसके लिए ‘धन्यवाद’ काफी नहीं है।
- यदि आपने amrutam का सार्क टैंक एपिसोड नहीं देखा है, तो कृपया एक बार अवश्य देखें।
- एक विशेष Shark Tank ऑफर चल रहा है, जो शीघ्र ही समाप्त हो रहा है। सुनिश्चित करें कि आप अपना पसंदीदा चुनें। कृपया यहां हमारे पोस्ट से जुड़ें और हम पर अपना विश्वास बनाए रखें। आपके सहयोग के बिना हमें अधूरापन अनुभव होगा।
- अमृतम को अभी एक लंबा रास्ता तय करना है और हम प्रामाणिक आयुर्वेद को विश्व स्तर पर सुलभ बनाने की इस यात्रा पर आपको संसार के साथ ले जाना चाहते हैं।
- हम लोगों को एक स्वस्थ जीवन शैली के करीब लाने की दिशा में आत्मा काम कर रहे हैं और यह हर घर तक पहुंचने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- पुनश्च – मैं बस इतना कहन चाहता हूं कि एक पल के लिए रुकें और अपने को गर्व से भरें कि हम कभी यूएस शार्क टैंक देखा करते थे। सबको बताएं कि ग्वालियर जैसे छोटे शहर की आयुर्वेदिक कम्पनी का शार्क टैंक इंडिया पर आया था।
शार्क टैंक इंडिया पर अमृतम
#AmrutamOnSharkTank – और पोस्ट आ रही हैं।
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सोनी टीवी के सार्क टैंक शो में जाने की कुछ विशेष बारीक बातें
- देश में कई सारे ऐसे युवा हैं, जो स्वयं का रोजगार शुरू करना चाहते हैं लेकिन फंड की कमी के कारण वे अपनी इच्छा को मन में ही दबा के रख देते हैं। लेकिन इस शो के जरिए उन्हें भी प्रेरणा मिलेगी कि वह भी स्टार्टअप कर सके और भविष्य में एक सफल उद्योगपति बन सके।
- शो में जो निर्णायक की भूमिका में हैं, वह कोई छोटे या बड़े पर्दे के कलाकार नहीं है बल्कि असल जिंदगी में बिजनेसमैन/विमैन है, जो लोकप्रिय कंपनियों का मालिकाना हक रखते हैं।
- सार्क शो में ने आइडिया वाले स्टार्टअप शुरू करने वाले एंटरप्रेन्योर भाग लेकर जजेस जिन्हें सार्क्स कहा जाता है, उनके सामने विवरण सहित प्रस्तुत करते हैं। सभी जज यानि शार्क्स अलग-अलग क्षेत्रों में एक सफल उद्यमी है।
- शार्क टैंक इंडिया रियालिटी शो से बहुत ही भिन्न है। यहां आने वाले परफॉर्मर को केवल एक ही बार परफॉर्म करना होता है और इन्हें किसी दूसरे कंटेंस्टेंट के साथ सीधा मुकाबला या कंपटीशन नहीं करना होता है।
- सार्क शो में यह कंटेंस्टेंट निर्णायकों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताते हैं कि इनका बिजनेस भविष्य में कितना मुनाफा देगा और कितना कारगर हो सकता है।
- शार्क्स को अपने बिजनेस में निवेश करने के लिए इंप्रेस करते हैं, जिसके बदले में उन्हें कुछ प्रतिशत की हिस्सेदारी की पेशकश करते हैं।
धन की आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से ही शो में हिस्सा लेते हैं। शार्क्स/Sarks को बिजनेस आइडिया पसंद आने पर निवेश करने के लिए राजी हो जाते हैं।
शार्क टैंक इंडिया का पब्लिक को फायदा
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- भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में जब कोई भी रियालिटी शो टेलीविजन पर प्रसारित किया जाता है, तो आम दर्शकों को ज्ञान, विज्ञान और मनोरंजन प्रदान करता है।
