Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • प्यार में धोखा कौन देता है ?

    कलयुगी प्यार में भावुकता को पाप माना जा रहा है। सच्चे प्रेमी भिखारी की जीवन जीते हैं। तुम्हारी गली से गुजरते तो केसे तगड़ी उधारी थी तुम्हारी गली में। मोहब्बत की केपिटल लुटाते लूटते हो गए भिखारी तुमरी गली में। आज का प्यार कुंवार के महीने का इंतजार नहीं करता। शुक्रवार को इजहार होकर लड़की…

  • क्या सभी नेताओं को अपनी पेंशन त्याग देना चाहिए ?

    नेता हमेशा लेता है उसका कभी पेट नहीं भरता। एक नेता से किसी लड़की को भारी प्यार हो गया। वो इतनी अधिक प्रभावित थी कि अपना सब कुछ न्यौछावर कर देना चाहती थी यानी वो समर्पण को आतुर थी। फिर एक दिन नेता जी ने अपने मित्रों के साथ उसका लोकार्पण कर दिया। लड़की का…

  • क्या आप मुझे शिव सहस्त्रनाम स्तोत्र बता सकते है केवल सहस्त्रनाम नहीं बल्कि स्तोत्र ?

    करीब 40 साल पूर्व दिल्ली के कबाड़ी के यहां अनेकों प्राचीन जीर्ण शीर्ण ग्रंथ पुस्तकें लेकर उन्हें लेमिनेशन कराकर सुरक्षित रख लिए। नीचे चित्र में भगवान शिव के 1000 नाम उसी मूल पुस्तक चित्र अंकित कर रहे हैं।

  • Eyeflue तेजी से बढ़ रहा है इस से बचाने के लिये उपायों क्या था ?

    यदि आपको आंखों से निकलने वाली आंखों के जलन और लालिमा जैसे लक्षण हो रहे हैं, तो यह “eyeflu” या आंखों से पानी बहने की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए कुछ उपायों को ध्यान में रखें:  अपनी आँखों को धोने का तरीका: अपनी आंखों को गरम पानी से धोने की कोशिश करें।…

  • भगवान शिव का नाम नीलकंठ कैसे पड़ा ?

    समुद्र मंथन के उपरांत निकले हलाल को जब महादेव को पीना पड़ा, तो उन्होंने इसे कंठ में धारण कर लिया था। भोलेनाथ का कंठ नीला होने के कारण इनका एक नाम नीलकंठ भी प्रसिद्ध हुआ। भारत में सिद्ध नीलकंठ मंदिर कुल 12 है, जो स्वयंभू रूप में स्थित हैं। विस्तार आगे फिर लिखेंगे। इस लेख…

  • परशुराम में ऐसा क्या खास था जो उन्हें भगवान बनाता है?

    भगवान परशुराम शिव जी के परम भक्त थे और भोलेनाथ से दीक्षा ग्रहण कर अनेक सिद्धियां पाकर दानवीर कर्ण को भी सिखाई थीं। अमरीतम पत्वा्रीका से साभार परशुराम जी के बारे में दुर्लभ जानकारी पढ़े… महादेव के परम शिष्य भगवान परशुराम अग्नि उपासक थे, इसी कारण उनका स्वभाव क्रोधी था। सृजन-पालन और संहार तीनो शक्तियों…

  • फिट कैसे रहें ?

    आयुर्वेद में फिट रहने की अनेकों किट और छोटे छोटे घरेलू सरल उपाय उपलब्ध हैं। इन्हें दैनिक जीवन में अपनाकर निरोग रह सकते हैं। रोज सुबह एक चम्मच गुलकंद सुबह साढ़े जल से सेवन करें। रात को 8 मुनक्के, जीरा, अजवाइन, सौंफ, धनिया, दालचीनी, नागकेशर सभी 250–250 mg 100 ग्राम पानी में गलाकर सुबह उबालकर…

  • ज्वर का ईलाज ?

    नीलकंठ का नित्य पाठ करने से अकाल मृत्यु, सभी प्रकार के ज्वर, मृत्यु भय, कुष्ठ रोग, भूत-प्रेतडाकिनी-शाकिनी- ब्रह्मराक्षस आदि बाधाएँ, मिर्गी रोग, सन्निपात, हिक्का (हिचकी रोग), कफ, श्वास, कास आदि रोग, सर्प भय तथा सर्प विष आदि के कष्ट दूर होते हैं। यदि किसी ने आप पर स्तम्भन (विकास की गति को रोक देना), मोहन…

  • क्या चवनप्राश सेहत के लिए अच्छा है ?

    हे भगवान! तुम्हारा चयन बिलकुल सही है, दोस्त! च्यवनप्राश तो है ही एक आयुर्वेदिक चमत्कार, अब तो इसे खाकर ही हम रहेंगे जवां और जिंदादिल। तुम्हारी सेहत का नायक च्यवनप्राश हर दिन के लिए तैयार है, जिसमें भरा हुआ है आमला, गुड़ूची, गोखरू, शतावरी और त्रिफला – सब कुछ एक साथ, बिना टिकाऊ रंग-बिरंगे केमिकल्स…

  • मेरा जन्म 19 सितंबर 1992 और जन्म का समय 1:30 दोपहर मुझे स्वास्थ संबंधित बहुत समस्या रहती है कृपया उपाय बताइए गुरुजी ?

    आपकी लग्न धनु है और राशि वृषभ। कुंडली में 4 ग्रह सूर्य, गुरु, शुक्र और बुध कन्या राशि में बैठकर संक्रमित हो गए हैं। फिलहाल लग्नेश गुरु की महादशा चल रही है फिर भी कोई लाभ नहीं होगा। बीमारी की वजह भी यही रहेगी। चंद्रमा के पीछे कोई ग्रह न होने से बिना मार्गदर्शन के…