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- भोजन ठीक ढंग से न करना, जल्दी-जल्दी खाने की आदत से पाचनतंत्र कमजोर होकर लिवर खराब रहने लगता है।
- इस वजह से कुछ भी खाया-पिया अंग नहीं लगता और गैस की समस्या जन्म लेने लगती है।
- गैस की समस्या से राहत पाने के लिए जाने- बिना फ़ीस…आयुर्वेद की 20 काम की बातें
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- किसी-किसी व्यक्ति की आंते कमजोर होने से भोजन पच नहीं पाता, तो खट्टी डकार, अम्लपित्त, एसिडिटी, भूखह न लगना,
- रस-रक्त की कमी, मेटाबोलिज्म की शिथिलता तथा यकृत रोग जैसी तकलीफ परेशान करते हैं।
- गैस की समस्या का स्थायी इलाज केवल आयुर्वेद में ही उपलब्ध है।
- चरक सहिंता, अष्टाङ्ग ह्रदय आयुर्वेद की किताबों के मुताबिक भोजन ऐसे करें जैसे पानी पी रहे हो।
- एक निबाले को 32 बार चबाना चाहिए, तभी अन्न का पाचन सही तरीके से हो पाता है।
- मनुष्य मुख में 32 दांत इसिलए दिए गए, ताकि आप बत्तीस बार चबा सकें।
- भोजन एवं भजन बहुत शांतिपूर्ण तरीके से बड़े धैर्य के साथ करने की शिक्षा हमारे भारतीय धर्मग्रंथों में भी दी गई है।
- भोजन के एक घण्टे बाद जल ग्रहण करें। अगर्क चर्बी, मोटापा या मेदरोग हो, तभी गर्म पानी पिएं।
- सुबह उठते ही गर्म पानी पीने से भी गैस की परेशानी होने लगती है।
- सुश्रुतसंहिता के अनुसार जब उदर में भोजन अच्छी तरह पचकर रस का निर्माण नहीं करता, तो मल सड़ने लगता है
- और इस कारण सदा हुआ मल पेट में गैस बनान्त आरम्भ कर देता है।
- गैस विकार से मुक्ति के लिए अमृतम गुलकन्द एक चम्मच तथा मुलेठी 1 ग्राम मिलाकर भोजन के तुरन्त बाद लेना हितकारी है।
- रात को सोते समय 1 से 2 गोली अमृतम टेबलेट की सादा जल से लेने पर अपाचक सड़ा हुआ मल, आँतों की चिकनाहट एवं कब्ज से राहत मिलती है।
- यह चिकित्सा 2 से तीन महीने करें।
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- Healthy Immune system and Prevent Illnesses., Triphala corrects .
- गैस की समस्या होने की वजह…परिश्रम की कमी से, पाचन क्रिया में गड़बड़ी, पेट में कीड़े पड़ना या उदर कृमि,
- मन्दाग्नि, विषाग्नि, तिक्षणाग्नि आदि व्याधि आने लगती है।
- वात-कफ-पित्त त्रिदोष, तथा खांसी- जुक़ामशिथिलता, हाथ-पैरों में शिथिलता तथा शून्यता आना इत्यादि रोग उत्पन्न होते हैं।
- गैस विकार की सर्वश्रेष्ठ ओषधि अमृतम जिओ माल्ट हमेशा लेते रहने से आंतों का चिकनापन, संक्रमण मिटने लगता है।
- जिओ माल्ट सड़े हुए मल को पखाने द्वारा बाहर निकालने में सक्षम है।
- जिओ माल्ट गुलकन्द, त्रिफला, वंशलोचन, मुलेठी, त्रिकटु, इलायची, नागकेशर, अजवायन,
- हरीतकी मुरब्बा, आमलकी मुरब्बा आदि से निर्मित शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है।
- सेवन करने की विधि… सुबह फ्रेश होने के बाद खाली पेट या नाश्ते के समय अथवा बाद में एक से दो चम्मच दूध या जल से लेवें।
- अगर चर्बी मोटापे की वजह से गैस की समस्या है, तो एक कप उबलते पानी में एक चम्मच जिओ मॉल्ट अचसहि तरह मिलाकर चाय की तरह पियें।
- जिओ माल्ट एक ऐसा हर्बल सप्लीमेंट है, जो प्रोटीन, विटामिन एवं सम्पूर्ण खनिज पदार्थों की पूर्ति करता है।
- जिओ माल्ट के नियमित सेवन से शरीर में जरूरत के हिसाब से भूख पैदा होती है।
- जिओ माल्ट 27 तरह के उदर रोगों का जड़ से साफ करता है।
400gm· ₹649.00 INR*· In stock·Brand: AMRUTAM
