स्तंभन दोष, नामर्दी, नपुंसकता क्या है और इसका उपचार जाने !!

  • आजकल बहुत से पुरुष इस सत्य खोज में लगे हैं कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन- स्तंभन दोष क्या है? – कैसे ठीक करें?
  • गुप्त रोग चिकित्सक भी इसका ठीक से स्थाई इलाज करने में असमर्थ हैं। क्योंकि सभी को हर काम की जल्दी बहुत है।
  • जबकि नया वीर्य बनने में कम से कम एक माह का वक्त एलजी जाता है। आदमी में इतना धैर्य नहीं होता। उसे, तो आज खाओ और रात में रिजल्ट चाहिए इसलिए पुरुषों की यौन समस्या का पूर्णतः निदान नहीं हो पाता।
  • चरक संहिता में स्तंभन दोष के कुछ खास कारण लिखे हैं। जिसकी वजह से वीर्य निर्माण में अवरोध होता है। जैसे
  1. भोजन न पचना, भूख न लगना, पेट एक बार में साफ नहीं होना। शरीर में त्रिदोष बने रहना।
  2. पाचन तंत्र की कमी। कमजोर इम्यूनिटी, मेटाबॉलिज्म का करेक्ट न रहना। और नियमित मालिश न करना तथा व्यायाम (Workout) व्यायाम की कमी से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है। …
  3. स्तंभन दोष की समस्या के कारण मानव मस्तिष्क के गहरे मनोविज्ञान में निहित हो सकते हैं। …
  4. संतुलित आहार का सेवन न करना।
  5. रात को दही, फल, जूस आदि लेना।
  6. अधिक एसहरण का सेवन और धूम्रपान करना।
  7. हस्तमैथुन करना। ज्यादा देर तक सोना।
  • आज भारत के अंदर दस में से 5 पुरुष स्तंभन दोष और शीघ्रपतन जैसी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। इसमें युवा अधिक हैं।
  • कुछ मुद्दे जैसे कम इरेक्शन, कम कामेच्छा, कम ताकत और सहनशक्ति, और कई अन्य समस्याएं पुरुषों के साथ होती हैं। इरेक्शन शरीर के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए उचित कामुक जीवन होना आवश्यक है।
  • बाजार में अनेक अंग्रेजी गोली, केप्सूल की भरमार है। किंतु ये स्थाई इलाज नहीं है। तात्कालिक फायदा देने वाली दवाएं शरीर से पूरा वीर्य खींचकर कुछ दिन तक लाभकारी हैं। लेकिन नवीन रस, रक्त वीर्य को नहीं बना पाती
  • शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बेहतर बनाने में आयुर्वेदिक ओषधियां पूरी मदद करती हैं। BFeral एक ऐसा ही अद्वितीय योग है।
  • पुरुषों मेंअक्सर यह देखा गया है कि पुरुष स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के के कारण हीनभावना से भर जाते हैं और तनाव ग्रस्त होकर दिमागी रूप से कमजोर हो जाते हैं।
  • मर्द के लिए आत्म-सम्मान की हानि और समग्र पुरुषत्व हीनता सबसे बड़ा अपमान होता है।
  • अगर दूसरे शब्दों में स्पष्ट रूप से कहा जाए, तो जब पुरुष शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) से पीड़ित होते हैं, तो वे एक पुरुष की तरह कम महसूस करते हैं। वे स्वयं को पुरुषार्थी नहीं समझ पाते।
  • सामान्य तौर पर पुरुष जब संतुष्टि दायक सहवास नहीं कृत पेट या बिस्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो वह दिमाग ब खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डालने लगते हैं।
  • वे अक्सर सेक्स संबंध के दौरान या डालते समय ऐसे अवसरों पर प्रदर्शन-विफलता का शिकार हो जाते हैं जब वे अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं होते हैं।
  • अधिकांश रूप से देखा गया है कि पुरुष अपने इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बीच आत्म-सम्मान की हानि मानकर पत्नी को शक की नजर से देखने लग जाते हैं। और हिंसक भी हो सकते हैं।

स्तंभन दोष इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?

