गैस, वायुविकार, एसिडिटी, अम्लपित्त, कब्ज का अन्त.. तुरन्त दूर करने का एक आयुर्वेदिक इलाज। क्या है?- जाने

      • भोजन ठीक ढंग से न करना, जल्दी-जल्दी खाने की आदत से पाचनतंत्र कमजोर होकर लिवर खराब रहने लगता है।
      • इस वजह से कुछ भी खाया-पिया अंग नहीं लगता और गैस की समस्या जन्म लेने लगती है।
      • गैस की समस्या से राहत पाने के लिए जाने- बिना फ़ीस…आयुर्वेद की 20 काम की बातें
  1. किसी-किसी व्यक्ति की आंते कमजोर होने से भोजन पच नहीं पाता, तो खट्टी डकार, अम्लपित्त, एसिडिटी, भूखह न लगना,
  2. रस-रक्त की कमी, मेटाबोलिज्म की शिथिलता तथा यकृत रोग जैसी तकलीफ परेशान करते हैं।
  3. गैस की समस्या का स्थायी इलाज केवल आयुर्वेद में ही उपलब्ध है।
  4. चरक सहिंता, अष्टाङ्ग ह्रदय आयुर्वेद की किताबों के मुताबिक भोजन ऐसे करें जैसे पानी पी रहे हो।
  5. एक निबाले को 32 बार चबाना चाहिए, तभी अन्न का पाचन सही तरीके से हो पाता है।
  6. मनुष्य मुख में 32 दांत इसिलए दिए गए, ताकि आप बत्तीस बार चबा सकें।
  7. भोजन एवं भजन बहुत शांतिपूर्ण तरीके से बड़े धैर्य के साथ करने की शिक्षा हमारे भारतीय धर्मग्रंथों में भी दी गई है।
  8. भोजन के एक घण्टे बाद जल ग्रहण करें। अगर्क चर्बी, मोटापा या मेदरोग हो, तभी गर्म पानी पिएं।
  9. सुबह उठते ही गर्म पानी पीने से भी गैस की परेशानी होने लगती है।
  10. सुश्रुतसंहिता के अनुसार जब उदर में भोजन अच्छी तरह पचकर रस का निर्माण नहीं करता, तो मल सड़ने लगता है
  11. और इस कारण सदा हुआ मल पेट में गैस बनान्त आरम्भ कर देता है।
  12. गैस विकार से मुक्ति के लिए अमृतम गुलकन्द एक चम्मच तथा मुलेठी 1 ग्राम मिलाकर भोजन के तुरन्त बाद लेना हितकारी है।
  13. रात को सोते समय 1 से 2 गोली अमृतम टेबलेट की सादा जल से लेने पर अपाचक सड़ा हुआ मल, आँतों की चिकनाहट एवं कब्ज से राहत मिलती है।
  14. यह चिकित्सा 2 से तीन महीने करें।
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  16. Healthy Immune system and Prevent Illnesses., Triphala corrects .
  17. गैस की समस्या होने की वजह…परिश्रम की कमी से, पाचन क्रिया में गड़बड़ी, पेट में कीड़े पड़ना या उदर कृमि,
  18. मन्दाग्नि, विषाग्नि, तिक्षणाग्नि आदि व्याधि आने लगती है।
  19. वात-कफ-पित्त त्रिदोष, तथा खांसी- जुक़ामशिथिलता, हाथ-पैरों में शिथिलता तथा शून्यता आना इत्यादि रोग उत्पन्न होते हैं।
  20. गैस विकार की सर्वश्रेष्ठ ओषधि अमृतम जिओ माल्ट हमेशा लेते रहने से आंतों का चिकनापन, संक्रमण मिटने लगता है।
  21. जिओ माल्ट सड़े हुए मल को पखाने द्वारा बाहर निकालने में सक्षम है।
  22. जिओ माल्ट गुलकन्द, त्रिफला, वंशलोचन, मुलेठी, त्रिकटु, इलायची, नागकेशर, अजवायन,
  23. हरीतकी मुरब्बा, आमलकी मुरब्बा आदि से निर्मित शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है।
  24. सेवन करने की विधि… सुबह फ्रेश होने के बाद खाली पेट या नाश्ते के समय अथवा बाद में एक से दो चम्मच दूध या जल से लेवें।
  25. अगर चर्बी मोटापे की वजह से गैस की समस्या है, तो एक कप उबलते पानी में एक चम्मच जिओ मॉल्ट अचसहि तरह मिलाकर चाय की तरह पियें।
  26. जिओ माल्ट एक ऐसा हर्बल सप्लीमेंट है, जो प्रोटीन, विटामिन एवं सम्पूर्ण खनिज पदार्थों की पूर्ति करता है।
  27. जिओ माल्ट के नियमित सेवन से शरीर में जरूरत के हिसाब से भूख पैदा होती है।
  28. जिओ माल्ट 27 तरह के उदर रोगों का जड़ से साफ करता है।

