श्री राधारानी के 16 नामों का श्लोक पढ़ने से पति प्रेम करने लगता है।

  1. अमृतम पत्रिका, ग्वालियर द्वारा प्रकाशित श्री राधा जन्मअष्टमी के रहस्य अंक में भगवान कृष्ण की प्रियसी मां राधा के बारे नें बहुत रोचक तथ्य बताए थे, जो हमने कभी कथा वाचकों के मुख से नहीं सुने।
  2. दुर्गा रहस्य के श्लोकों का स्पष्टीकरण देते हुए Amrutam में लिखा था कि श्रीराधा महादेव का ही अवतार हैं और भगवान श्रीकृष्ण मसान शक्ति दुर्गा का।
  3. ये विवाद का विषय होने के कारण हम पूरी जसनकारी नही दे रहे हैं। ये अंक 120 पेज का था।
  4. अमृतम ने एक उदाहरण दिया था कि श्रीकृष्ण को माँ गोरी की तरह ही श्रृंगार पसन्द है ओर राधा रानी हमेशा औघड़दानी की तरह बिना श्रृंगार के रहना पसंद करती हैं।
  5. ब्रहम.वैवर्तपुराण के कृष्णजन्मखंड, अध्याय १७, पद २२३-२५ – में राधा रानी के 1१६ नाम का एक श्लोक वर्णित है। यथा

राधा रासेश्वरी रासवासिनी रसिकेश्वरी।

कृष्णप्राणाधिका कृष्णप्रिया च कृष्णरूपिणी।

कृष्णावाभाङ्गसम्भूता परमानन्दरूपिणी।

कृष्णा वृन्दावनी वृन्दा वृन्दावनविनोदिनी।

चन्द्रावती चन्द्रकान्ता शतचन्द्रनिभानना।

नामान्येतानि साराणि तेषामभ्यन्तराणि च।

-अर्थात

कृष्णप्राणाधिका, कृष्णप्रिया, कृष्णस्वरूपिणी, कृष्णवामांगसंभूता, परमानंदरूपिणी, कृष्णा, वृंदावनी, वृंदा, वृंदावनविनोदिनी, चंद्रावती, चंद्रकांता और शतचंद्रनिभानना आदि।

  • हरिवंश पुराण के मुताबिक ऊपर लिखे श्लोक को रोज शिवलिंग के समीप 116 दिन 5 बार सुनने से घर में विपदा, गरीबी और बीमारी रुकती नहीं है।
  • पति से विवाद नहीं होता। प्रेम बढ़ता है।
  • श्लोक उच्चारण के समय 2 दीपक Raahukey आयल के जरूर जलाएं।
  • हमने भी ये प्रयोग किया था। वाकई परिवर्तन हुआ।
  • अमृतम के इस अंक में अनेक उवाय भी बताए थे, जिसे करने पर चमत्कार हुए।
  • अमृतम का कालसर्प विशेषांक अवश्य पढ़ें। राहु, केतु, शनि, कालसर्प, पित्तदोष के सभी भय भ्रम भी मिटा जाएंगे।

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