घुटने का दर्द, घुटने टेकने को मजबूर कर…घुटन जैसा जीवन बना देता है !!

  • तुम्हारी तो अक्ल घुटने में है….जैसी कहावतों के चलते उपेक्षित समझे जाने वाले तु घुटने की महत्ता लोगों को तब समझ में आती है, जब उसमें असहनीय दर्द आरंभ हो जाता है। सामान्यतः वृद्धावस्था प्रारंभ होते ही घुटनों का दर्द एक आम समस्या है।
  • आजकल लोग नए नए प्रयोग कर खुद ही बीमारी को आमंत्रित कर रहे हैं। सुबह उठकर गर्म पानी पीने से शरीर की चिकनाहट या लुब्रिकेंट घटने से घुटने दर्द करने लगते हैं।
  • मानव जीवन की संध्या शुरू होते ही विविध प्रकार की तकलीफें सिर उठाने लगती हैं। जोड़ों में दर्द भी एक आम समस्या है।
  • आंकड़ों के अनुसार आज विश्वभर में अस्थि रोग से पीड़ित व्यक्तियों में से लगभग ५8 प्रतिशत लोग घुटनों की गठिया से पीड़ित हैं।
  • परंतु आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति से आज कई ऐसी अत्याधुनिक चिकित्सा ओषधि विधियों का विकास हुआ है।
  • जिसमें हजारों लोग अब बिना ‘कृत्रिम जोड़ प्रत्यारोपण के ही इस लाइलाज रोग से मुक्त होकर खुशहाल जीवन जी रहे हैं और भी खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
  • आमतौर पर प्रत्येक घर में कोई न कोई व्यक्ति दर्द से कराहता दिखायी देता है। प्रश्न उठता है क्यों आरंभ होता है- घुटने का दर्द ? और क्या अब इसका कोई स्थायी उपचार संभव है ? सामान्यतः घुटने के दर्द के कुछ प्रमुख कारण हैं
  1. वृद्धावस्था में कार्टिलेज का घिस जाना
  2. शरीर का अत्यधिक वजन होना।
  3. जोड़ की हड्डी का बढ़ जाना
  4. शरीर का एलाइनमेंट बिगड़ जाना।
  5. घुटने के जोड़ की झिल्ली में द्रव का सूख जाना।
  6. गलत तरीके से उठनेबैठने की आदतें
  7. अन्य आनुवांशिक कारण

घुटनों के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार

  • शतावरी जोड़ों में नया रस, लुब्रिकेंट निर्माण करने में लाजवाब बूटी है। लेकिन शतावर चूर्ण जल्दी पच नहीं पाने के कारण कब्ज पैदा करता है। इसलिए काढ़ा ज्यादा जल्दी लाभ करता है।
  • अश्वगंधा नई शक्ति, ताकत, उमंग देने में कारगर है।
  • दशमूल क्वाथ शरीर की दसों इंद्रियों को क्रियाशील बनाता है।
  • आंवला मुरब्बा एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण शरीर के क्षतिग्रस्त सुक्ष अंगों में प्राणवायु और रक्त का संचार करता है।
  • हरड़ मुरब्बा पेट की कड़क नाड़ियों को मुलायम कर पेट साफ रखता है। लिवर और पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है।
  • वृहत्वात चिंतामणि रस कमजोर हड्डियों में नवीन रस, रक्त का निर्माण कर अस्थि मजबूत बनाता है।
  • एकांग वीर रस शरीर के सारे दर्द को बाहर निकाल फेंकता है।
  • बला पंचांग हड्डियों को महा बाल शाली बनाता है।
  • उपरोक्त सभी जड़ी बूटी घटक से निर्मित Orthokey Gold Malt और कैप्सूल एक बार लगकर कम से कम 4 से 6 माह तक दूध के साथ दो बार सेवन करना हितकारी रहेगा।
  • Orthokey के बारे में अमेजन, Myupchar, amalaearth और amrutam की वेवसाइट पर अनेकों लेख पढ़कर गुण, लाभ, उपयोग और फायदे जान सके हैं।

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