सफलता पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है !!

  • सफलता दो शब्दों सफ+लता से मिलकर बना है। सफ का अर्थ साफ होता है और लता का मतलब विचारों की बेल से लगाएं।
  • जब तक दिल, मन, तन, अंतर्मन की सारी लाएं यानि काम के लिए जुट एकाग्रता से फलीभूत न होने लगें, तब काम, बस काम करते रहेगी।
  • सफलता या पैसा पेड़ों पर नहीं उगता। आत्मा से सींचना पड़ता है। दुनिया में कुछ ही लोग हैं, जो गिनती में न के बराबर हैं। उन्होंने कर्म को धर्म मानकर खुद को खपा दिया।
  • आजकल लोग अध्ययन नहीं करते। मोटिवेशनल वीडियो देखकर बड़ा आदमी बन का अपना देखते हैं। ध्यान रखें ध्यान से पढ़ने पर ही ज्ञान की वृद्धि होती है।
  • ज्ञान आने के बाद पान की तरह थूकें नहीं, अपितु ज्ञान का दान देकर अपना और समाज का सम्मान बढ़ा सकते हैं।
  • श्रीमद्भागवत गीता, धर्म ग्रंथ का अध्ययन हमारे मनोबल को मजबूत करता है। भक्ति के लिए प्रेरित करता है।
  • वर्तमान, अभी, आज पर फोकस करो। वर्तमान पर ध्यान देकर भूत भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना।
  • जब कोई भूत यानि पुरानी बातें सोचता है, तो तनाव, खिसियाहट, आने के साथ साथ क्रोध का बोध होने लगता है।
  • सफलता का सबसे बड़ा सूत्र है-हमेशा व्यस्त रहना। समय की बर्बादी सफलता में अवरोधक है।
  • मन की गति सूर्य की गति से भी ज्यादा है। ये शक्ति है अगर वश में हो जायेगा, तो दुनिया के सर्वशक्ति, सिद्ध, समृद्ध व्यक्ति बन सकते हैं।
  • कहा भी है कि अरे मन समझ समझ पग धरिए।
  • सफलता अपेक्षाओं या सपनो की एक निर्धारित सीमा को पूरा करने की अवस्था है। सफलता को विफलता के विपरीत के रूप में देखा जा सकता है।
  • भविष्य के बारे में सोचने से चिंता होने लगती है। केवल प्रजेंट में होने से दिमाग डिटर्जेंट से अर्जेंट धुलकर साफ होता रहता है।
  • विशेष बात यह है कि अनुभव से बड़ी कोई पूंजी नहीं होती। जिस दिन भी आप आपके पास अनुभवों का संग्रह होगा, बस वहीं से सफलता की शुरुआत समझें।
  • सफलता के लिए सर्वप्रथम स्वस्थ्य रहना आवश्यक है। स्वस्थ्य काया भी सबसे बड़ी माया है। यही मूल धन है।
  • स्वस्थ्य रहने के लिए दिनचर्या, नियम, जीवनशैली बदलना महत्वपूर्ण सूत्र है।
  • हेल्दी व्यक्ति का मस्तिष्क सोचने – समझने की क्षमता तथा कार्य के प्रति निष्ठा सही होती है और तभी वह मनुष्य किसी भी कार्य को करने में सफलता प्राप्त कर पाता है।
  • आजकल एक चलन चला है-समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट। यह कर्मशील लोगों के लिए व्यर्थ की बाते हैं।
  • काम करने का अपना एक मूड, मन और दिमाग होता है। अतः इन सब बातों में मस्तिष्क खराब न करके एक बार में काम निपटाकर ही उठें। छूटा हुआ कार्य पुनः ठीक ढंग से नहीं होता।
  • जब कभी नींद न आये, तो कुछ भी पढ़ने बैठ जाएं। दुनिया में सफल होने वाले लोगों का जीवन बहुत अस्त-व्यस्त एवं अव्यवस्थित ही रहा है।
  • वीडियो आदि ज्यादा न देखें। पढ़ने से बुद्धि खुलती है। ज्ञान बढ़ता है। डिप्रेशन दूर होता है।
  • अतः जब जो मन में आये या जिस काम को उस वक्त तरीके से कर सकें वही सर्वश्रेष्ठ बात है।
  • फालतू की उलझनों, सीमाओं, संकल्पों में न उलझे। कसम, प्रतिज्ञा तथा संकल्प के कारण ही महाभारत का युद्ध हुआ था।
  • मूल चीज है नित्य क्रियाएं, काम-कर्म, प्रयास और व्यस्तता। यही आपको तनाव, चिंतारहित रखकर आगे बढ़ा सकता है।
  • अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में जरूर खर्च करें। वो भी केवल बिना झोली के फकीर को खिलाएं।
  • मात्र पशु-पक्षियों को ही अन्न आदि खिलाएं। मन्दिर आदि में दान न करें। वहां सब पाखंड फैला रखा है।
  • हो सके, तो हर महीने की मास शिवरात्रि, जो कि अमावस्या के एक दिन पहले चतुर्दशी को पड़ती है। इस दिन रुद्राभिषेक कराकर सफलता की प्रार्थना करें।
  • अथवा पांच दीपक Raahukey oil के अवश्य जलाएं और ॐ शंभूतेजसे नमः शिवाय का एक माला जाप करें।
  • नकारात्मक सोच को न पनपने देंवें। जब भी कुछ मन खराब हो, तो !!ॐ शम्भूतेजसे नमःशिवाय!! यह मन्त्र आपको शक्ति और मार्गदर्शन देगा।
  • शिवभक्ति के साथ दूर दृष्टि के साथ भरपूर मेहनत करें। मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। सदैव व्यस्त रहो।
  • कोई भी इंसान चिन्ता की वजह से जल्दी मरता है। मेहनत या कर्म की वजह से नहीं।
  • इरादा नेक और मजबूत हो। ध्यान रखें आगे बढ़ने एवं सफलता का मूल आधार कर्म है। कर्म ही सबसे सबसे बड़ा कानून है।
  • नियमित अध्ययन की आदत डालें। अपनी कमाई का एक से 2 फीसदी हिस्सा किताबों या ज्ञान पर व्यय करें।
  • बहुत छोटे सपने न देखें। आपको हर नई बातें, चीजे सीखने में हानि, घाटा, नुकसान होगा। किंतु घाटा ही सबसे बड़ा गुरु है। सीखेंगे, तो घाटे का रूप में उसकी शुल्क चुकाना होगा।

