Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • केतु ग्रह कब कुण्डली में लाभकारी होता है?

    केतु ग्रह कब कुण्डली में लाभकारी होता है?

    जन्मपत्रिका में अकेला केतु सभी के लिए खराब होता है। धनु लग्न हो और केतु अष्टम में कर्क में हो, तो इस लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाता है। ऐसे जातक उच्च स्तर के क्रिमिनल भी हो सकते हैं। चौथे भाव में बैठे गुरु की दृष्टि असम में होने से चंडाल योग, ठग, फर्जी आदि…

  • प्यार की गहराई कितनी होती है?

    प्यार की गहराई कितनी होती है?

    प्यार मोहब्बत में वजन नहीं गहराई होती है और वजन मर्द की बात में होता है। लेकिन अब इश्क में गहराई एवं आदमी की बात में कोई दम नहीं बची। प्राण जाएं पर वचन न जाये वाली बाँसटी अब नेस्तनाबूद हो चुकी है। प्यार को छोड़कर दुनिया की हर चीज को तोला या मापा जा…

  • कुमकुमादी तेल इतना महंगा होने के बाद भी लोग इसे क्यों लगाते हैं? इसके क्या फायदे हैं?

    कुमकुमादी तेल इतना महंगा होने के बाद भी लोग इसे क्यों लगाते हैं? इसके क्या फायदे हैं?

    Kumkumadi oil के फायदे। इसे आयुर्वेद की कुछ प्रसिद्ध कम्पनी बनाती हैं। यह केशर से निर्मित होने के कारण बहुत महंगा आता है। Amrutam Kumkumadi Oil में सर्वाधिक केशर, कुमकुम ओर 54 जड़ीबूटीयों का समावेश होता है। कुमकुमादि तेल एक आयुर्वेदिक तेल है जो कि त्वचा को सुंदर, ग्लोइंग और स्वस्थ बनाने के लिए उपयोग…

  • क्या चेहरे का गोरा होना दिल के साफ होने से अत्यधिक महत्वपूर्ण है ?

    क्या चेहरे का गोरा होना दिल के साफ होने से अत्यधिक महत्वपूर्ण है ?

    लड़का हो या लड़की इन्हें कोरा होना जरूरी है। सही गोरा होना यही है। अगर आप शादी के पहले तक कोरा यानी कुंवारा या वर्जन है, तो आपको गर्व होगा। गोरे होने का अहंकार न पालें कभी भी क्योकि… इतना गुरुर अच्छा नहीं। अपने गोरे रंग पर साहिबा। हमने दूध से भी ज्यादा चाय के…

  • अमृतम च्यवनप्राश – उम्ररोधी (एंटीएजिंग) एक प्राचीन हर्बल मेडिसिन

    अमृतम च्यवनप्राश – उम्ररोधी (एंटीएजिंग) एक प्राचीन हर्बल मेडिसिन

    अमृतम च्यवनप्राश आयुर्वेद की 5000 वर्ष पुरानी विधि से निर्मित किया है। चरक सहिंता के अनुसार इसके निर्माण में 40 से 45 दिन का समय लगता है। यह केवल कच्चे आँवले से तैयार होता है। 400 ग्राम का मूल्य लगभग 1899/- रुपये है। अमृतम च्यवनप्राश”का मुख्य घटक आंवला है, जो शुक्रप्रवर्तक यानि शुक्र (वीर्य) को…

  • भगवान गणेश के कितने नाम हैं?

    भगवान गणेश के कितने नाम हैं?

    राहु केतु का संयुक्त रूप भगवान श्री गणेश के भी एक हजार नाम है। इसे श्री गणपति सहस्त्रनाम स्तोत्रम् कहा जाता है। श्री गणेश की पूजा में वे सब वस्तु अर्पित की जाती हैं, जो राहु केतु की शांति में उपयोगी हैं। जैसे – दुर्वा, कुशा, छुआरे, मखाने, इलायची, लोग की माला आदि। दैत्यगुरु शुक्राचार्य…

  • रस रसायन क्या है?

    रस रसायन क्या है?

    वसन्तकुसुमाकर रस (स्वर्ण भस्म युक्त) ये आयुर्वेद की अदभुत ओषधि है। सेक्स में स्त्री को सेक्स में पराजित करने और मधुमेह, प्रमेह, गुप्तरोगों, यौन दुर्बलता दूर कर पुनः यौन का संचार करने में लाजबाब है। ओषधि गुण धर्म शास्त्र के हिसाब सेव बसंत कुसुमाकर का उपयोग–फायदे जबरदस्त हैं। रस तंत्र सार चिकित्सा ग्रंथ के हिसाब से मान्यता,…

  • तंत्र मंत्र कहाँ से सीखें?

    तंत्र मंत्र कहाँ से सीखें?

    प्राचीनकाल में कुछ शिव भक्त साधक निशुल्क ही अनेक रोगों का इलाज झाड़, फूंक, मंत्र द्वारा ही कर देते थे और आराम मिलने पर कन्या भोज या किसी शिव मंदिर के जीर्णोद्वार या नैवेद्य अर्पित करने का बोल देते थे। आज से 40/50 साल पहले ज्योतिषी भी निस्वार्थ भाव से जन्मपत्रिका देखकर आगे का शुभ…

  • दुश्मन को कैसे हराएं?

    दुश्मन को कैसे हराएं?

    अपने मन को मजबूत बनाकर अपने काम पर ध्यान देवें। समझदार, सफल लोग दुश्मन की लकीर को छोटा करने में समय बर्बाद नहीं करते अपितु अपनी लाइन को बड़ा करने में पूरी शक्ति झोंक देते हैं। दुश्मन को हराने के लिए आपको पूरा ध्यान अपनी नाभी पर देना होगा। गहरी गहरी श्वास लेकर नाभी पर…

  • सायटिका के क्या लक्षण होते हैं?

    सायटिका के क्या लक्षण होते हैं?

    सायटिका एक वात विकार है। इसके लक्षणों में दर्द रीढ़ की हड्डी से निकलकर पैर के पिछले तरफ बढ़ती है. साइटिका आमतौर पर शरीर के केवल एक पक्ष को प्रभावित करता है। सायटिका के लक्षण दर्द की जगह: पीठ, कूल्हा, या नितंब, दर्द होने का समय: चोट के कारण या बैठने पर। सायटिका दर्द के…