Category: Amrutam Daily Lifestyle
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वेद-पुराणों में बताया है-विवाह में अग्नि के सात फेरे और सप्त धातुओं को ऊर्जावान बनाने वाले सात वचनों का रहस्य
भोग लगे या रूखे-सूखे, शिव,तो हैं-श्रद्धा के भूखे! जब अकेले में हों, तो भगवान से बातें करें और जब किसी के साथ हों, तब भगवान की बात करें… आत्मविश्वास, मनोबल वृद्धि, प्रसन्नता के लिए यह मुफ्त इलाज है… एक दम नवीन जानकारी- अमृतम पत्रिका के इस ब्लॉग में वैदिक रीति से विवाह करने पर होता है यह फायदा….. विवाह के सात फेरे लेने से…. शरीर में अग्नि का आवागमन सुचारू रूप से होने…
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अमॄतम चन्दन का तिलक मस्तिष्क पर लगाने से होते चमत्कारी फायदे
“अमृतम चन्दन“ में मिलाया गया मलयागिरि चन्दन पाउडर मन-मस्तिष्क के संताप, दुःख, बेचैनी, घबराहट, रात को नींद न आना, डर, भय-भ्रम, चिन्ता को ऐसे हर लेता है जैसे अग्नि कचरे को जला देती है। जाने चन्दन के 11 गुणधर्म और लाभकारी परिणाम जानकर हैरान ही नहीं आनंदित हो जाएंगे…. कौटलीय अर्थशास्त्र:अधिकरण-२ प्रकरण-२७, अध्याय-११ में मलयागिरि चन्दन के…
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इम्यूनिटी को कम या कमजोर करने वाले लक्षण, उपचार एवं सावधानी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि-कोरोना हमारे साथ लम्बे समय तक रहेगा बाद में और भी ऐसी महामारी फैलने की आशंका रहेगी। स्वस्थ्य-मस्त, तन्दुरुस्त रहने के लिए….12 बाते याद रखना चाहिए। 【1】जीने के लिए अपनी इम्युनिटी बढ़ाये। 【2】 मलावरोध होने से बचाएं। 【३】अनियमित मल त्याग की आदत से बचें। पेट एक बार में…
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अमॄतम-क्यों करता है-रोगों का काम खत्म…
सुश्रुत संहिता में आयुर्वेद को अथर्ववेद का उप-अंग कहा गया है- अथर्ववेद मानव की उत्पत्ति से भी पहले उपजा होने के कारण- हिन्दू धर्म के चारों वेदों में यह चौथा पवित्र ग्रन्थ है। इसमें गृहस्थ-आश्रम अर्थात वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी, परिवार का पालन, कर्त्तव्यों विवाह के नियमों तथा मान-मर्यादाओं का उल्लेख है। इसे ब्रह्म वेद भी कहते हैं। !!ये त्रिषप्ताः परियन्ति!! अथर्ववेद…
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सन्सार स्वांसों का खेल है। !!जब तक श्वासा, तब तक आसा!!
इस लेख का आधार स्वांस है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि.. श्वास लेने का तरीका सही हो, तो व्यक्ति बिना रोग के 100 साल से ज्यादा जीवित रह सकता है। यह ज्ञान-विज्ञान युक्त ब्लॉग व्यक्ति के बल-बुद्धि में वृद्धि करेगा। सन्सार सांस से गतिमान है। जब तक जीव की श्वास है, तब तक ही उसकी आस है। कहतें…
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व्यंग्य और विज्ञान की कसौटी पर खरा यह ब्लॉग ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। “कोरोना” हाथ मिलाने से फैलता है… नजरें मिलाने से नहीं, इतना भी याद रखें!
ऐसी मान्यता है कि- नारी, ब्रह्मचारी और जो लोग मांसाहारी नहीं हैं, उन पर कोरोना की महामारी कम असरकारी है। फिलहाल कोरोना ब्याही हो या क्वारी किसी को करुणा नहीं दिखा रहा…. कोरोना वायरस के 16 लक्षण जाने। आपको यदि लगता है कि-कुछ गड़बड़ है, तो नजदीकी शासकीय चिकित्सालय में जांच कराएं और आयुष द्वारा जारी “आरोग्य सेतु एप्प” गूगल से डाउनलोड करें। किसी तरह की तकलीफ…
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सर्दी-खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत के अलावा कोरोना के ओर भी लक्षण हैं।
अर्थात- विद्या से बड़ा कोई बंधु नहीं, व्याधि जैसा कोई शत्रु नहीं, पुत्र जैसा स्नेह नहीं और दया से श्रेष्ठ कोई धर्म नहीं। तन-मन-वतन का कोना-कोना साफ रखें…. कोई भी पीली धातु सोना हो या न हो, लेकिन अब पता नहीं कौन सी बीमारी कोरोना निकल आये। जब चिकित्सक भी चक्कर खा गए… यूरोप के डॉक्टरों ने बताया है कि- कोरोना…
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क्या आप कब्ज की शिकायत, पेट की बीमारियों से जूझ रहे हैं? ऐसा न हो कि- गृहिणी रोग से पीड़ित हों….
जीवन की आपाधापी में अपने पेट की परेशानियों को भी समझें… ¥ समय पर भूख न लगना और खाना खाने के बाद भोजन न पचना, ¥ पेट में गुड़गुड़ाहट होते रहना, ¥ पेट में अक्सर दर्द बने रहना, ¥ पेट पर कब्ज का कब्जा होना, ¥ एक बार में पेट साफ न होना ¥ गैस की समस्या, एसिडिटी, अम्लपित्त आदि तकलीफें…
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पीलिया और 72 तरह की बीमारी दूर कर, “पेट को अपडेट” रखता है- keyLiv malt – 40 कारगर आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों से तैयार योग
अमॄतम कीलिव माल्ट. A TOTAL CARE of LIVER- जाने-पेट की 23 बीमारियां… जो कीलिव माल्ट के सेवन से ठीक होती हैं। 【१】उदर रोग, 【२】पेट की खराबी, 【३】पाण्डु रोग (रक्त न बनना), 【४】खून की कमी, 【५】अनिच्छा, 【६】अरुचि (खाने की इच्छा न होना) 【७】कामला, 【८】पीलिया, (Jaundice), 【९】भूख न लगना, 【१०】गृहिणी रोग (आईबीएस ibs) 【११】अग्निमान्द्य (Anorexia), 【१२】यकृतवृद्धि, 【१३】यकृतशोथ, 【१४】अजीर्ण…
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![ॐ का हर अक्षर अमॄतम। अ-उ-म [ॐ] का वेद-सम्मत वैज्ञानिक उच्चारण••••](https://amrutampatrika.com/wp-content/uploads/2020/04/mor-shani-H47uK4Q98-s-unsplash.jpg)
ॐ का हर अक्षर अमॄतम। अ-उ-म [ॐ] का वेद-सम्मत वैज्ञानिक उच्चारण••••
!!ॐ!! के उच्चारण से होते हैं-उच्च स्तर के सात से अधिक फायदे… कभी ध्यान से सुनेंगे, तो मन्दिर के घण्टों की गूंज में ॐ स्वर का नाद सुनाई देता है। 【1】प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करता है! 【2】ह्रदय रोग नहीं होते! 【3】उदररोग, पेट की तकलीफ, लिवर, गुर्दा (किडनी) की परेशानी मिट जाती हैं! 【4】मानसिक शान्ति मिलती है। 【5】घबराहट, बेचैनी, नींद न आना, भय-भ्रम,…