अमृतम की कहानी…

  • सन 1983 से एक आयुर्वेदिक कम्पनी में बतौर पैकर कर्मचारी के रूप में जीवन का श्रीगणेश करने के बाद भी आज 2006 में अपना खुद का ब्रांड Amrutam अमृतम नाम से स्थापित किया और सन 2018 में इसे ऑनलाइन मार्किट में लेकर आये।
  • वर्तमान में अमृतम Amrutam लगभग 48 देशों में अपना हर्बल उत्पाद बेच रही है। अमृतम परिवार में 100 लोगों की टीम तन-मन-अन्तर्मन से कम्पनी को समर्पित है।
  • अमृतमपत्रिका भी अपने लेखों के द्वारा आयुर्वेद की लाखों वर्ष पुरानी पध्दति से लोगों को अवगत करा रहे हैं।
|| अमृतम पत्रिका || (9)
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  • आज अमृतम 125 से अधिक आयुर्वेदिक उत्पाद ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
  • अमृतम ग्लोबल भी चिकित्सीय सलाहकार ऑनलाइन प्लेटफार्म है। यहां करीब 20 से अधिक जाने-माने आयुर्वेद के जानकार चिकित्सक मरीजों के रोगों का निदान कर रहे है। यह सब भोलेनाथ की कृपा और धैर्य का प्रतिफल है।
  • अगर समय को सोना मानोगे तथा हर जगह समझौता की भावना रखकर काम करोगे, तो एक दिन महादेव निशिचित ही सफलता का द्वार खोल देता है।
  • छोटे-छोटे कामों में समय बर्बाद न करें। कुछ समय के लिए अपने दोनों हाथों को ही सबसे बड़ा दोस्त समझों। जब कभी दोस्तों की याद आये, दोनों हाथ मिला लें।
  • सब्जी खरीदना, किराना लाना ऐसे अनेकों ऐसे काम हैं जिसमे बहुत वक्त जाया होता है। इनसे बचें। पैसे बचाने से ज्यादा कमाने पर दिमाग लगाएं।
  • सादा जीवन, उच्च विचार वाली सोच न रखें। क्योंकि सोच ऊंची होगी, तो जीवन सादा सरल नहीं हो सकता। यह सफलता के बाद की बातें है।
  • खुद पर भरोसा हो, तो सफलता के पश्चात एक दिन दुनिया घर पर परोसा लेकर आती है। सन्सार का सारा खेल पैसे से चल रहा है।
  • बैंक में FD बनबाने की जगह शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करें। नित्य रोज नई खोज करें, जो सफलता में सहायक हों।
  • सफलता के मानदंड/मापदंड आपके सपने, सोच, विचारधारा तथा संदर्भ पर निर्भर करते हैं।
  • एक व्यक्ति एक सफलता पर विचार कर पैदा कर ऊर्जा से सराबोर हो सकता है जिसे दूसरा व्यक्ति विफलता मानता है।
  • अन्त में इतना याद रखें आपने दुःख सुख की जिम्मेदारी खुद ही लेवें। इसे दूसरों के हाथों में न देवें।
  • आयुर्वेद के नियमानुसार देह में त्रिदोष के प्रकोपित होने से अनेक उदर रोग पनपने लगते हैं। अतः त्रिदोष की चिकित्सा जरूरी है।
  • अमृतम ने आयुर्वेद के योग्य, विद्वान और वरिष्ठ वेदों-चिकित्सकों द्वारा एक बेहतरीन पुस्तक प्रकाशित की है। इस किताब का नाम Ayurveda Life Style है, जो कि ओनली ऑनलाईन ही उपलब्ध है।
  • असन्तुलित वात-पित्त-कफ अर्थात त्रिदोषों की जांच स्वयं अपने से करने के लिए यह अंग्रेजी की किताब आयुर्वेदा लाइफ स्टाइल आपकी बहुत मदद करेगी। इसमें उपाय भी बताएं हैं।
  • अपनी लाइफ स्टाइल ठीक करने के लिए Ayurved Life Style बुक का अध्ययन तथा अमल कर सदैव स्वस्थ्य रह सकते हैं।

In the box

  • Ayurveda Lifestyle: The Beginning Paperback + Amrutam Jute Bag + Vata Key Herbs + Pitta Key Herbs + Kapha Key Herbs + Detox Key Herbs + Buddhi Key Herbs + Amrutam Gulkand + Dentkey Manjan + Bamboo Toothbrush + Tongue Cleaner + Ayurvedic Poster + Kayakey Oil + Madhu Panchamrut

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