- हालांकि शो तो बहुत मजेदार होता है लेकिन पिचर और शार्क्स के बीच बिजनेस संबंधित होने वाले डिस्कशन में उपयोग किए जाने वाले शब्दों का जब तक आपको अर्थ नहीं पता होगा तब तक आप इस शो का अच्छे से आनंद नहीं ले पाएंगे।
- शार्क टैंक इंडिया शो में प्रयोग होने वाले कुछ महत्वपूर्ण शब्दों का अर्थ इसमें प्रयोग होने वाले शब्दों के शब्दकोश की एक वेबसाइट भी बना रखी है।
शार्क टैंक बिजनेस आधारित रियलिटी शो है। इस शो में कई ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो बिजनेस से संबंधित है और उन शब्दों को खासकर बिजनेस, कॉमर्स और फाइनेंस जैसे विषयों में दिलचस्पी रखने वाले लोग ही समझ सकते हैं।
इक्विटी (Equity) का मतलब
- इक्विटी का अर्थ होता है किसी के व्यवसाय में यदि हम निवेश करते हैं तो कितना मालिकाना हिस्सा मिलेगा। मान लीजिए कि कोई पार्टिसिपेंट्स शार्क्स के सामने अपने बिजनेस आइडिया को बताता है और कहता है कि एक करोड़ निवेश के बदले में 10 परसेंट का इक्विटी देगा।
- तो इसका अर्थ यह हुआ कि यदि किसी शार्क्स को पार्टिसिपेंट का बिजनेस आइडिया पसंद आ गया और यदि वह उसके बिजनेस में 1 CR निवेश कर देता है, तो उसके बदले में उस बिजनेस से होने वाले फायदे में 10% का मुनाफा शार्क्स को मिलेगा। इस तरह साधारण भाषा में इक्विटी का अर्थ है किसी भी बिजनेस में लगाए गए निवेश से मिलने वाला मालिकाना हक।
ग्रॉस सेल्स (Gross Sales) का अर्थ
- ग्रॉस सेल किसी कंपनी के द्वारा एक साल में कुल कितने रुपए के सामान बेचे गए, उसी को कहते हैं। मान लीजिए कि किसी कंपनी के एक प्रोडक्ट की कीमत ₹30 है और वह कंपनी 1 साल में 3 लाख प्रोडक्ट बेचती है तो उस कंपनी का ग्रॉस सेल्स 90 लाख रुपए होगा।
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नेट सेल्स (Net Sales)
- नेट सेल्स को हम इस तरह समझ सकते हैं कि मान लीजिए कोई कंपनी किसी एक प्रोडक्ट पर ₹ 5 लाख की gross-sell करती है। बाद में उस कंपनी को किसी ऑफर के तहत ₹ एक लाख का नेट डिस्काउंट या फिर प्रोडक्ट के खराब होने के चलते कस्टमर को ₹50000 के एलाउंसेस देने पड़े हैं तो अब कंपनी की नेट सेल्स 350000/- मानी जाएगी।
पेटेंट (Patent) क्या होता है
- पेटेंट एक तौर पर किसी प्रोडक्ट पर अपने नाम का लगाया गया थप्पा होता है। मान लीजिए कि आपने कोई नई चीज का आविष्कार किया है और फिर उसका पेटेंट अपने नाम करा लिया है तो अब उस आइटम पर आपके नाम का ठप्पा लग गया है।
- यानी कि अब आपके अलावा कोई भी उस आइटम को नहीं बना सकता और यदि कोई और उस तरह के आइटम को बेचना या इस्तेमाल करना चाहेगा तो उसे सबसे पहले आपकी परमिशन लेनी पड़ेगी। इस तरीके से पेटेंट आइटम को बिना इजाजत के कॉपी नहीं कर सकते।
- रेवेन्यू (Revenue)
रेवेन्यू यानी कि कमाई होता है। कोई भी कंपनी नेट सेल्स, सर्विसिंग इनकम, इन्वेस्टमेंट इनकम सभी को मिलाकर, अपने बिजनेस से कुल जितना पैसा इकट्ठा करता है, उसी को रिवेन्यू कहते हैं।
