भगवान मूर्तियों में नहीं है बल्कि सृष्टि की सभी वस्तुओं का जो जोड़ है, वही परमात्मा है

परमात्मा या धन, दौलत, सम्पदा, सिद्धि, समृद्धि चमत्कारों से नहीं आती। प्रचण्ड प्रयास ओर मेहनत से आती है। अमृतम पत्रिका यह आर्टिकल आपके अंधकार, अज्ञानता का नाश कर सारा भय भ्रम मिटाकर आंखे खोलने में मदद करेगा। परमात्मा के बारे में विशेष 24 बातें आपका दिमाग खोल सकती हैं। ऐसा प्रश्न स्वाभाविक है, क्योंकि परमात्मा के […]

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भगवान शिव के गले लिपटे नाग का नाम क्या है। श्लोक, ग्रंथ सहित जाने!

काद्रवेयाश्च बलिन: सहस्त्रममि तौजस:!!सुपर्णवशगा नागाजज्ञिरेsनेक मस्तका:।। अर्थात- नागमाता कद्रू से बड़े-बड़े विषधारी, बलशाली, अपार तेजस्वी तथा अनेक फनों वाले एक हजार नाग उत्पन्न हुए। ये सभी नाग अपनी सगी मौसी विनता के पुत्र गरुड़ के वश में रहते थे। ऋषि तार्क्ष्य कश्यप की 4 पत्नियों से जन्मी सन्ताने-नागमाता कद्रु से उत्पन्न नागों के नाम-पांच फ़ंनधारी […]

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आपकी खराब किस्मत बदल देगा यह भगवान शिव द्वारा रचित आदित्य ह्रदय स्तोत्र!

कोई भी व्यक्ति भारी दुःखों से पीड़ित है, उसकी गरीबी नहीं मिट रही हो और केंसर, मधुमेह, रक्तचाप आदि असाध्य रोगों से परेशान हो, उन्हें यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए। भविष्यपुराण में भगवान शिव ने श्रीकृष्ण को बताया है कि इस स्तोत्र से अनेक जन्मों का दुःख मिट जाता है। जैसे-कालसर्प, पितृदोष, ग्रहदोष, वास्तुदोष, दरिद्र दोष, […]

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भगवान शिव का तीसरा नेत्र एवं वातावरण ———-

भगवान शिव का तृतीय नेत्र हमारा आज्ञा चक्र है… कुंडलिनी का यह छटा चक्र है.. यही सृष्टि की बाहरी और आंतरिक शक्तियां समाहित हैं.. पिंकी नोक के बराबर यह आज्ञा चक्र मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास से संबंधित है.. स्थल तथा सूक्ष्म जगत की विभिन्न हलचलो के साथ इसी केंद्र के माध्यम से संपर्क साधा जा […]

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भगवान विष्णु ——- के अनुसार बुद्धि से ही व्यक्ति सफल होता है……

भगवान विष्णु का एक नाम हरि भी है…. हरि का अर्थ हरने वाला हरी से नहीं है …करने वाली हरियाली से नहीं है…..आदि ऐसा प्रतीत होता है… कि इस पृथ्वी को हरी-भरी करने का जिम्मा भगवान विष्णु पर ही है…. पृथ्वी में जहां कहीं भी शिव कृपा है…. वहां का स्थान हरा हरियाली भरा ही […]

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गणपति बाप्पा मोरिया में मोरिया का क्या मतलब है?

आपने भक्तों के मुंह से अक्सर ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया’ का जयकारा सुनते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि गणपति के नाम के साथ लगे मोरया का क्या मतलब है. दरअसल इसके पीछे श्रीगणेश के एक भक्त की कहानी है. महाराष्ट्र के पुणे से 21 किमी. दूर एक गांव है जिसे […]

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सावन मास में अमृतम खोज…

भगवान नाम अथाह गुणों से भरा गुण  वाचक शब्द है जिसका अर्थ गुणवान होता है। भगवान शब्द की उत्पत्ति “भग” धातु से हुई है। भग के ६ अर्थ है- [1] ऐश्वर्य [2] वीर्य [3] स्मृति [4] यश [5] ज्ञान और [6] सौम्यता यह सभी 6 गुण महादेव शम्भू में निहित हैं। इसी कारण केवल शिव […]

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क्या भगवान नाम की कोई शक्ति है?

संसार को चलाने वाले ये जो पंचमहाभूत हैं ये ही भगवान हैं। शिवलिंग इसी पंचतत्व का प्रतीक है। भारतीय परम्पराओं के पीछे कितना गहन विज्ञान छिपा हुआ है। जिस संस्कृति की कोख से हमने जन्म लिया है, वो तो चिर सनातन है। विज्ञान को धार्मिकता का चोला इसलिए पहनाया गया है, ताकि वो प्रचलन बन […]

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शिवलिंग की आधी परिक्रमा क्यों लगाते हैं……

भगवान को चढ़ाया गया जल हमेशा उत्तर दिशा की तरफ उतरता है। जिस ओर से गिरता है, वहीं सोमसूत्र का स्थान होता है। सोमसूत्र में शक्ति-स्रोत होता है, अत: उसे लांघते समय पैर फैलाते हैं और वीर्य ‍निर्मित और पांच अन्तस्थ वायु के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे उदर की मूल 5 वायु […]

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जाने- दिल, दिमाग हिला देने वाली सच्ची घटना….

अमृतम पत्रिका का यह लेख केवल उन विद्यार्थियों को समर्पित हैं, जो सभी सुविधाओ के बावजूद पढ़ाई में मन नहीं लगाते और कुछ ऐसे भी हैं, जो अभाव, समस्या होने के बाद भी माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान से पढ़ाई में लगे रहते हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो रोज-रोज का रोना […]

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