Authentic Ayurvedic Formulation: This malt contains Triphla, Ajwain, Marich and Sounth, -Neutralizes acidity, increases the pH level of the stomach, …
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- उदर व्याधि, जीने की शक्ति आधी कर देता है जीवन की बर्बादी का कारण है।
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- गैस की बीमारी के लक्षण….हमेशा सुस्ती, आलस्य बने रहना, कोई भी कार्य करने की उमंग न होना, समय पर काम नहीं करना,
- किसी भी काम में मन न लगना, जल्दी थकान होना, हांफना, चक्कर आना आदि तकलीफों की जड़ गैस की समस्या ही है।
- गैस या वायुविकार होने से बहुत अधिक गर्मी लगना, बेचेनी, घबराहट, बार-बार बीमार होना, आवँ,(एमोबेसिस) खून (हेमोग्लोबिन),
- भूख और ताकत की कमी आदि बीमारियां गैस विकार के कारण उदर से ही जन्म लेती है।
- अमृतम जिओ माल्ट/ZEO MALT गैस की विकराल समस्या का शर्तिया इलाज है।
- नपुंसक या नामर्द बना सकती है गैस की समस्या…भारत भैषज्य रत्नावली के मुताबिक यदि सही समय पर गैस की समस्या का अंत न किया जाए,
- तो शरीर में त्रिदोष अर्थात वात-पित्त-कफ असन्तुलित होने लगते है।
- त्रिदोष के विषम होने से नवीन रस तथा रक्त का निर्माण नहीं हो पाता, जिससे वीर्य का बनना बन्द हो जाता है।
- शुक्राणुओं की कमी के चलते रतिक्रीड़ा यानि सेक्स की समस्या खड़ी हो जाती है।
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- जिओ माल्ट के छमत्कारी फायदे…बार-बार कब्ज होना, पेट खराब। रहना, पुरानी कब्जियत, दस्त साफ न होना,
- लेट्रिन में अधिक समय लगना आदि तकलीफों को 7 दिन में ही दूर करना शुरू कर देता है।
- गैस की समस्या से कब्ज होती है पैदा…जिन लोगों को गैस की तकलीफ हमेशा बनी रहती है,
- उन्हें कब्ज की शिकायत होने लगती है।
- काफी समय तक पेट साफ न होने के कारण आंतों की कमजोरी, खुश्की,आंतों में छाले, पेट में कीड़े, आंतों में संक्रमण, सूजन आने लगती है।
- गैस की समस्या से जूझ रहे मनुष्यों को हमेशा सिर में भारीपन,सिरदर्द, भय-भ्रम, चिन्ता, तनाव, बार-बार या हमेशा क्रोध आना, बहुत ही ज्यादा मानसिक अशांति,
- बी.पी. की शिकायत रहना एवम हृदय रोग आदि विभिन्न बीमारियों का कारण पेट ही है ।
- उपरोक्त समस्याओं से सराबोर पीड़ित प्राणी के लिए जिओ माल्ट एक बेहतरीन विकल्प है। इसका नियमित सेवन करना अत्यन्त लाभकारी रहता है।
- अमृतम ग्वालियर द्वारा निर्मित जिओ माल्ट आयुर्वेद की एक ऐसी अद्भुत ओषधि है, जो यकृत (लिवर) जिगर के रोग, उदर रोग के कारण तिल्ली,
- पेट वृद्धि, जलोदर, शरीर में सूजन, अनेक उदर से उपजे ऊधम (विकार) शांत करने में पूरी तरह सहायक है।
- जिओ माल्ट में गुलकन्द, आमला मुरब्बा,करोंदा, मुनक्का, काली किसमिस, गुलाब फूल, अंजीर, सौंठ, मुलेठी, शंख भस्म, अमलताश गूदा,
- आदि वायुविकार या गैस, अम्लपित्त नाशक ओषधियों का समावेश है।
- जिओ माल्ट शरीर में विशेष ऊर्जा प्रदान कर उदर औऱ तन को निरोग करता है।
Amrutam Zeo Malt विटामिन,प्रोटीन, केल्शियम, व अन्य मिनरल की पूर्ति कर उदर के सभी ज्ञात-अज्ञात विकारों को शांत करने में बहुत ही प्रभावकारी है ।
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- ज्यादा गर्मी या तपन, आँखों, तलवों, सीने, छाती एवम पेशाब की जलन,. पेशाब कम या बार-बार आना,कमी, गुदा, गुर्दे व त्वचा रोग इसके सेवन से तत्काल दूर होते हैं।




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