-
कफ को संतुलित रखें अन्यथा जल्दी बुढ़ापा आ सकता है !!
शरीर में कफ की मात्रा अधिक होने से आलस्य आता है। स्वभाव चिड़चिड़ा होने लगता है। किसी काम में मन नहीं लगता। भूख कम हो जाती है। मोटापा बढ़ने लगता है। चरक संहिता में 5 प्रकार के कफ जैसे- क्लेदक अवलम्बक बोधक तर्पक श्लेषक कफ दोष का विवरण मिलता है। कफ के असंतुलन से बुढ़ापा जल्दी…
-
सर्दी, जुकाम खांसी और कफ की समस्या पुरानी होने पर जवानी में ही बुढ़ापा आ जाता है !!
खांसी आना स्वास्थ्य के लिए अच्छे संकेत हैं। शरीर में कफ के कारण ही चिकनाहट यानि लुब्रिकेंट बना रहता है। लेकिन कफ के आंतुलन से फेफड़ों में अनेक विकार, व्याधि पैदा हों जाती हैं। चरक सूत्र के एक श्लोक के अनुसार कफ सूखने के कारण ही जोड़ों, कमर, हाथ, पैरों में दर्द और अनेक वात…
-
शिलाजीत के फायदे। यह किस काम आता है ?
शिला का अर्थ पर्वत, फाड़, हिमगिरि और योनि होता है। शिलाजीत को खाने वाले हिमालय जैसे पर्वत और यौन जेसी शिला पर फतह हासिल कर सकते हैं। शिलाजीत का उपयोग स्त्री, पुरुष कोई भी कर सकता है। द्रव्यगुण विज्ञान में शिलाजीत को महा शक्तिदाता द्रव्य बताया है। एक दिन में 100 मिलीग्राम लेना पर्याप्त रहता…
-
आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बना मंजन गले के केंसर से बचाता है। विटामिन और प्रोटीन की पूर्ति के लिए माल्ट का सेवन करें !!
आयुर्वेदिक दांत मंजन लगभग सभी कंपनियां बनाती हैं। लेकिन ज्यादातर मंजन चाक, और गेरू में नाम मात्र की जड़ी बूटियां मिलाकर बनाते हैं, जो इतना कारगर नहीं होता। आयुर्वेद की 5000 वर्ष प्राचीन पद्धति से निर्मित मंजन में कम से कम 25 से 35 तरह के घटक द्रव्य मौजूद रहते हैं। मंजन हमेशा गले के…
-
वात रोगों को जड़ से दूर करने के लिए आयुर्वेद में 88 प्रकार की दवाएं हैं, जो ८८ वात विकारों को मिटा देती हैं !!
वात रोग नाशक आयुर्वेदिक दवाइयां निम्नलिखित हैं। आंवला मुरब्बा, हरड़ मुरब्बा, वृहत वात चिंतामणि रस, त्रिलोक्य चिंतामणि रस, रासराज रस, योगेंद्र रस, एकांगवीर, महावात विध्वंसन रस, दशमूल, बला पंचांग, सहजन आदि 88 तरह के द्रव्य घटक ८८ वात रोगों को हमेशा हमेशा के लिए मिटा देते हैं। आयुर्वेदिक औषधियों की सबसे बड़ी खाशियत यह है…
-
हजार रोगों की एक आयुर्वेदिक दवा !!
शरीर में सभी बीमारियों की वजह पेट और पाचन तंत्र की खराबी है। पेट को दुरुस्त बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक लिवर टॉनिक लाजवाब ओषधि है। आप नियमित रूप से Keyliv Strong Syrup का सुबह खाली पेट और भोजन के पूर्व सेवन करें। जीवन भर कभी कोई रोग नहीं होगा। पेट की गंदगी साफ न…
-
कब्ज को हमेशा के लिए केसे दूर करें !!
कब्ज की रामबाण दवाई इच्छाभेदी वटी है, जिसे खाते ही भयंकर दस्त लग जाते हैं। इच्छा भेदी वटी शुद्ध जयपाल या जमलघोटा से बनती है। वर्तमान में सभी दस्तावार या कब्ज दूर करने वाले चूर्ण, टेबलेट में जमालघोटा का बहुत उपयोग किया जा रहा है। जमलघोता युक्त सभी टेबलेट, कायम चूर्ण, पेटसफा आदि कब्ज नाशक…
-
मधुमेह, को जड़ से मिटाने के लिए आयुर्वेद उपयोगी है। डायबिटीज का सबसे अच्छा इलाज क्या है?
डायबिटीज से केसे निपटे और मुक्ति केसे मिले इसके लिए नियमित रूप से चलना, तैराकी, योग आदि के माध्यम से शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। विश्राम तकनीकों और अच्छी नींद के माध्यम से तनाव और चिंता से निपटना जरूरी है। चरक संहिता, चक्रदात्त ग्रंथ में पुरानी से पुरानी प्रमेह, मधुमेह नाशक ओषधि का योग वर्णित…
-
वीर्य को गाढ़ा करने वाला आयुर्वेदिक उपाय !!
वीर्य को गाढ़ा करने के लिए मुलेठी, अश्वगंधा, शतावर, सफेद मूसली, कोंच बीज, विदारी कंद, शुद्ध गुगल और शिलाजीत। स्वर्ण माक्षिक भस्म, कुटकुटांतवक भस्म 10/10 ग्राम सभी 20/25 ग्राम लेकर साफ कर महीन चूर्ण कर इसकी 100 खुराक बनाएं और सुबह खाली पेट 5 मुन्नके, एक अंजीर दूध में अच्छी तरह उबालकर आंवला मुरब्बा के…
-
कब्ज का सरल और सस्ता इलाज !!
10 मुनक्के एक अंजीर 200 ml दूध में 200 ml पानी मिलाकर इन्हें आधा होने तक उबाले और सुबह खाली पेट मुनक्के, अंजीर खाते जाएं एवं एक एक घूँट दूध पीते जाएं। 2 घण्टे तक पानी न पिएं। खाने के पहले Keyliv Strong Syrup की लिव स्ट्रांग सिरप 15 से 20 ml 300 ml पानी…
Talk to an Ayurvedic Expert!
Imbalances are unique to each person and require customised treatment plans to curb the issue from the root cause fully. Book your consultation – download our app now!