नेट रेवेन्यू (Net Revenue) का आंकलन
- किसी प्रोडक्ट को बनाने के लिए लगी गई कुल लागत, प्रोडक्ट कोस्ट, डिस्काउंट इन सभी खर्चों को काटकर जो फायदा होता है, उसी को नेट रिवेन्यू बोलते हैं।
- लेकिन बहुत बार ऐसा होता है कि बिजनेस में नेट सेल्स तो अच्छी होती है लेकिन प्रोडक्ट की बिक्री के लिए किए गए खर्चे और बाकी सभी तरह की लागत मिलाकर नैटसेल से ज्यादा हो जाता है, जिस कारण कई बार धंधा नुकसान में चला जाता है। इसीलिए कोई भी निवेशक किसी भी बिजनेस में पैसे लगाने से पहले नेट रिवेन्यू के बारे में एक बार जरूर सोचते हैं।
रॉयल्टी (Royalty) केसे निकालें
- कोई एक कंपनी अपने प्रोडक्ट पर ट्रेडमार्क या कोई पेटेंट लगा कर बेचती है ताकि उस कंपनी के बारे में हर एक व्यक्ति को पता चले। लेकिन मान लीजिए उस कंपनी के इस प्रोडक्ट को किसी थर्ड पार्टी के द्वारा बेचा जा रहा है, तो थर्ड पार्टी के द्वारा उस प्रोडक्ट को बनाने वाली कंपनी को हर एक प्रोडक्ट पीस की सेल प्राइस का कुछ हिस्सा देना पड़ेगा, उसीको रॉयल्टी कहा जाता है।
मार्जिन (Margin) का महत्व
- मार्जिन शब्द का प्रयोग लगभग हर तरह के व्यवसाय में होता है। मार्जिन एक तरह का लाभ होता है और यह लाभ प्रोडक्ट की बिक्री कीमत और उसके लागत के बीच का अंतर होता है।
- मान लीजिए कि यदि कोई प्रोडक्ट ₹10 में बेचा जा रहा है और उस प्रोडक्ट को बनाने के लिए उपयोग किए गए कच्चे माल, उसकी डिलीवरी, बिजली इत्यादि का खर्चा इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद प्रोडक्ट को बनाने में ₹5 की लागत आया।
- तो यहां पर इस प्रोडक्ट को ₹10 में बेच कर ₹5 का मार्जिन कमाया जा रहा है। या फिर हम कह सकते हैं कि उस प्रोडक्ट पर 50% का मार्जिन कमाया जा रहा है। इस तरह किसी भी प्रोडक्ट की जो बिक्री कीमत होती है, उसमें उस प्रोडक्ट को बनाने में लगे लागत को घटाने के बाद जो लाभ प्राप्त होता है, वही मार्जिन कहलाता है।
ओवरहेड (Overhead) के मायने
- ओवरहेड होता तो है एक तरह का लागत ही लेकिन यह लागत कंपनी के प्रोडक्शन से सीधे नहीं जुड़ा होता है। यह लागत कच्चे माल, पैकेजिंग, डिलीवरी, लेबर पोस्ट, ऑफिस या गोदाम का किराया, इंश्योरेंस, लीगल फिस जैसी चीजों पर किया जाने वाला खर्चा होता है।
परचेज़ आर्डर (Purchase order) (PO)
- परचेज ऑर्डर एक एग्रीमेंट होता है, जिससे तय होता है कि प्रोडक्ट खरीदने वाला व्यक्ति या कोई यदि बिजनेस कर रहा है तो वह किसी अन्य सप्लायर से किस रेट पर कितने पीस प्रोडक्ट खरीदेगा।
ट्रेडमार्क क्यों जरूरी है
- ट्रेडमार्क लगभग हर तरह की प्रोडक्ट में देखने को मिलता है। कंपनी अपने बनाए हर प्रोडक्ट में ट्रेडमार्क का प्रयोग करती है ताकि उस प्रोडक्ट की कॉपी बिना उनके परमिशन के कोई और ना कर सके।
- एप्पल का iphone हो या flipkart का कोई प्रोडक्ट, उसमें आपने एप्पल कंपनी का आधा कटा हुआ सेब और flipkart कंपनी का थेले का लॉगो जरूर देखा होगा। यह कंपनी के द्वारा प्रयोग किए जाने वाले ट्रेडमार्क है।
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