अनेकों पाठकों ने लिखे अमृतम पत्रिका के अनुभव कि अमृतम ने हमारा जीवन बदल दिया!

  जाने जीवन को को कैसे स्वस्थ्य, समृद्ध बना सकते हैं। प्राचीन कुछ नियमों को अपनाकर आप अपना जीवन बदल सकते हो। स्वास्थ्य को दवा से नहीं दुआ से संभालो। हमारे शरीर की जानकारी हमें ज्यादा होती है अन्य किसी ओर को अथवा डॉक्टर को नहीं। अमृतमपत्रिका, ग्वालियर अंक अप्रैल 2008 से साभार ये 23 […]

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आयुर्वेद के अनुसार सिरदर्द और अनेक बीमारियों की वजह क्या है?..

सिरदर्द, नसों में धीमा रक्त संचार और दिमागी मांसपेशियां कमजोर हों, तो योगा करने के बाद सीधी नाक से गहरी-गहरी श्वांस नाभि तक ले जाकर सीधी नाक से ही शनै-शनै ही छोड़े। ऐसा दिनभर में 200 से 300 बार दोहराएं आपकी दिमागी तकलीफ 100 फीसदी मिट जाएगी। शरीर में प्राणवायु अर्थात ऑक्सीजन की पूर्ति होने […]

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ज्यादा सोचने से होती हैं अनेक बीमारियां….

ज्यादा सोचना ओर कुछ कर नहीं पाना, तनाव का आरम्भ है। शास्त्रों में कहा है कि- ‘चिता चिंता एक समान’ हैं। बेकार की अधिक सोच हमारे मन-मस्तिष्क में दीमक लगाकर हमें मनोरोगी बना देती है। हमारे शरीर के अन्य रोग भी सोचने की वजह से ही होते हैं। अति सोच से दिमाग सुन्न होना, बातें भुल […]

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