Category: Amrutam Daily Lifestyle
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गर्मी के मौसम में पेट की समस्यायों को केसे ठीक रखें !!
गर्मियों में पेट में अनेक तरह की समस्या और व्याधियां उत्पन्न होने लगती है। इस समय ठंडे पे पदार्थ, आयुर्वेदिक ठंडाई का सेवन करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। Amrutam Premium Thandai। Spring Special Rs. 249.00 Qty: 1 Bottle of 100ML Start this Spring season the right way with Amrutam Premium Thandai Syrup. A traditional and…
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हल्दी, नीम, लोकी, जूस, करेला रस, अदरक चूर्ण आदि चीजे कब केसे, कितनी लेनी चाहिए !!
लोग इधर उधर की जानकारी जुटाकर कुछ भी खा पी रहे हैं। यही अज्ञानता उन्हें बीमार बना रही है। आयुर्वेद के अनेक ग्रंथों में अनुमान विधि का वर्णन है। द्रव्यगुण विज्ञान के मुताबिक एक दिन में लोकी का जूस 10ml से 15 ML तक ही लेना फायदेमंद है। इससे अधिक लेने पर मेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर की…
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मात्र 15 दिनों में ही लिंग को मोटा कर लम्बाई भी बढ़ाता है -amrutam Kumkumadi oil
आयुर्वेद के योग रत्नाकर ग्रंथ के अनुसार बहुमूल्य ओषधि तेल Kumkumadi Oil नित्य प्रतिदिन सुबह की धाम में बैठकर पूरे शरीर की मालिश करने से अस्थियां मजबूत होती हैं ओर लिंग मोटा तथा कठोर होने लगता है। चिकित्सा चंद्रोदय के हिसाब से अकेले पेनिस पर तेल लगाने से कोई ज्यादा अंतर नहीं आता। क्योंकि लिंग…
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सेक्सुअल पावर बढ़ाने वाली एक ऐसी दवा, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत कर पाचन सुधारती है !!
सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए ज्यादा घरेलू उपाय, शिलाजीत, अश्वगंधा आदि का इस्तेमाल करना नुकसान दायक हो सकता है। इस तरह के इलाज फायदे की जगह हानि पहुंचाते हैं। द्रव्यगुण विज्ञान नामक ग्रंथ में सभी पोष्टिक खाद्य पदार्थ और बाजीकारक औषधियों के गुण, प्रयोग, उपयोग का तरीका, फायदे के बारे में विस्तार से बताया है।…
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इंसान के अंदर ही उसका मान, सम्मान, शान छुपी है। शिव है, तो इंसान शमशान से दूर है।
इंसान के अंदर ही सारी शक्तियां का वास होता है। यत पिंडे, तत ब्रह्मांडे के मुताबिक जो भी कुछ इस संसार में दिखता है। वही सब कुछ हमारे अंदर है। श्रीमद्भागवत गीता के चौथे, पांचवे अध्याय का अध्ययन करे, तो समझ आयेगा। इंसान का मस्तिष्क शिवलिंग की तरह होता है। इस जीर्ण शीर्ण शिवालय को…
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प्यार में अब एतवार क्यों नहीं। भरोसा उठ रहा है। सच्चा प्यार क्या होता है !!
प्यार का त्योहार ऐसा है चैत्र का महीना भी क्वांर मास की तरह लगता है। आपको पता होगा की क्वांर के महीने में कुत्ते के सामने बहुत हिनहिनाते हैं और इस माह में कुत्तों में सर्वाधिक कामवासना भरी होती है। कुत्ते सेक्सी हो जाते हैं। इसी महीने में कुत्ते ज्यादा सेक्स करते हैं। प्यार में…
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राहु के दुष्प्रभाव और गुरु की कमजोरी से होते हैं पेट रोग !!
गुरु ग्रह के कमजोर होने और राहु से निर्मित ग्रहण योग के कारण पेट में अकसर बीमारी बनी रहती है। राहु के नक्षत्र में जन्मे और राहु की महादशा वाले जातक कभी कभी पेट रोग के कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं। राहु को सर्वाधिक भय कालमेघ से लगता है और कलरम से…
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आयुर्वेद ओषधियां द्वारा बिना ऑपरेशन के डिप्रेशन मिटाया जा सकता है
आजकल अवसाद रूपी रोग दिमाग की खाद खाए जा रहा है। आयुर्वेद में डिप्रेशन से बचने की दवा उपलब्ध हैं। मानसिक रोग,अवसाद (डिप्रेशन) को आयुर्वेद चिकित्सा से ठीक किया जा सकता है। वर्तमान में दिमाग की दीमक को मारकर मन चंगा,तन की तंदरुस्ती एवं ब्रेन को तेज कर ताकतवर बनाने के लिए तथा जीवन खुशनुमा…
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योग और साधक में अंतर क्या है?
मनुष्य की जितनी भी अवस्थाएं हैं उनमें योग सर्वोच्च अवस्था है। वह अवस्था अति दुर्लभ हैं। जिसे प्राप्त करने के लिए देवगण भी लालायित रहते हैं। वास्तव में योग ऐसी अवस्था है जिसे प्राप्त कर मनुष्य असम्भव से असम्भव कार्य कर सकने में समर्थ होता हैं। एक परम उच्च अवस्था प्राप्त सिद्ध योगी के लिए कुछ भी…
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500 से ज्यादा असाध्य रोगों को ठीक कर सकता है आयुर्वेद
आयुर्वेद एक ऐसी प्राकृतिक चिकित्सा है, जो शरीर के समस्त सिस्टम को ठीक करते हुए बीमारी को हमेशा के लिए जड़ से खत्म करता है। वात, पित्त और कफ को संतुलित कर आयुर्वेद जीने की रह आसान बनाता है और जल्दी बुढ़ापा नहीं आने देता। आयुर्वेद के 5000 वर्ष प्राचीन ग्रंथ जैसे अष्टांग ह्रदय, चिकित्सा…