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पेट में गैस बनना इस समस्या का सबसे कारगर उपाय कौन सा है?
केवल गुलकण्ड खाने के बाद खाएं और भोजन से पहले आयुर्वेदिक लिवर टॉनिक एक गिलास पानी में 2 चम्मच मिलाकर पिएं।पेट की 100 समस्याओं का समाधान हो जाएगा। Key liv strong Syrup अमेजन, Amala earth पर ऑनलाइन मिल जाएगा। भूलकर भी पेट का इलाज अंग्रेजी दवाओं से न करें। बर्बाद हो जाएंगे।
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कौन-कौन सी बीमारियां दूर होती हैं नारियल के पानी से ?
नारियल का नारियल पानी जहां हमें ठंडक प्रदान करता है वही नारियल का पानी अनेक बीमारियों को ठीक करने में भी काफी सहायक होता है। नारियल के पानी से अनेकों बीमारियां ठीक होती हैं। नारियल का पानी पीने वाले लोगों के बाल भी चमकदार और काले काले दिखाई देते हैं। नारियल का पानी जहाँ हमारी…
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फेफड़ों की सुरक्षा हेतु सर्दी में च्यवनप्राश अवश्य खाएं !!
केवल अश्वर्ग युक्त च्यवनप्राश ही आपको सर्दी से बचा सकता है। यह फेफड़ों को संक्रमण और बुढ़ापा आने से रोकता है। से रोकता है। आयुर्वेदाचार्य महर्षि च्यवन ने 5000 साल पहले खुद को युवा बनाने के लिए च्यवनप्राश का अविष्कार किया था। च्यवनप्राश को पूरी सर्दी सम्पूर्ण परिवार को खिलाने से साल भर कोई रोग…
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चेहरे पर बुढापा, ढीली त्वचा रोकने का सरल आयुर्वेदिक उपचार घर बैठे करें !!
फेस क्लीनअप का फार्मूला Product Details Material Badam [Prunus amygdalus Fruit] 1 gm, Ghrit Kumari [Aloe barbadensis leaf] 1 gm, Khus-khus [Cannabis Indica Fruit] 1 gm, Chironji [Buchanania Lanzan Fruit] 1 gm, Kesar [Crocus sativus style & stigma] 200mg, Yashad Bhasam [Ayurvedic classical medicine A.F.I.] 500 mg, Haldi Powder [Curcuma long Root] 1 gm, Chandan Powder…
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मालिश के फायदे। ठंड में अभ्यंग जरूरी है अन्यथा स्किन हो जायेगी खराब !!
सर्दियों में ओषधि तेल की मालिश बहुत जरूरी है अन्यथा त्वचा, फटने, सिकुड़ने लगती है और स्क्रेचज पड़ने लगते हैं। पुराने समय में बुजुग लोग नहाने को पहले या बाद में पूरे शरीर में चंदन बलालक्षादि तेल, सोमरा जी तेल, बकुची तेल का उपयोग करते थे। इस कारण उनकी त्वचा बुढ़ापे में भी चमकती, दमकती…
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आयुर्वेदिक दवाएं स्त्रियों के गुप्त रोग मिटाकर खूबसूरती बढ़ाती हैं !!
आयुर्वेद अमृत है। इसके अविष्कारक भगवान शिव हैं। यह वेद से उत्पन्न है। बाबा वैद्यनाथ ने सर्वप्रथम ये ज्ञान नदी को दिया था। नदी गैन ने त्रिदेव ओर सप्तर्षि को दिया। आगे अनेक आयुर्वेदाचार्यों ने आयुर्वेद को आगे बढ़ाया। आयुर्वेद की सबसे अच्छी बात यह है कि ये बीमारी दूर करने साथ साथ शरीर के…
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पेट की बीमारियों का आयुर्वेदिक उपचार !!
आयुर्वेद में औषधि अनुपान का विशेष महत्व है। अगर नियम अनुसार उपयोग करेंगे, तो आयुर्वेद अमृत है। आजकल ऑनलाइन मार्किट में त्रिफला, आवंला मुरबा, हरड़ मुरब्बा आदि से निर्मित आयुर्वेदिक अवलेह कुछ खास कम्पनियों ने लॉन्च किए हैं। आप Keyliv Malt अमेजन, amalaearth, amrutam पर सर्च कर सेवन कर सकते हैं। गूगल से साभार Amrutam…
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ठंड से राहत देता है च्यवनप्राश और गर्मी बनाये रखता है।
सभी तरह की सर्दी, खांसी, जुकाम, निमोनिया, फेफड़ों की खराबी से बचने के लिए ठंड के मौसम में च्यवनप्राश का सेवन पूरे परिवार को करना काफी फायदेमंद रहता है। आप पूरी सर्दी अष्टवर्ग युक्त च्यवनप्राश दूध के साथ दो बार सेवन करें। अष्टवर्ग जड़ी बूटियों के नाम Kaknasha, Ridhi, Vridhi, Jeevak, Rihbhak, Meda, Mahameda, Kakoli,…
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बच्चों की मालिश से दूर रहते हैं रोग और दिमाग तेज होता है !!
चिकित्सा चंद्रोदय ग्रंथ के अनुसार बेबी केयर तेल की मालिश करने से बच्चों को सर्दी, जुकाम, निमोनिया, पसली चलना आदि विकार नहीं होते और बुढ़ापे तक कभी कोई बीमारी नहीं होती। आयुर्वेदिक ओषधि तेल की मालिश के फायदे सुबह की धूप शिशु, बच्चे के शरीर में सभी अवयवों, कोशिकाओं और नलकूप खोलकर तन-मन में मस्ती-चुस्ती,…
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च्यवनप्राश के दुर्लभ रहस्य और फार्मूला जानकार हैरान हो जाएंगे। असली च्यवनप्राश में डलती हैं 54 जड़ी बूटी !!
असली च्यवनप्राश 5000 साल पुराना फार्मूला से तैयार होता है और कच्चे आमले से बनता है और यह विशेष आठ जड़ी बूटी के अलावा 54 जड़ी बूटियों से निर्मित होता है। सर्दी, खांसी, जुकाम, निमोनिया, ज्वर से बचाव के लिए च्यवनप्राश अवश्य खाएं। ये बुढ़ापा रोकने का अचूक उपचार है। असली च्यवनप्राश ग्लास बॉटल मेंअष्टवर्ग …
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