Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • छोटी हरड़ और आंवला, बहेड़ा गुठली रहित हों, तभी त्रिफला फायदेमंद होता है। जाने त्रिफला की जरूरी बातें !!

    छोटी हरड़ और आंवला, बहेड़ा गुठली रहित हों, तभी त्रिफला फायदेमंद होता है। जाने त्रिफला की जरूरी बातें !!

    त्रिफला आयुर्वेद का हजारों साल पुराना योग है, जो पेट की अनेक बीमारियों को जड़ से मिटाता है। आंवला, छोटी या बाल हरड़ और बहेड़ा इन तीनों को गुठली लेकर साफ करें और पीसकर चूर्ण बनाएं। यह त्रिफला चूर्ण तैयार हो जाएगा। घर का बना हुआ त्रिफला चूर्ण सर्वश्रेष्ठ होता है। क्योंकि बाजार में बिकने…

  • पेट की बीमारी से मुक्ति के उपाय !!

    पेट की बीमारी से मुक्ति के उपाय !!

    नियम से चलने वाले व्यक्ति से यम दूर भागते हैं। पित्त का संतुलन बनाये रखने के लिए आयुर्वेदक लिवर टॉनिक Keyliv Strong Syrup सबसे सर्वश्रेष्ठ ओषधि है। स्वास्थ्य के लिए साथ ही मन को मजबूत बनाना ही मनुष्य का मुख्य कार्य है। पक्का मानो कि मन की मलिनता मन्त्र जाप से ही मिटती है। ये…

  • अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली, कोंच बीज आदि चूर्ण लेने की सेवन विधि या लेने का सही तरीका !!

    अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली, कोंच बीज आदि चूर्ण लेने की सेवन विधि या लेने का सही तरीका !!

    अश्वगंधा ऊर्जा शक्ति और बुद्धि बल बढ़ाने में उपयोगी है। द्रव्यगुण विज्ञान आयुर्वेदिक ग्रंथानुसार सुबह खाली पेट 2 gm अश्वगंधा पाउडर मुनक्के के दूध में उबाल कर खाली पेट लेवें और 2 घंटे तक कुछ भी न खाएं पिएं। अश्वगंधा चूर्ण एक दिन में 4 से 5 gm से अधिक न लेवें। अगर पाचन तंत्र…

  • डिप्रेशन कैसे मिटाएं !!

    डिप्रेशन कैसे मिटाएं !!

      डिप्रेशन से व्यक्ति का इंप्रेशन खत्म हो जाता है और दिमागी बीमारी है। डिप्रेशन से मुक्ति का एक मात्र उपाय ध्यान ही है। मस्तिष्क को विचार रहित बनाएं। जब दिमाग में खाली जगह होगी, तो नई सोच, नई उमंग आयेगी। हम खुद भी 2016 में एक बड़े नुकसान और धोखेबाजों के कारण भयंकर डिप्रेशन…

  • आयुर्वेद के ये नियम कभी बीमार नहीं होने देंगे।

    आयुर्वेद के ये नियम कभी बीमार नहीं होने देंगे।

    आयुर्वेद में अधिकांश दवाएं पाचन प्रणाली को ठीक और दुरुस्त करने वाली होती हैं। इससे वात, पित्त और कफ संतुलित होते हैं। घर के सभी मसाले कफ को संतुलित कर फेफडोंबको संक्रमण से बचाते हैं। किंतु गुगल ज्ञान के चलते मसालों का इस्तेमाल न के बराबर किया जा रहा है। इसके कारण काफ की वृद्धि…

  • डर क्यों सताता है

    डर क्यों सताता है

    पहले कहते थे कि जब कर नहीं, तो डर काहे का। व्यापारी को सरकार के कर का डर लगा रहता है। नारी को बीमारी का भय रहता है कि कहीं सुंदरता न नष्ट हो जाए। कुंवारी को धोखेबाज प्रेमी से डर लगता है। चरित्रहीन नर को नारी से डर लगता है। लेकिन एक दार ऐसा…

  • लिवर को दुरुस्त रखने का उपाय !!

    लिवर को दुरुस्त रखने का उपाय !!

    शरीर में भारी गंदगी ही यकृत रोग और पेट की बीमारियों के लिए जिम्मेदार होती है। दुनिया का सबसे बड़ा सुख है कि रात को लेते ही नींद आ जय और सुबह उठते ही पेट साफ हो जाए। बाकी सब मोह माया है। माधव निदान आयुर्वेद सार संग्रह, रस तन्त्र सार” और भावप्रकाश निघण्टु में…

  • सफेद मूसली के फायदे और सेवन विधि !!

    सफेद मूसली के फायदे और सेवन विधि !!

    द्रव्यगुण विज्ञान की अनुपाण विधि से कोई भी ओषधि अमृत है और जहर भी। अगर आपको सेवन विधि ज्ञात नहीं है तो। सफेद मूसली खाने से पहले आपका पाचन संस्थान मजबूत होना जरूरी है। क्योंकि अश्वगंधा, शतावरी, कोंच बीज, विदारीकंद, शिलाजीत आदि यौन वर्धक ओषधियां बाजीकारक होने से बहुत गरिष्ठ होती हैं और आसानी से…

  • नीम की पत्ती सुबह-सुबह खाने से क्या होता है ?

    नीम की पत्ती सुबह-सुबह खाने से क्या होता है ?

    नीम एक ऐसा हकीम है, जो आपको निरोगी भी बना सकता है और रोगी भी। नीम की नई कोपल ही फायदेमंद होती हैं और इसे केवल फरवरी से मई के मध्य ही एक दिन में 3 से चार कोपल ही खाना चाहिए अन्यथा पित्त का संतुलन बिगड़ सकता है। नीम जी आप जीवन और शरीर…

  • नीम से निर्मित हेयर स्पा, नीम तेल, नीम ब्रश विशेष उपयोगी है

    नीम से निर्मित हेयर स्पा, नीम तेल, नीम ब्रश विशेष उपयोगी है

    नीम को सावधानी पूर्वक सेवन करें, तो यह अमृत से भी अधिक गुणकारी है नहीं, तो नीम हकीम खतरा ए जान जैसा ही मानो। इस लेख द्वारा नीम फायदा करेगा। नुकसान बिलकुल भी नहीं। आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार नीम को नई कोपल ही सबसे अधिक लाभकारी है। यह समय होता है- चैत्र-वैशाख यानि मार्च-अप्रैल-मई तक…