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भगवान श्री कृष्ण अपने मुकुट के ऊपर मोर पंख क्यों रखते थे ?
ऐसी कथा है कि जब विष्णु ने राम के रुप मे अवतार लिया और राम सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष के लिए वन वन भटक रहे थे,सीता को रावण हर कर ले गया था , तब राम और लक्ष्मण सीता को खोजते हुए वन वन भटक रहे थे और प्राणियो से सीता का पता पूछ…
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क्या हमें पेशाब खड़े होकर करना चाहिए?
पेशाब के बारे में ये १७ महत्वपूर्ण जानकारी आपका मार्गदर्शन करेंगी। वैसे तो खड़े होकर पेशाब नहीं करनी चाहिए लेकिन आजकल ये अब मजबूरी बन चुका है। दूसरी बात ये है कि सबके शरीर से लोच खत्म होता जा रहा है, जिससे बैठकर पेशाब करने में बहुत तकलीफ होती है। आयुर्वेद सहिंता में…
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मुझे पेट संबंधित कोई समस्या नहीं है फिर भी मेरे “पेशाब में जलन” क्यूं होती है ?
आपका पित्त भयंकर रूप से आंतुलित है और मेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर हो गया है। इसीलिए पेशाब की जलन बनी हुई है। भारत में ज्यादातर शरीर में पित्त की वृद्धि से अनेक बीमारी फैल रही हैं और लोग लापरवाही के चलते इस पर ध्यान नहीं देते। पित्त की वजह से ही हमारा यकृत क्रियाशील नहीं रहता। अगर लिवर…
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नपुंसकता (Erectile Dysfunction) का आयुर्वेद में 100 फीसदी सटीक इलाज है और ये ईतना कारगर है कि 70 साल तक बिस्तर को गर्म कर सकते हैं।।
लगातार मानसिक तनाव, चिंता के कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा जैसे विकार पनपने लगते हैं और फिर हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और धूम्रपान जैसी शारीरिक समस्याएं इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकती हैं। दूसरी ओर, अवसाद, चिंताएं, तनाव, रिश्ते की समस्याएं और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी यौन भावनाओं में हस्तक्षेप कर सकती हैं…
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मधु से ज्यादा लाभकारी है मधु पंचामृत। बस शुद्ध शहद में 5 जड़ी बूटी के रस को मिलाकर बना सकते है।
देह का कायाकल्प करने वाला प्राकृत उपहार शुद्ध मधु में यदि पान का रस, अदरक रस और मुलेठी, अश्वगंधा, ब्राह्मी का काढ़ा मिलाकर सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता, इम्यूनिटी में वृद्धि होती है और कायाकल्प होने लगता है। मानसिक शांति, बुद्धि वृद्धि के लिए भी बेहतरीन है। आयुर्वेद सार संहिता ग्रंथ में इस प्राचीन…
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एक अघोरी तांत्रिक मंत्र द्वारा माला को सिद्ध करने का उपाय
माला सिद्धि का ये गुप्त रहस्य कभी उजागर नहीं किया जाता। केवल गुरु ही इस विधि को बताते हैं। श्री महात्रिपुर सुन्दरी खड्गमाला नामक हस्त लिखित पांडुलिपि में माला सिद्धि का संक्षिप्त में वर्णन है और मंत्र इस प्रकार बताया है। तंत्रसार में उल्लेख है की यदि माला सिद्ध हो जाए, तो सभी भूत, प्रेत,…
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खाज, खुजली, एग्जिमा का शर्तिया की वजह है खून का गन्दा होना। आयुर्वेद में है जिस्ज इलाज
आप आयुर्वेद का अवलेह यानि माल्ट का 4 से 5 महीने सुबह शाम दूध या गर्म पानी से सेवन करें। इससे खून की गंदगी मल मूत्र के द्वारा बाहर निकल जायेगी और रक्त शुद्ध होब्जायेगा। खुजली आदि के कृमि कीड़े पूरे शरीर के ब्लूड को दूषित कर देते हैं और खुजली, फंगल इन्फेक्शन, फोड़े, फुंसी,…
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चारो धाम की यात्रा करते समय शुरुआत किस धाम से करनी चाहिए?
काफी साल पहले मेरे मन में भी यह प्रश्न उठा था कि आखिर हमें किस धाम से शुरुआत करनी चाहिए, तो मैंने भी अपने बड़े, बुजुर्गों और आचार्यों(विद्यालय में) से पूछा और अब मैंने उत्तराखंड की किताबों में भी पढा है कि हमें यमुनोत्री धाम से अपनी यात्रा की शुरुआत करनी चाहिए. यमुनोत्री धाम [उत्तरकाशी…
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कफ को जड़ से मिटा देता है च्यवनप्राश !!
च्यवनप्राश के सेवन से शरीर का सम्पूर्ण कफ माल मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता है। अष्टवर्ग च्यवनप्राश में आठ तरह की औषधियां सम्मिलित होती हैं, जो फेफड़ों से कफ गलाकर पूरा संक्रमण साफ करने में कारगर होती हैं। अष्टवर्ग युक्त च्यवनप्राश बढ़ावा रोकता है। !!एकत्र मिलितैर्प्रमुख अष्टभिर्द्रव्यैः अष्टवर्गोच्यते!! अर्थात “आठ प्रमुख द्रव्यों जैसे…
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पेट में गैस बनना इस समस्या का सबसे कारगर उपाय कौन सा है?
केवल गुलकण्ड खाने के बाद खाएं और भोजन से पहले आयुर्वेदिक लिवर टॉनिक एक गिलास पानी में 2 चम्मच मिलाकर पिएं।पेट की 100 समस्याओं का समाधान हो जाएगा। Key liv strong Syrup अमेजन, Amala earth पर ऑनलाइन मिल जाएगा। भूलकर भी पेट का इलाज अंग्रेजी दवाओं से न करें। बर्बाद हो जाएंगे।
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