  • बीबी के साथ संभोग या सेक्स के लिए पुरुष के लिंग में पर्याप्त तनाव या कड़ापन न होना। ऐसा विर्य की कमी, वीर्य का सुखना और वीर्य में गाढ़ापन न होना आदि कारणों से होता है।
  • नपुंसकता किसी शारीरिक या मानसिक अवस्‍था का संकेत हो सकता है. इसके कारण तनाव, रिश्तों में मनमुटाव, और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है।

स्तंभन दोष की 100 फोड़ी आयुर्वेदिक दवा

  • आयुर्वेदिक दवा BFeral Gold Malt और Capsule एक जबरदस्त इलाज है। इसमें हजारों साल पुराने द्रव्य घटकों का मिश्रण किया गया है।
  • आंवला मुरब्बा, मुनक्का, द्राक्षा, त्रिफला, हरड़ मुरब्बा बी फेराल में विशेष रूप से मिलाया है, ताकि लिवर, पाचन को दुरुस्त कर सके।
  • भारत में, आयुर्वेद अभी भी यौन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा है।
  • स्तम्भान दोष से राहत दिलाने हेतु आयुर्वेदिक चिकित्सक अन्य तरीकों के अलावा आहार, हर्बल दवाओं, व्यायाम, ध्यान, साँस लेने के व्यायाम और भौतिक चिकित्सा का उपयोग करते हैं।
  • आयुर्वेदिक उपचारों का लक्ष्य मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करना और संतुलन बहाल करना है।
  • आयुर्वेदिक ग्रंथ और साहित्य के अनुसार, अंतरिक्ष, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी का एक अनूठा संयोजन प्रत्येक व्यक्ति को तंदरुस्त बनाता है। ये सार्वभौमिक तत्व बनाते हैं ऊर्जा:
  • वात दोष
  • पित्त दोष
  • कफ दोष
  • चरक संहिता के मुताबिक जब कोई व्यक्ति अस्वस्थ होता है, तो उसकी ऊर्जा या दोष असंतुलित हो जाते हैं, और आयुर्वेदिक चिकित्सक दोषों को पुनर्संतुलित करके स्थिति का इलाज किया जाता है।
  • BFeral में मिलाया गया अश्वगंधा का काढ़ा वीर्य में वृद्धि करता है। आयुर्वेद के चिकित्सक साइकोजेनिक ईडी को प्रबंधित करने के लिए अश्वगंधा का उपयोग करते हैं, जिसे अंग्रेजी में विथानिया सोम्निफेरा या भारतीय जिनसेंग के रूप में भी जाना जाता है।

शतावर बाजीकरक बूटी है

  • वाजीकरण चिकित्सा में इसका बहुत सम्मन है। एक एक जंगली लकड़ी है। इसलिए इसका चूर्ण पचाना बहुत मुश्किल होता है। शतावरी चूर्ण से कब्ज होने लगती है। इसका काढ़ा ही लेवें।
  • भवप्रकाश निघंतू में बताया है कि शतावरी युक्त दवा वाजीकरण चिकित्सा शरीर के तत्वों को पुनर्जीवित करती है और संतुलन और स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करती है।
  • आयुर्वेदिक चिकित्सा वैद्य मानते हैं कि सफेद मूसली, कोंच बीज प्रजनन प्रणाली में सुधार करते हैं और मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस और लिम्बिक सिस्टम पर कार्य करके यौन क्रिया को बढ़ाते हैं।
  • BFeral में ये सब मिला होने से यह एक लगन बाजीकरण चिकित्सा है, जो यौन इच्छा और प्रदर्शन के बारे में चिंता को कम कर गजब का सेक्सुअल पावर बढ़ता है। यह कुछ प्रजनन हार्मोन भी बढ़ाने में सहायक है।
  • हालांकि, इन उपचारों की प्रभावकारिता पर अध्ययन दुर्लभ हैं और वैज्ञानिक सटीकता की कमी है।

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