Tag: प्राचीन शिव मंदिर
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निया का निराला शिव महिम्न स्तोत्र, जिसका नित्य पाठ करने से मुसीबतें रफू चक्कर हो जाती हैं। Amrutam !
!!ॐ शंभूतेजसे नमः शिवाय!! इस अदभुत और चमत्कारी स्तोत्र की रचना परम शिव भक्त श्री पुष्पदन्त जी की थी। अवधूत, अघोरियों की शक्ति छुपी है इस स्तोत्र में संसार में शैव संप्रदाय के सभी साधु सन्यासी और अघोरियों ने इस स्तोत्र के द्वारा महान सिद्धियां और समृद्धि प्राप्त की। अमृतम पत्रिका, ग्वालियर मप्र के संपादक…
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एक अद्भुत अघोर पीठतांत्रिक मंदिर 36 गढ़ में
हजारों वर्ष पुराना तांत्रिक शिव मंदिर है जो रायपुर आरंग के बीच महासमुंद मार्ग पर से 20 km दूर मंदिर हसौद के नाम से बहुत एकांत में स्थित है ।
