च्यवनप्राश हमेशा काँच की शीशी में पैक वाला ही ख़रीद कर सेवन करें! इसकी कीमत २०००/- तक हो सकती है-

  • आयुर्वेदिक किसी भी कंपनी का अष्टावक्र युक्त च्यवनप्राश केवल काँच की शीशी वाला ही सबसे अच्छा और लाभकारी सिद्ध होगा! 
  • क्योंकि च्यवनप्राश का मुख्य घटक आमला होने से प्लास्टिक बोतल में रासायनिक परिवर्तन करता है! जिससे त्वचा रोग- स्किन प्रॉब्लम होने लगती है! इसलिए प्लास्टिक पैकिंग से हमेशा दूर रहें! गूगल, quora आदि सोशल मीडिया से साभार 

अमृतं नाम च्यवनप्राशः, रोगान् निहन्ति सर्वतः।

देहे बलं च वर्णं च, प्राणायामं विवर्धते॥

  • आयुर्वेदीय वचन मुताबिक अमृतम च्यवनप्राश। न सिर्फ शरीर का, बल्कि जीवन का भी कायाकल्प कर देता है। हमारी सलाह है कि ४० के ऊपर वाले दिन में तीन बार अवश्य लेवें! इससे कम उम्र वाले के लिए एक ही चम्मच पर्याप्त है! 

अमृतम च्यवनप्राश – उम्ररोधी जीवन का रहस्य

  • आयुर्वेद की अनमोल देन- अमृतम च्यवनप्राश! ये भारत का सबसे बहुमूल्य च्यवनप्राश है, जो आयुर्वेद की पाँच हज़ार साल पुरानी परम्परा से बनाकर ग्लास जार में पैक किया जाता है! 
  • आप एक बार अमृतम च्यवनप्राश का सेवन करके देखिए! यह सिर्फ च्यवनप्राश नहीं, बल्कि कायाकल्प का विज्ञान है। 
  • आयुर्वेद की 5000 वर्ष पुरानी विधि से निर्मित, यह च्यवनप्राश चरक संहिता में वर्णित 40–45 दिन की पारंपरिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता है।
  • amrutam chyvnprash का मुख्य घटक — कच्चा आंवला (Indian Gooseberry) शुक्रप्रवर्तक, रोगनाशक और दीर्घायु प्रदान करने वाला माना गया है।

धातुपुष्टिकरं श्रेष्ठं बलवर्णकरं परम्।

आंवलेन हि युक्तं च्यवनप्राशं नृणां हितम्॥ (चरक संहिता)

  • अर्थात- अमृतम च्यवनप्राश धातुओं को पुष्ट करता है, बल और वर्ण बढ़ाता है और आंवले से युक्त होने पर यह मनुष्य के लिए परम हितकारी होता है।

क्यों है यह उम्ररोधी हर्बल अमृत?

अमृतम च्यवनप्राश सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, यह एंटी-एजिंग, इम्यूनिटी बूस्टर और शुक्रवर्धक टॉनिक है।

मुख्य लाभ और चमत्कारी फायदे 

  1. शरीर को कायाकल्प देता है! वृद्धावस्था की प्रक्रिया को धीमा करता है।
  2. शुक्रधातु और वीर्यवर्धक! ऊर्जा, ओज और तेज को बढ़ाता है।
  3. मानसिक शक्ति बढ़ाए! स्मरणशक्ति और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता सुधारता है।
  4. हृदय, यकृत और फेफड़ों को स्वस्थ रखे।
  5. मौसम बदलने या सीजन परिवर्तन से होने वाली बीमारियों से रक्षा करता है।

आयुर्वेदिक शुद्धता का रहस्य

  • अमृतम च्यवनप्राश को काँच की बोतल में भरा जाता है, क्योंकि चरक संहिता और रस रत्न समुच्चय में स्पष्ट कहा गया है! प्लास्टिक या कृत्रिम पात्र औषधि की ऊर्जा और गुण को नष्ट कर देते हैं। इसलिए अमृतम च्यवनप्राश हमेशा ग्लास जार में पैक होता है, ताकि इसकी ऊर्जा, सुगंध और औषधीय प्रभाव बने रहें।

मूल्य और मूल्यवान अनुभव

  • 400 ग्राम अमृतम च्यवनप्राश- ₹1899/- यह केवल कीमत नहीं, कायाकल्प में निवेश है। जो लोग ओरिजनल आयुर्वेद की तलाश में हैं, उनके लिए यह चरक काल का खज़ाना है।

विज्ञान और धर्म का संगम

  • आधुनिक विज्ञान भी अब मानता है कि आंवला सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें मौजूद विटामिन C, पॉलीफिनॉल्स और आयुर्वेदिक रसायन शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं! यही है anti-ageing का असली रहस्य।

रसायनं हि नाम तद् येन जरामृत्यु नश्यति।

  • (चरक संहिता – रसायन अध्याय) के अनुसार अर्थात- जो बुढ़ापे और मृत्यु के दोषों को नष्ट करे, वही असली रसायन है।

अमृतम च्यवनप्राश के रोचक तथ्य

  • यह 72 से अधिक जड़ी-बूटियों और रस-रसायनों से बना है। निर्माण प्रक्रिया में सूर्य और चंद्र नाड़ियों के संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाता है। यह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि ऊर्जा, प्रतिरक्षा और आयु का संतुलन देता है। वैसे अमृतम च्यवनप्राश ज़्यादा स्वादिष्ट नहीं है! 

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