Category: Amrutam Daily Lifestyle
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भगवान सूर्य के रहस्य क्या हैं !!
।।सुवति कर्मणि लोकं प्रेरयतीति सूर्यः।। अर्थात सूर्य को सृष्टि का प्राण कहा गया है। सूर्य-के कारण ही धरित्री, धरती पर जीवन है। सूर्य नारायण यदि एक दिन न निकलें तो धरती पर त्राहि-त्राहि मच जाए। सूर्य का प्रकाश समस्त जीवधारियों में उल्लास एवं प्राण का संचार करता है, इसीलिए सूर्य की इतनी महत्ता है। किन्तु…
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पैर दर्द, जोड़ों की सूजन आपको अपाहिज बना सकती है
टेढ़ी मेढ़ी चाल चलने से एड़ी में दर्द होने लगता है। इसे समय पर ठीक न करने से जिंदगी टेढ़ी लगने लगती है। आयुर्वेदिक औषधि ऑर्थो की गोल्ड माल्ट ओर ऑर्थो की गोल्ड कैप्सूल का फार्मूला बहुत ही अच्छा है। इसके बारे में 50 से ज्यादा आर्टिकल गुगुल, Myupchaar, अमेजन, amalaearth ओर amrutam की वेबसाइट…
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जैतून तेल खाने से बचें। जैतून का तेल चमत्कारी है
सरसों को संस्कृत में सर्ष पराजिका बताया है अथ सर्षपराजिका तैलयोर्गुणानाह दीपनं सार्षपं तैलं कटुपाकरसं लघु। लेखनं स्पर्शवीरयष्णं तीषणं पित्तास्रदूषकम्॥ कफमेदोऽनिलार्शोघ्नं शिरः कर्णामयापहम्। कण्डू कुष्ठ कृमिश्वित्रकोठदुटक्रिमिप्रणुत्॥ तद्वद्राजिकयोस्तैलं विशेषान्मूत्रकृच्छ्रकृत्॥ अर्थात – सरसों का तेल – अग्निदीपक, रस तथा विपाक में कटु रस युक्त, लघु, लेखन, स्पर्श तथा वीर्य में उष्ण, तीक्ष्ण, पित्त तथा रक्त को दूषित करने वाला…
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डायबिटीज के मरीजों को अनार का जूस अमृत ओषधि की तरह है।
शुगर के मरीजों को सुबह केवल अनार का जूस पीना चाहिए। ज्यादा लोकी, करेला, नीम, बेल आदि के जूस से बचना चाहिए। क्योंकि ये सब पित्त की वृद्धि करते हैं। मधुमेह की समस्या पित्त के असंतुलन से ही बढ़ रही है अतः पित्त शांत करने वाली दवाएं, जड़ी बूटी लाभकारी सिद्ध होंगी। अनार का जूस…
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पेट में गैस बनती हो, गैस्ट्रिक, एसिडिटी प्रोब्लम होने पर लेवें आयुर्वेदिक लिवर टॉनिक !!
लिवर की कमजोरी और क्रियाशलीता में कमी के कारण मेटाबॉलिज्म करेक्ट नही रहता, तो कब्ज्होने लगती है। एक बार में पेट साफ नहीं होता और पेट में मल सड़कर आंतों में चिपकने लगता है। गैस बनने का यही कारण है। लोग क्या करते हैं की तुरंत ठीक होने के लिए गैस नाशक, दस्तावार दवाएं लेकर…
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भूत औरतों का सच क्या है !!
संसार में कोई किसी का दुःख दूर नहीं कर रहा। सब मंच पाने में हैं। कोई लंच खाने में मस्त है और टंच यानी धन कमाने में लगा है। लोगों ने भगवान को भी बांट रखा है। सृष्टि का मूल आधार शिव से दूर होने के कारण लोग भयंकर रूप से परेशान हैं। भूत प्रेत…
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माथे पर भस्म लगाने से तन, मन, अंतर्मन के विकार भस्म हो जाते हैं !!
शिवरात्रि पर भस्म जरूर लगाएं। जाने भस्म का महत्व आयुर्वेद और आध्यात्मिक दोनो जगह भस्म का बहुत उपयोग है। स्वर्ण भस्म, हीरा भस्म, स्वर्ण माक्षिक भस्म, बंग भस्म आदि 108 की भस्मों का निर्माण होता है, जो शरीर के विभिन्न रोगों को जड़ से मिटा देती हैं। अध्यात्म शास्त्रों में भस्म का चमत्कार ये है…
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जोड़ों का दर्द और सूजन की आयुर्वेदिक दवा !!
वृहत वात चिंतामणि रास स्वर्ण युक्त, योगेंद्र रास, शुद्ध शिलाजीत, एकांगवीर रस, शुद्ध कुचला, त्रिलोक चिंतामणि रास, हरड़ मुरब्बा, सहजना, दशमूल, बल पंचांग, अश्वगंध, शतावरी आदि आयुर्वेदिक औषधियां 88 वात रोगों को जड़ से दूर कर जोड़ों में नया रास ओर चिकनाई यानी लुब्रिकेंट तैयार करती हैं। आयुर्वेद के 5000 साल पुराने फ़ार्मूले से निर्मित…
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सफलता पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है !!
सफलता दो शब्दों सफ+लता से मिलकर बना है। सफ का अर्थ साफ होता है और लता का मतलब विचारों की बेल से लगाएं। जब तक दिल, मन, तन, अंतर्मन की सारी लाएं यानि काम के लिए जुट एकाग्रता से फलीभूत न होने लगें, तब काम, बस काम करते रहेगी। सफलता या पैसा पेड़ों पर नहीं…
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नामर्दी, शीघ्रपतन, लिंग में ढीलापन, नपुंसकता आदि गुप्त रोग किस उम्र में होते हैं। क्या ये बुढ़ापे की बीमारी है। सेक्स की दवा बताएं
नपुंसकता, नामर्दी, स्तंभन दोष, शीघ्र पतन की समस्या किसी भी समय आ सकती है। इसकी कोई तिथि निश्चित नहीं है। शास्त्रों में जवानी को अतिथि की तरह बताया है। इनके आने जाने की तिथि को कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। नपुंसकता के मामले ज्यादातर पुरुषों में एक बात कॉमन पाई गई कि ये मन…
