Category: Amrutam Daily Lifestyle
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डर, भय, भ्रम, तनाव से केसे बाहर निकले !!
डर सबसे खतरनाक होता है और इससे अनेक नुकसान हो सकते हैं। दी हुआ इंसान भगवान में दोष देखता है। वैसे डरना नहीं चाहिए। दारा हुआ व्यक्ति मरा हुआ ही होता है। क्योंकि जो डर ज्ञान, समझो मर गया। हर हर हर महादेव कहते हुए नियमित व्यस्त रहें। ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर…
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गुणकारी अंजीर लिवर और गुप्त रोगों में चमत्कारी है !!
खाने की मात्रा २ से 3 नग दूध या जल में उबालक ही सेवन करें ! सूखे अंजीर खाने से मल कठोर होकर सूखने लगता है और बवासीर, पाइल्स की समस्या हो सकती है। द्रव्यगुण विज्ञान के मुताबिक 1 या 2 अंजीर और 8 मुनक्के रात को 100 ml जल में भिगोकर सुबह उसमें 200…
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दुनिया के दस रहस्य जिनकी खोज विज्ञान भी नहीं कर पाया !!
यह लेख लगभग व्यंग्य से भरपूर है। कृपया गम्भीर न होवे। प्रवास के दौरान मार्केटिंग से सीखे यह गहन ज्ञान पढ़कर प्रसन्न हो जायेंगे। यात्रा से ज्ञान की मात्रा में वृद्धि होती है। जाने अनसुने रहस्यमयी रोचक रहस्य कुछ चोकाने वाले रोचक रहस्य हैं, जो व्यंग्यात्मक, रुचिकर और ज्ञानवर्धन करने वाले भी है। यह रहस्य जीवन…
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त्रिफला चूर्ण के फायदे !!
त्रिफला चूर्ण पूरी तरह हनिर्षित और निरापद ओषधि है। लेकिन एक बार में 3 gm से अधिक न लेवें। त्रिफला को सादे, गर्म पानी या दूध के साथ भी लिया जा सकता है। त्रिफला चूर्ण 100 से अधिक बीमारी मिटाता है। लिंक क्लिक कर पढ़ें। त्रिफला के बारे में संक्षिप्त में किस आयुर्वेदिक पुस्तक में…
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लिंग की शिथिलता, ढीलापन दूर करने में चमत्कारी है Kumkumadi oil
लिंग पर सरसों का तेल नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि सरसों के तेल की तासीर ठंडी होने से लिंग की नाड़ियां शिथिल और ढीली होकर कमजोर पड़ने लगती हैं। माधव निदान के गुप्त विकार अध्याय के अनुसार लिंग पर केवल गर्म तिलाओं, गर्मी देने वाले द्रव्य घटक युक्त तेल भी लाभकारी रहता है। केशर, मालकांगनी, पदमकाष्ठ,…
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आयुर्वेद के किस किताब या ग्रंथ में अश्वगंधा की जानकारी है !!
अश्वगंधा ऊर्जा शक्ति और बुद्धि बल बढ़ाने में उपयोगी है। अश्वगंधा के फूल को पनीर ढोढ़ा कहते हैं, जो मधुमेह यानि डायबिटीज में विशेष कारगर ओषधि है। अश्वगंधा के 108 गुण, लाभ, फायदे जाने शतावरी को संस्कृत में सहस्त्रवीर्या कहते हैं ओर यह पुरुषों में वीर्य बढ़ाता है और प्रसूता स्त्री के स्तनों में दूध…
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तंत्र, मंत्र, यंत्र की सिद्धि का सरल तरीका !!
मूर्ख संग ना कीजिए, लोहा जलि ना तिराई। कदली सीप भुजंग मुख, एक बूंद तिहं पाई।। अर्थात मूर्ख की संगत नहीं करनी चाहिए, मूर्खों की संगत से केवल दुख, समस्या और अशांति ही मिलती है, जैसे लोहा जल पर नहीं तैर सकता है वैसे ही मूर्ख की संगत से कोई लाभ नहीं मिल सकता है।…
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गैस की बीमारी ठीक करने में जल्दबाजी न करें !!
पेट में गैस तत्काल बनना शुरू नहीं होती। जब भोजन पचता नहीं है और काफी समय तक वह मल के रूप में एकत्रित होकर आंतों में चिपकने लगता है, तो गैस बनने लगती है। यह समस्या पेट की खराबी, कब्ज और लिवर के क्षतिग्रस्त होने से होती है। इस प्रक्रिया में 8 से 10 महीने…
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कफ को संतुलित रखें अन्यथा जल्दी बुढ़ापा आ सकता है !!
शरीर में कफ की मात्रा अधिक होने से आलस्य आता है। स्वभाव चिड़चिड़ा होने लगता है। किसी काम में मन नहीं लगता। भूख कम हो जाती है। मोटापा बढ़ने लगता है। चरक संहिता में 5 प्रकार के कफ जैसे- क्लेदक अवलम्बक बोधक तर्पक श्लेषक कफ दोष का विवरण मिलता है। कफ के असंतुलन से बुढ़ापा जल्दी…
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सर्दी, जुकाम खांसी और कफ की समस्या पुरानी होने पर जवानी में ही बुढ़ापा आ जाता है !!
खांसी आना स्वास्थ्य के लिए अच्छे संकेत हैं। शरीर में कफ के कारण ही चिकनाहट यानि लुब्रिकेंट बना रहता है। लेकिन कफ के आंतुलन से फेफड़ों में अनेक विकार, व्याधि पैदा हों जाती हैं। चरक सूत्र के एक श्लोक के अनुसार कफ सूखने के कारण ही जोड़ों, कमर, हाथ, पैरों में दर्द और अनेक वात…