- आयुर्वेद के सबसे महंगा और बहुमूल्य तेल कुमकुमादि ऑयल बनाने की विधि अन्य ओषधि तेलों से सर्वथा भिन्न होती है और कुमकुमादि तेल के निर्माण में 40 से 45 दिन का समय लगता है।
- कुमकुमादि तेल का मुख्य घटक केसर है और केसर के अलावा इसमें 56 जड़ी बूटियों का काढ़ा था एसटीवी होता है। इसकी खोज महर्षि अंगारक ने 5000 साल पहले को थी।
- कुमकुमादि तेल के निर्माण की प्रक्रिया बहुत जटिल और श्रमसाध्य है।
कुंकुमादि तेलम/सीरम बनाने की विधि..
- आयुर्वेदिक सभी जड़ीबूटियों को जौकुट करके 16 गुने पानी में 24 से 36 घण्टे तक गलाकर छोड़ दिया जाता है।
- तत्पश्चात 5 से 7 दिनों तक मंद अग्नि पर इसको 1/4 भाग काढ़ा रहने तक उबालते हैं। इसके बाद ठंडा होने पर छानकर काढ़े को 15 के 20 दिन तक मंदी आंच पर तिली आदि तेलों में पकाकर, जैतून, बादाम, मालकांगनी मिलाकर अमृतम कुमकुमादि तेल 45 दिनों में तैयार हो पाता है।
कैसे, क्यों चली जाती है-चेहरे की चमक…
- आयुर्वेद के अनुसार– तन में तनिक सी विटामिन्स की कमी, चेहरे के निखारने, मेकअप या खूबसूरत बनाके लिए सिंथेटिक तथा निम्न दर्जे के उत्पादों का उपयोग, और अधूरी नींद, कब्ज, अपचन, मानसिक अशांति, हार्मोनल चेंजेज आदि अनेक वजहों से चेहरे की त्वचा फीकी पड़ने लगती है।
चेहरे खाल खत्म हो जाती है, केमिकल्स की क्रूरता से
- बिना जांचे-परखे केमिकल युक्त पदार्थ के इस्तेमाल करने के फलस्वरूप धीरे-धीरे फेस पर फुंसियां, कील-मुँहासे, काले धब्बे, झुर्रियां, होने से चेहरा निस्तेज हो जाता है। कम उम्र में आकर्षण कम होकर बुढ़ापे के लक्षण प्रकट होने लगते हैं।
- त्वचा की समस्त समस्याओं से बचने के लिए आयुर्वेद में हानिरहित अनेकों उपाय लिखे हैं। जिसमें कुंकुमादि तेल बहुत ही बहुमूल्य ओषधि है।
- अमृतम द्वारा निर्मित कुमकुमादि तेल, जो केशर आदि 35 जड़ीबूटियों के रस तथा काढ़े से निर्मित है। बस इसे सुबह स्नान के पहले या पश्चात और रात सोने से पहले 2 से से 3 बून्द एक माह तक निरन्तर लगाना है।
- सभी मौसम में कारगर-कुंकुमादि तेल…अत्यधिक ठंड के मौसम में त्वचा सूखी और बेजान Dry skin हो जाती है या गर्मी के गर्म मौसम का सर्वाधिक खराब असर हमारी त्वचा/स्किन पर होता है। इसकी उचित देखभाल एवं बेहतरीन ट्रीटमेंट के लिए कुंकुमादि तेल सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा है।
- कुंकुमादि तेल से मालिश करें, तो शरीर का होगा कायाकल्प… यदि आप अधिक धन व्यय कर सकें, तो एक महीने पूरे शरीर में एक बार में 25 से 30 मि.ली. लगाकर अभ्यंग मालिश कर सकते हैं।
कुमकुमादि तेल के कुदरती फायदे…
- देह में प्रतिजैविक रोगाणुरोधी यौगिकों का व्यापक समूह होता है, जिसका उपयोग कवक और प्रोटोजोआ सहित सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने वाले जीवाणुओं के कारण हुए संक्रमण के इलाज के लिए होता है।
- कुंकुमादि तेलम/सीरम में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-ह्यपरपिगमेंटशन, मॉइस्चराइजर, डेमल्सेण्ट, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-प्रुरितिक, कुदरती व नेचुरल सनस्क्रीन गुण होते हैं।
- कुमकुमादि तेल पुराने से पुराने कील-मुंहासे, झुर्रियां, दाग-धब्बे, कालापन एवं चेहरे की समस्याओं से पीड़ित स्त्री-पुरुषों के लिए अति उत्तम आयुर्वेदिक ओषधि है।
- कुंकुमादि तेल पूर्णतः हानिरहित, बिना साइड इफ़ेक्ट के एक प्राकृतिक त्वचानिखार उपचार है।
- कुंकुमादि तेल के नियमित उपयोग से आंखों की रोशनी भी बढ़ सकती है। ढ़ीली त्वचा टाइट हो जाती है।
- कुंकुमादि तेल में मूल घटक केसर है, जिसका आयुर्वेद शास्त्र, चरक सहिंता, ऋग्वेद आदि में इसके आलौकिक औषधीय गुणों और अद्भुत विशेषताओं का वर्णन किया है। बताया गया है कि-त्वचा को निखारने के लिए केशर के मुकाबले सृष्टि में अन्य कोई दूसरी ओषधि है ही नहीं।
- केशर शरीर के सभी अवयवों, नाड़ियों एवं त्वचा की देखभाल, पोषण, रक्षण तथा सौन्दर्यवर्धन के लिए प्रतिपादित किया गया है।
- कुंकुमादि तेल लगाने से त्वचा पर केश के पास में होने वाला कालापन दूर होकर त्वचा सतेज, सुन्दर, खूबसूरत और चमकदार लगती है।
