पेट में हो रोग तो काहे का भोग ——

एक कहावत है… कि जब पेट में हो रोग तो काहे का भोग वह का आशय भोजन के भोग से है! हमारा पेट साफ रहे इसलिए व्रत उपवास का विधान हमारे शास्त्रों ने बताया है 7 दिन में 1 दिन का उपवास हमारे पेट के अनेक रोगों का नाश कर जटा रागनी जागृत करता है! […]

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स्वस्थ रहने के सूत्र क्या है?

अमृतम सुखी जीवन के लिए निम्नलिखित नियमों पर चलने या इन्हें अपनाने का प्रयास करें आयुर्वेद के यह 22 सूत्र आपको ताउम्र स्वास्थ्य रख सकते हैं– 1. सुबह उठ कर खाली पेट अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए यदि गुनगुना पानी पियें,तो और भी लाभकारी होता है । 2. पानी हमेशा ऐसे पियें, जैसे खा रहे हो […]

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जाने-आत्महत्या के आध्यत्मिक, सांसारिक और भौतिक तैतीस कारण…

क्यों कर रहे हैं प्रसिद्ध या गरीब  लोग आत्महत्या? और डिप्रेशन में  जाने के क्या कारण है? इस बदलते दौर में, हर पल बदलती बदरंग, दोगली दुनिया से दुखी होकर एक भावुक शायर खुदा से प्रार्थना करता है कि- एक दिमाग वाला दिल, मुझे भी दे, दे ए खुदा… ये दिल वाला दिल, सिर्फ तकलीफ़ ही देता […]

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अमृतम के एकल चूर्ण ऑनलाइन उपलब्ध हैं…..

आयुर्वेदिक की प्रत्येक जड़ीबूटियों में अनेक गुण होते हैं। अकेली एकल ओषधि के सेवन से उदर रोग,आंतों की बीमारियां, गुदा, गुर्दा व यकृत रोग कभी होते ही नहीं हैं। भारत के बहुत सी प्राचीन पुस्तकों में एकल बूटी के उपयोग स्वास्थ्य को बनाये रखने के साथ साथ ग्रहदोष बाधा मायतने, तन्त्र, मन्त्र के लिए बताया […]

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