रामायण——–

तुलसीकृत रामायण और रामचरितमानस के ग्रंथ को अभी 500 वर्ष पूरे हुए हैं.. इन 500 वर्षों में ही भारत का भाग्य भाग गया अर्थात रूठ गया 500 वर्ष पूर्व भारत सोने की चिड़िया कहलाता था जैसे रामायण आदि ग्रंथों के प्रभाव और विचारों से प्रेरित कुछ मूर्ख लोगों ने “रं” बीज मंत्र का उच्चारण राम […]

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हमारे मस्तिष्क में सुक्ष्म ज्ञान है?…….

हमारे शरीर में शक्ति का अत्यंत भंडार है… बस हमें उसे जानने की देरी हैं। कोई भी वयक्ति जीवन भर व्यर्थ नहीं रहना चाहेगा ।… और मस्तिष्क में ही सुक्ष्म ज्ञान है… इस ज्ञान के महाविज्ञान को ध्यान और धैर्य से इस धरा की खोज की धरा को जीता जा सकता है… इस धरा से […]

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