- कील-मुँहासे, पिम्पल्स, आंखों के नीचे के काले निशान जड़ से मिटाता है।
- आयुर्वेद में इसे अत्यंत उपयोगी माना है। जिनके चेहरे पर बड़े मस्से हों, तिल हो, दाग हों ओंठ अटपटे या मोटे हों इन सब खामियों को कम कर वर्ण को निखारकर और रंग साफ करता है।
- कुंकुमादि तेल चेहरे की गौरा बनाने में सहायक है।
- कुंकुमादि तेल त्वचा को चमकाता है और निखार लाता है। यह हाइपरपिग्मेंटेशन रंग बदलने में सहायक है।
- कुंकुमादि तेल रासायनिक आधारित क्रीम की तुलना में त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमद है।
- कुंकुमादि तेल आयुर्वेद का एक उत्तम प्रोडक्ट है और इसका हमारे चेहरे पर कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है।
- कुंकुमादि तेल शुष्क या रूखी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे हम मॉइशर के तोर पर भी उपयोग में लाते है।
- कुंकुमादि तेल त्वचा से सबंधित सभी रोगो को ख़त्म करता है।
- कुंकुमादि तेल चेहरे के ऊपर से काले धब्बे और आखो के नीचे होने वाले काले घेरे को ख़त्म करने का काम करता है।
- मुँहासे मिटाने में भी कुंकुमादि तेल का उपयोग किया जाता है।
- पित्तदोष एवं संक्रमण नाशक कुंकुमादि तेलम…इस तेल का उपयोग नाक के लिए भी किया जाता है। नाक में इसके ३-४ बून्द डालने पर पित्त को ठीक कर संक्रमण दूर करता है।
- कुंकुमादि तेल को त्वचा पर लगाने से उसकी कोशिका निकल जाती है। जिससे चेहरा चमकता है।
- कुंकुमादि तेल चेहरे पर मालिश करने से रक्तसंचार यानि ब्लड सर्कुलेशन ठीक हो जाता है। इस तेल को चेहरे पर लगाने से झुर्रियां साफ हो जाती है।
- कुंकुमादि तेल त्वचा में होने वाली सूजन को रोककर मस्से मिटाता है।
- कुंकुमादि तेल का उपयोग घाव के निशान, चकत्ते को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।
- कुंकुमादि तेल सदियों से एक बेहतरीन सौंदर्य या ब्यूटी उत्पाद है।
- कुंकुमादि तेल के नुकसान/ साइड इफ़ेक्ट…कुंकुमादि तेल का उपयोग करने से त्वचा को कोई नुकसान नहीं होता। जो लोग ज्यादा रसायनिक/केमिकल युक्त क्रीम का उपयोग करते हैं, उन्हें कुछ समय के लिए चेहरे पर खुजली होना, गाल पर लाल चकत्ते हो सकते हैं।
- लेकिन धैर्य और विश्वास के साथ लगाते रहें। कुंकुमादि तेलम के इस्तेमाल से आप सदा के लिए खुश रह सकते हैं।
- शरीर में रक्त सम्बन्धी दोष हों या खून की खराबी हो, तो Skinkey malt स्किन की माल्ट एक महीने जल या दूध से सेवन करें।
- आयुर्वेद हमें सेहत सम्बन्धी अनेक तरह की तकलीफों से बचाता है। कुंकुमादि तेल का उपयोग केवल बाहरी यूज़ के लिए किया जाता है।
- कुंकुमादि तेल बुढ़ापे से बचाये-समृद्धि बढ़ाये….बुढ़ापे से बचने के लिए प्रत्येक शुक्रवार को पूरे शरीर की मालिश करने से विशेष भाग्योदय भी होने लगता है।क्योंकि भौतिक सम्पदा के दाता शुक्र ग्रह हैं, जो इस बहुमूल्य तेलम के अभ्यङ्ग से बहुत प्रसन्न होते हैं। यह प्रयोग भी एक बार आजमा कर देखें।
- सम्मोहन शक्ति वृद्धिकारक कुंकुमादि तेल… बड़े-बड़े महात्मा, सन्त, अवधूत कुंकुम यानि केशर को घिसे हुए चन्दन में अच्छी तरह फेंटकर इसका लेप का माथे पर त्रिपुण्ड या टीका लगाते हैं, जिससे उनमें विशेष आकर्षण आने लगता है।
- शिव रहस्योपनिषद और भविष्यपुराण के तिलक-टीका अध्याय में सम्मोहन विद्या प्राप्ति के कुछ दुर्लभ प्रयोग बताये गये हैं।
कुंकुमादि तेल की मालिश से लाभ…क्या होंगे।
- इसकी मालिश से त्वचा की सारी सूक्ष्म गन्दगी बाहर निकल जाती है।
- कुछ ही दिनों में चेहरे पर खूबसूरती का एहसास आप स्वयं करने लगेंगे।
- कुमकुमादि तेल पूर्णतः साइड इफ़ेक्ट रहित हर्बल ऑयल है।
- आयुर्वेद टेक्स्टबुक के मुताबिक इसके हजारों साइड बेनिफिट हैं।
पैकिंग- 12 मिलीलीटर कांच की बोतल में
Amrutam Kumkumadi Oil | Ayurvedic Recipe for Skin Radiance
मूल्य- ₹ 1599/–
- आयुर्वेदिक उत्पादों का रंग प्राकृतिक अवयवों से है, इसलिए यह समय के साथ थोड़ा बदल सकता है – हालांकि उत्पाद की प्रभावकारिता में कोई फर्क नहीं आता है यानि अपरिवर्तित रहती है।
कुंकुमादि तेल में मिले घटकों का छाया चित्र…
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