उदर विकार हों। पेट की खराबी, कब्ज, मल विसर्जन समय पर ठीक से या एक बार में न होना,
आंतों में चिकनापन, लिवर में सूजन आदि के कारण अक्सर पेट में अल्सर होने के पहले मुख में छाले बने रहते हैं।
आयुर्वेदिक उपचार…
अमृतम टेबलेट रोज रात को सोते समय सादे जल से 1 या 2 गोली एक महीने लेवें।
यह धीरे धीरे उदर की गन्दगी को बाहर निकालकर रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है।
भोजन को बहुत ही धीरे से चबाकर खाएं, हो सके, तो खाने के साथ जल न लेवें।
अरहर की दाल, नमकीन दही का परित्याग करें।
सुबह खाली पेट अमृतम कीलिव स्ट्रांग सिरप 2 से 3 चम्मच एक गिलास पानी के साथ लेवें।
अमरूद के मौसम में सुबह 2 से 3 अमरूद खाएं।




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