स्वप्नदोष और पेशाब के साथ शुक्र जाना–
पुरुषों को नपुंसक और कमजोर बनाने वाली बीमारी है-स्वप्नदोष
जाने कारण, निवारण और
स्थाई आयुर्वेदिक इलाज
स्वप्नदोष की तकलीफ प्रायः पित्त प्रकृति वालों को विशेष होती है। इसके अलावा उन पुरुषों को भी यह बीमारी हो जाती है, जो अधिक खटाई, मिठाई और कड़वी आदि ज्यादा गर्म पदार्थो का अधिक सेवन करते हैं। उपरोक्त वस्तुओं के सेवन करने से पित्त कुपित हो जाता है, जिससे रक्तवाहिनी शिरा में हलचल पैदा हो जाती है। मन चँचल हो जाता है। विचारों में अधिक दुर्भावनाएं पैदा होने लगती हैं। यही दूषित विचार स्वप्न अवस्था में भी बने रहने के कारण क्षणिक उत्तेजना होकर स्राव यानि स्वप्नदोष हो जाता है।
ऐसा भी मानते हैं कि-
ऐसा उन लोगों के साथ और ज्यादा होता है जिन्हें लगता है की सेक्स के बारे में खुलकर सोचना और सपने देखना अच्छा नहीं समझा जाता।
ऐसी हालत में “बी फेराल गोल्ड माल्ट” से बढ़कर ओर कोई आयुर्वेदिक ओषधि नहीं है।
इसके 3 माह तक लगातार लेने से स्वप्न में भी
कभी नाईट फेल नहीं होता।
यह शुक्रपात एवं शुक्रक्षय पर बहुत जल्दी असर दिखाता है।
आयुर्वेद के पुराने ग्रन्थ
आयुर्वेद सार-संग्रह के मुताबिक यह दवा
सभी तरह के दुष्प्रभाव से मुक्त है। इसके उपयोग से कोई नुकसान नहीं होता।




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