ब्रह्मांड का लघु रूप:———–

मानव शरीर एक शिव मंदिर है भगवान शिव अर्धनारीश्वर हैं इसमें आधा भाग नर और आधा भाग नारी के रूप में ही समाहित है वेदों में नर हो या नारी पुरुष ही कहा जाता है.. और रुद्र को परम पुरुष कहा गया है इसका अधिठाता जीवात्मा इस शरीर रूपी पूरी में बसता है.. अतः वह […]

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जाने सूर्य के बारे में रहस्यमयी और दुर्लभ 108 से ज्यादा बातें…

18 पुराणों में से एक भविष्य पुराण  भगवान सूर्यदेव के बारे  में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है। भविष्य पुराण 2000 से ज्यादा पेजों में, दो खंडों में रचित है। भगवान श्री कृष्ण द्वारा रचित दुर्लभ  आदित्यहृदय स्तोत्र भगवान सूर्य के  श्लोक का बहुत महत्व है….. आदित्यं च शिवं  विन्द्याच्छिवमादित्य-रुपिणम्। उभ्योरन्तरं नास्ति,  आदित्यस्य शिवस्य च।।१६।। अर्थात- आदित्य यानि सूर्य को ही […]

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