Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • 25 प्रकार की कफ, खांसी की आयुर्वेदिक दवा, जो निमोनिया, दमा, अस्थमा, एलर्जी का भी सफाया करेगी।

    25 प्रकार की कफ, खांसी की आयुर्वेदिक दवा, जो निमोनिया, दमा, अस्थमा, एलर्जी का भी सफाया करेगी।

    कफ, खांसी, फेफड़ों के विकार,दमा, अस्थमा आदि ये सब अंदरूनी रोग लापरवाही का दुष्परिणाम है। बाहर की गंदी हवा, दूषित वायु, वायरल या फ्लू होने पर गले में कफ बनता है और खांसी के साथ निकलने लगता है। संक्रमण यानि एलर्जिक रिएक्शन की वजह से भी गले में कफ बनने की समस्या होती है। अगर लंबे…

  • श्वेतार्क वृक्ष के चमत्कारी फायदे !!

    श्वेतार्क वृक्ष के चमत्कारी फायदे !!

    श्वेतार्क को सफेद अकौआ के नाम से आम आदमी जनता है। भविष्य पुराण के मुताबिक श्वेतार्क में भगवान सूर्य का वास होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए इसे घर के बाहर लगाने से लाभ होता है। अच्छी हेल्थ ओर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य – प्रगति के कई प्रयोग हैं – – व्यायाम, आहार-विहार, चिन्तन और…

  • मसाले भी बढ़ाते हैं सेक्स पावर यानि यौन शक्ति। पर लिमिट में खाएं

    मसाले भी बढ़ाते हैं सेक्स पावर यानि यौन शक्ति। पर लिमिट में खाएं

    त्रिकटु, कालीमिर्च, सौंठ, लौंग, इला, जायफल, चतुर्जात, नागकेसर, केसर, दालचीनी, छोटी पीपली, स्टार फूल, हल्दी, जीरा, अजवायन आदि मसाले कफ को संतुलित कर वीर्य को पतला होने से बचाते हैं। लाल मिर्च त्वचा रोग और केंसर नाशक होती है। इसे रोज जरूर खाएं। समुद्री नमक खून साफ करता है। द्रव्यगुण विज्ञान में समुद्र नमक को…

  • शरीर के सभी दर्द को जड़ से कैसे मिटायें !!

    शरीर के सभी दर्द को जड़ से कैसे मिटायें !!

    शरीर के सभी दर्द को जड़ से कैसे मिटायें आलस्य, सुस्ती से शरीर में दर्द बना रहता है। आयुर्वेद में इसे वात विकार बताया है। आयुर्वेदिक औषधि ऑर्थो की गोल्ड माल्ट ओर ऑर्थो की गोल्ड कैप्सूल का फार्मूला बहुत ही अच्छा है। इसके बारे में 50 से ज्यादा आर्टिकल गुगुल, Myupchaar, अमेजन, amalaearth ओर amrutam…

  • पनीर को संस्कृत में क्षीरपाक, तक्रपिण्ड कहते हैं।

    पनीर को संस्कृत में क्षीरपाक, तक्रपिण्ड कहते हैं।

    आयुर्वेद ग्रंथों में पनीर को संस्कृत में क्षीरशाक कहा गया है। पनीर के बारे में संस्कृत का यह श्लोक! अपक्वमेव यन्नष्टं क्षीरशाकं हि तत्पयः। अर्थात क्षीरशाक के लक्षण – जो दूध बिना औंटाये ही (कच्चा ही) फट गया हो उसे क्षीरशाक कहते हैं। क्षीरशाकं ‘तुषिभरा’ वा ‘खिरिसा’ इति लोके। यहाँ पर ‘क्षीरशाक’ से लोकप्रसिद्ध ‘तुषिभरा…

  • खतरनाक केमिकल ब्युटी क्रीम आदि उत्पादों से बचें अन्यथा चेहरा हो सकता है. काला, बदनुमा ओर कुरूप !

    खतरनाक केमिकल ब्युटी क्रीम आदि उत्पादों से बचें अन्यथा चेहरा हो सकता है. काला, बदनुमा ओर कुरूप !

    खतरनाक केमिकल ब्युटी क्रीम आदि उत्पादों से बचें अन्यथा चेहरा हो सकता है. काला, बदनुमा ओर कुरूप ! महिलाओं को हमेशा आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों से निर्णीत उत्पादों का ही उपयोग करना चाहिए। इसके कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते इर बुढ़ापे में चेहरे पर चमक बनी रहती है। आज से 50000 साल पहले महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाने…

  • रात के समय लौंग खाने से कौन सी बीमारी दूर होती है?

    रात के समय लौंग खाने से कौन सी बीमारी दूर होती है?

    रात के समय लौंग खाने से कौन सी बीमारी दूर होती है? आज के समय में, जीवन के गलत तरीके के कारण, महिला हो या पुरुष, हर कोई छोटी-मोटी बीमारियों का शिकार हो जाता है। वहीं इससे छुटकारा पाने के लिए लोग दवाइयों का सहारा लेते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता…

  • महिलाएं मात्र मासिक धर्म को नियमित होने दें, तो अल्पायु में बुढ़ापा नही आयेगा। नारी के लिए जवानी रोकना जरूरी है। जाने केसे रहे जवान !!

    महिलाएं मात्र मासिक धर्म को नियमित होने दें, तो अल्पायु में बुढ़ापा नही आयेगा। नारी के लिए जवानी रोकना जरूरी है। जाने केसे रहे जवान !!

    आयुर्वेद में स्त्री के सभी गुप्त रोगों, सोमरोग, लिकोरिया, श्वेत प्रदर PCOS आदि का शर्तिया इलाज है।जाने कारण, निवारण और उपाय सावधान – मासिक धर्म की गड़बड़ी और PCOD पीसीओडी के कारण जवानी में ही बुढ़ापा आ रहा है! 35 से 40 की आयु में MC रुक जाती है और चर्बी, मोटापा भी बढ़ रहा है। पीडियाड़ समय पर खुलकर…

  • खांसी, सर्दी, जुकाम, श्वांस दमा की सबसे अच्छी देशी दवा कौन सी है।

    खांसी, सर्दी, जुकाम, श्वांस दमा की सबसे अच्छी देशी दवा कौन सी है।

    शर, सेंधा नमक, आंवला, बहेड़ा, वंशलोचन, तेजपत्ता, काला नमक, छोटी हरड़, हल्दी, अजवायन, सौंफ और जीरा सभी को 10/10 ग्राम एवं मिश्री 25 ग्राम लेकर महीन पाउडर बनाएं। सेवन विधि रोज सुबह खाली पेट आधी चम्मच पावडर 10 ग्राम गुड़ में मिलाकर गोली बनाकर गर्म पानी या गर्म दूध के साथ लेवें। दूसरी विधि आधा…

  • दुनिया का पूज्यनीय मन्त्र !!

    दुनिया का पूज्यनीय मन्त्र !!

    दुनिया का पूज्यनीय मन्त्र यह सूत्र मुण्डकोपनिषद, ३/१/६ से लिया गया है। पूरा इस प्रकार है- अमृतमपत्रिका सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था वित तो देवयानः। येनाक्रमन्त्यषयो ह्याप्तकामा’ यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम् । अर्थात जय सत्य की होती है, असत्य की नहीं। सत्य ही देव तक ले जाने वाला एक मात्र मार्ग है, सत्य से निर्मित…