आयुर्वेद यौन स्वास्थ्य यानि सेक्स हेल्थ के बारे में क्या कहता है ?

  • आयुर्वेद के अनुसार यौन शक्ति यानि सेक्स पावर सहवास क्षमता बढ़ाने के लिए शरीर में एनर्जी, ऊर्जा का संचय होना बहुत ज़रुरी है।
  • पाचन जितना मजबूत होगा। शरीर उतना हल्का और उर्जावान रहेगा। तभी आप बेहतर पौरुष क्षमता के साथ संभोग (सेक्स) कर पायेंगें।
  • इसलिए आयुर्वेद की ऐसी जड़ी बूटियों का सेवन करें, जो यौनशक्ति वर्धक हों और लिवर को क्रियाशील बनाकर शारीरिक क्षमता बढ़ाती हों। उन दवाओं की जानकारी नीचे दी जा रही है।
  • आयुर्वेद सार संहिता के अनुसार सृष्टि आरंभ से ही यौन रोग से कौन पीड़ित नहीं रहा। यह इसी गुप्त बीमारी है, जिसका दुष्प्रभाव दिमाग पर सर्वाधिक होता है।
  • चिकित्सा चंद्रोदय और चरक संहिता की माने, तो पुरुषों में वीर्य से ही वीरता आती है। वीर्य क्षीणता से नपुंसकता।
  • व्यक्ति शारीरिक रूप से भले की कमजोर हो, किंतु वीर्य का कम और पतला होना अच्छी बात नहीं है। वीर्य के गाढ़ेपन से ही स्त्रियों को पूर्ण यौन सुख मिलता है और रतिक्रिया में आनंद की प्राप्ति होती है, तभी वह शुक्रिया कहने में लज्जा नहीं करती।
  • आयुर्वेदिक शास्त्रों के अध्ययन से पता लगता है कि पाचन तंत्र की गड़बड़ी, लिवर की खराबी से ही शरीर में नया रस नहीं बन पाता और वात, पित्त, कफ असंतुलित हो जाता है।
  • ध्यान रखें भोजन पचने के बाद ही रस का निर्माण होता है और यही रस नया रक्त बनाकर नवीन वीर्य निर्मित करने में सहायुक है।
  • शुक्राणुओं की कमी से संतान उत्पत्ति में बढ़ा होती है। यह सब वीर्य के न बन या कम बन तथा वीर्य के पतले होने से होता है। लिंग में ढीलापन और शिथिलता की वजह भी वीर्य का न बनना ही है।
  • आयुर्वेद में कुछ खास ओषधियां है, जो मेटाबॉलिज्म करेक्ट कर पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं। रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ने में मदद करती हैं।
  • आंवला मुरब्बा, हरड़ मुरब्बा, द्राक्षा, मुनक्का, किसमिस, त्रिकटु, त्रिफला, स्वर्णपत्री आदि ये पाचन क्रिया ठीक कर त्रिदोष का नाश कर भूख बढ़ाकर पेट को साफ रखने में कारगर हैं। साथ नवीन रस, रक्त, वीर्य और सप्तधातु बनाकर घोड़े जेसी ताकत देने में उपयोगी हैं।
  • केवल पुरुषों के लिए आयुर्वेद की एक सर्वश्रेष्ठ ओषधि B FERAL Gold Malt और कैप्सूल एक लाजवाब दवा है। इसमें पाचन करने वाली जड़ी बूटियों के साथ साथ यौन शक्ति में वृद्धि करने वाले द्रव्य घटकों का मिश्रण है।
  • जैसे -सफेद मूसली, सहस्त्र वीर्या, अश्वगंधा, शतावर, कोंच के बीज, स्वर्ण माक्षिक भस्म, स्वर्ण भस्म, तालमखाना, कुटकुटांतवक भस्म, बंग भस्म, अभ्रक शतपुटी इत्यादि 30 से अधिक का समावेश है।
  • BFeral Gold Malt में एंटीऑक्सीडेंट आंवला मुरब्बा, उदर रोग हर हरड़ मुरब्बा, सेक्स बूस्टर छुआरा, कब्ज नाशक मुनक्का, गुलकंद आदि मिले हुए हैं।

कब तक लेना चाहिए

  • बी फेराल शुद्ध आयुर्वेदिक दवा है। यह देह के सारे सिस्टम को ठीक करने में कम से कम एक से तीन माह का समय लेती है। इसीलिए तीन माह से अधिक सेवन करें।

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