Category: Amrutam Daily Lifestyle
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च्यवनप्राश हमेशा काँच की शीशी में पैक वाला ही ख़रीद कर सेवन करें! इसकी कीमत २०००/- तक हो सकती है-
अमृतं नाम च्यवनप्राशः, रोगान् निहन्ति सर्वतः। देहे बलं च वर्णं च, प्राणायामं विवर्धते॥ अमृतम च्यवनप्राश – उम्ररोधी जीवन का रहस्य धातुपुष्टिकरं श्रेष्ठं बलवर्णकरं परम्। आंवलेन हि युक्तं च्यवनप्राशं नृणां हितम्॥ (चरक संहिता) क्यों है यह उम्ररोधी हर्बल अमृत? अमृतम च्यवनप्राश सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, यह एंटी-एजिंग, इम्यूनिटी बूस्टर और शुक्रवर्धक टॉनिक है। मुख्य लाभ और चमत्कारी…
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सुंदरता का भ्रम! देह को क्रम से चलायें, तो सौंदर्य बढ़ेगा शर्म नहीं-
सौंदर्य क्या है? मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः। सौन्दर्यं न त्वयं रूपे, गुणे धर्मे च दृश्यते। मनःशुद्धौ स्थितं सौन्दर्यं, नैनं रूपेण लभ्यते॥ विज्ञान की दृष्टि से सौंदर्य
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ढोंग करने वाले लौंग का उपयोग ज़्यादा क्यों करते है?
कर्ण ने न छोड़ा धनुष्य, और लौंग ने न छोड़ा कर्णरोग लौंग का महाभारत–साइंस कनेक्शन! लौंग यानि कर्णफूल नाम क्यों? आयुर्वेद का रहस्य! कर्णरोगेषु हितं तिक्तं, वातकफप्रशमनम्। लवंगं रोगहर्ता च, दीपनीयं सुखप्रदम्॥ लौंग दिन में कितनी खाएं?—आयुर्वेदिक ज्ञान लौंग ज़्यादा खाई, उसकी भागी लुगाई! अधिक लौंग के नुकसान: धार्मिक दृष्टि से लौंग का आध्यात्मिक महत्व…
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दूध घी के क्या फायदे हैं?
मांस खाये चर्बी बढ़े, घी खाये खोपड़ा! मांस खाये चर्बी बढ़े, घी खाये खोपड़ा। दूध पियें, तो लिंग बढ़े, जो फाड़ डाले भोषड़ा। जाने दूध-घी के फायदे- अमृतं वै घृतं प्रोक्तं, पयः सोमस्य जन्मनि। घृतं मे चक्षुषे चक्षुः, घृतं मे मनसा मतिः। घृतं ब्रह्मा प्रजापतिः, घृतं नः सुकृतं कृतम्॥ अर्थात- घी मेरी दृष्टि, बुद्धि और…
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रं बीज मंत्र नाभि को जागृत करने के लिए श्रेष्ठ है। इस बीज मंत्र के अजपा जप से यह सिद्ध होने से नाभि में अमृत स्थापित हो जाता है। इससे अग्नि तत्व की वृद्धि होती है। रं बीज मंत्र की सिद्धि पाने के बाद यदि कोई दुरुपयोग करता है, उसका अंत हो जाता है। बाल्मीक…
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चंबल की नार
साझे का व्यापार! संपत्ति बेचकर ली गई कार! लंगोट का कच्चा यार हमेशा दुख देते हैं! चंबल की नार – दिल भी तेज, ड्राइविंग भी तेज़! स्त्रियो हि कारणं नूनं सर्ववर्णविनाशनम्। (मनुस्मृति) विश्वासो धनसंपत्तिर्मित्रं बन्धुश्च यः सदा। तं परिक्ष्य तु सेवेत, अन्यथा दुःखमावहेत्॥ साझे का व्यापार यानि दिल भी गया, माल भी गया! संपत्ति बेचकर…
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उत्तर दिशा है सिद्धि-समृद्धि का चमत्कारी क्षेत्र, जहाँ शिवजी की सम्पूर्ण सत्ता और ससुराल है
उत्तरं जलस्रवो नित्यं, तत्र तिष्ठन्ति देवताः। amrutam पत्रिका, ग्वालियर से साभार उत्तरं यत्र वहति हरिजलं शंभुभक्तेः प्रसादम्। तत्रैव तिष्ठति हरिः स्वयं भक्तवशो नित्यम्॥ उत्तर दिशा क्यों शुभ मानी गई है? शिवलिंग की जलहरि का अर्थ और रहस्य उत्तर का उत्तर- रहस्यमय उत्तर मस्तिष्क स्वरूप किंग- शिवलिंग
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मिट्टी के शिवलिंग बनाने से राहु दोष दूर होता है
मृत्तिका लिंगं सर्वेषां लिंगानां परमा स्मृता। मृत्तिका लिंगं पूज्यते सर्वपापविनाशनम्। धरण्या स्पर्शात् मनो नित्यम् स्थिरत्वं प्राप्नुयात्। अर्थात- धरती के स्पर्श से मन को स्थिरता प्राप्त होती है।
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BFeral malt के चमत्कारी फायदे
बलं वीर्यं च मे देहि, दीर्घायुः सुखमस्तु मे।
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लिंग को किंग बनाने वाला पेनिस oil
वीर्यं जीवनमामृतं। वीर्येण देहो धार्यते। तेल हेतुं ब्रह्मचर्यं न, मालिशेनोद्धारः। रात्रौ संयोगे सूच्यते, ‘गोल्डे’ मिश्रित सारः॥ उपयोग विधि लाभ (Therapeutic & Psychological Benefits) अश्वगंधा शतावर्याश्च, गोखरू तैलसंयुतम्। फेरेलं नाम तैलं तु, पतिं देवानिव कुर्यात्॥ यत्र मनो स्थिरं तत्र वीर्यं प्रवर्तते। वीर्यं जीवनमामृतं, तेन देहो ध्रियते।
