Tag: डर
-
डर क्यों सताता है
पहले कहते थे कि जब कर नहीं, तो डर काहे का। व्यापारी को सरकार के कर का डर लगा रहता है। नारी को बीमारी का भय रहता है कि कहीं सुंदरता न नष्ट हो जाए। कुंवारी को धोखेबाज प्रेमी से डर लगता है। चरित्रहीन नर को नारी से डर लगता है। लेकिन एक दार ऐसा…