सफलता, सिद्धि-समृद्धि, सुखी जीवन के कारक हैं- शिवलिंग स्वरूप शिव..

सरकारी नोकरी का सम्बन्ध सूर्य से है और सूर्य की कृपा पाने के लिए अंधे लोगों की मदद करना चाहिए।

सूर्य की शांति हेतु नन्दी या साढ़ को नित्य 4 मोटी रोटी में घी हल्दी लगाकर,

उस पर धि रखकर रोज नियम से खिलाना श्रेष्ठ रहता है।

सुबह सूर्योदय के समय जल में हल्दी, केसर मिलाकर अर्ध्य देंवें।

इसमें जल सूर्य की तरफ नहीं अपनी तरफ गिराते हैं।

क्योंकि सूर्य अग्नि है और अग्नि पर जल डालने से अवसाद या डिप्रेशन आता है।

धर्म की बहुत बारीकियों को समझने से ही सुख-समृद्धि, सफलता मिलती है।

राम हों या कृष्ण सभी ने सूर्य की आराधना की ओर वे इंसान से ईश्वर बन गए।

सूर्य के रहस्यों को जानना अत्यंत आवश्यक है।

अन्यथा दिमाग से खत्म होकर पागल हो जाओगे। दर्य ही हमारे मनोबल को बफाते हैं।

भविष्य पुराण में दिया गया सूर्य शांति कल्प का पाठ आपकी उन्नति में सहायक होगा।

यह 200 श्लोकों का स्त्रोत आपके जीवन को बदल देगा। सूर्य शांति कल्प का कुछ मन्त्र नीचे चित्र में देखिए।

सूर्य शान्तिकल्प के ये कुछ अंश दे दिए हैं।

इसमें सृष्टि के सभी सृजनहार, सृजनात्मक शक्तियों को प्रणाम कर सम्पनता की कामना की गई है।

इसमें गायत्री मंत्र की भी हिम बताई है। महिलाओं को गायत्री मंत्र क्यों निषेध है।

इससे कितनी भयंकर हानि है। यह सब जानने के लिए भविष्यपुराण के दोनों भाग घर लेकर पढ़ें।

धर्म के क्षेत्र में पिछड़े और भय-भ्रम में उलझे साधकों के यह मार्गदर्शन करेगा।

अगर किसी को सूर्य शान्तिकल्प पाठ का अर्थ हिंदी में सहित फोटो कॉपी लेनी हो, तो अपना पता, फोन नम्बर

[email protected] पर ईमेल कर कोरियर चार्ज भेजकर मंगवा सकते है।

शिवलिंग स्वरूप भगवान सूर्य के बारे में कभी विस्तार से जानकारी देंगे, जिसे पढ़कर हैरान हो जाओगे।

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