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Authentic Ayurvedic Formulation: This malt contains Triphla, Ajwain, Marich and Sounth, -Neutralizes acidity, increases the pH level of the stomach, …

      • उदर व्याधि, जीने की शक्ति आधी कर देता है जीवन की बर्बादी का कारण है।
  • गैस की बीमारी के लक्षण….हमेशा सुस्ती, आलस्य बने रहना, कोई भी कार्य करने की उमंग न होना, समय पर काम नहीं करना,
  • किसी भी काम में मन न लगना, जल्दी थकान होना, हांफना, चक्कर आना आदि तकलीफों की जड़ गैस की समस्या ही है।
  • गैस या वायुविकार होने से बहुत अधिक गर्मी लगना, बेचेनी, घबराहट, बार-बार बीमार होना, आवँ,(एमोबेसिस) खून (हेमोग्लोबिन),
  • भूख और ताकत की कमी आदि बीमारियां गैस विकार के कारण उदर से ही जन्म लेती है।
  • अमृतम जिओ माल्ट/ZEO MALT गैस की विकराल समस्या का शर्तिया इलाज है।
  • नपुंसक या नामर्द बना सकती है गैस की समस्या…भारत भैषज्य रत्नावली के मुताबिक यदि सही समय पर गैस की समस्या का अंत न किया जाए,
  • तो शरीर में त्रिदोष अर्थात वात-पित्त-कफ असन्तुलित होने लगते है।
  • त्रिदोष के विषम होने से नवीन रस तथा रक्त का निर्माण नहीं हो पाता, जिससे वीर्य का बनना बन्द हो जाता है।
  • शुक्राणुओं की कमी के चलते रतिक्रीड़ा यानि सेक्स की समस्या खड़ी हो जाती है।
    • जिओ माल्ट के छमत्कारी फायदे…बार-बार कब्ज होना, पेट खराब। रहना, पुरानी कब्जियत, दस्त साफ न होना,
    • लेट्रिन में अधिक समय लगना आदि तकलीफों को 7 दिन में ही दूर करना शुरू कर देता है।
    • गैस की समस्या से कब्ज होती है पैदा…जिन लोगों को गैस की तकलीफ हमेशा बनी रहती है,
    • उन्हें कब्ज की शिकायत होने लगती है।
    • काफी समय तक पेट साफ न होने के कारण आंतों की कमजोरी, खुश्की,आंतों में छाले, पेट में कीड़े, आंतों में संक्रमण, सूजन आने लगती है।
    • गैस की समस्या से जूझ रहे मनुष्यों को हमेशा सिर में भारीपन,सिरदर्द, भय-भ्रम, चिन्ता, तनाव, बार-बार या हमेशा क्रोध आना, बहुत ही ज्यादा मानसिक अशांति,
    • बी.पी. की शिकायत रहना एवम हृदय रोग आदि विभिन्न बीमारियों का कारण पेट ही है ।
    • उपरोक्त समस्याओं से सराबोर पीड़ित प्राणी के लिए जिओ माल्ट एक बेहतरीन विकल्प है। इसका नियमित सेवन करना अत्यन्त लाभकारी रहता है।
    • अमृतम ग्वालियर द्वारा निर्मित जिओ माल्ट आयुर्वेद की एक ऐसी अद्भुत ओषधि है, जो यकृत (लिवर) जिगर के रोग, उदर रोग के कारण तिल्ली,
    • पेट वृद्धि, जलोदर, शरीर में सूजन, अनेक उदर से उपजे ऊधम (विकार) शांत करने में पूरी तरह सहायक है।
    • जिओ माल्ट में गुलकन्द, आमला मुरब्बा,करोंदा, मुनक्का, काली किसमिस, गुलाब फूल, अंजीर, सौंठ, मुलेठी, शंख भस्म, अमलताश गूदा,
    • आदि वायुविकार या गैस, अम्लपित्त नाशक ओषधियों का समावेश है।
  • जिओ माल्ट शरीर में विशेष ऊर्जा प्रदान कर उदर औऱ तन को निरोग करता है।

Amrutam Zeo Malt विटामिन,प्रोटीन, केल्शियम, व अन्य मिनरल की पूर्ति कर उदर के सभी ज्ञात-अज्ञात विकारों को शांत करने में बहुत ही प्रभावकारी है ।

    • ज्यादा गर्मी या तपन, आँखों, तलवों, सीने, छाती एवम पेशाब की जलन,. पेशाब कम या बार-बार आना,कमी, गुदा, गुर्दे व त्वचा रोग इसके सेवन से तत्काल दूर होते हैं।

 

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