Category: Amrutam Daily Lifestyle
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हमारे प्रयास ही हमें स्वस्थ्य रख सकते हैं। अपने रोग खुद कैसे जाने!
मानव-शरीर- शास्त्र के शरीर रचना, इंद्रिय-विज्ञान तथा आरोग्य-शास्त्र ही मुख्य अंग है। केवल एक अंग का अभ्यास । करने से ही कार्य नहीं चल सकता, क्योंकि इन अंगों का परस्पर घनिष्ट संबंध है। अत: आयुर्वेद शास्त्रों के पूर्वार्ध में शरीर-रचना तथा इंद्रिय-विज्ञान का वर्णन, और उत्तरार्ध में आरोग्य शास्त्र का वर्णन किया गया है। देह…
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प्राचीनकाल में ऋषि – महर्षि, वैद्य बिना दवा के यानि स्पर्श या प्राण चिकित्सा से करते थे उपचार। जाने कैसे…
स्पर्श चिकित्सा को झाड़ फूंक की विधि भी कह सकते हैं- हर दर्द की दवा है – गोविंद की गली में…. सिरदर्द, हाथ – पैरों में सूजन, कमर या रीढ़ की हड्डी में गैप या दर्द, मानसिक विकार, तनाव, डिप्रेशन, माइग्रेन, कम्पन आदि का इलाज आज भी उत्तर, हिमालय, तिब्बत, लद्दाख, असम के कामाख्या मंदिर…
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बून्दी जरूर जाएं और वहां की 50 से अधिक बावड़ी देखें…
लगभग 60 फुट गहरे वर्गाकार कुंडों की सुंदरता इनकी सीढ़ियों से है, जो पाषाण की होते हुए भी बोलती-सी हैं। छतरियों के स्तंभों पर निर्मित बेल-बूटे और गमलों को नक्काशी बेजोड़ है। यहां पर गजलक्ष्मी, सरस्वती और गणेशजी की शास्त्रोक्त प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। ‘नागरसागर कुंड’ में उद्यान विकसित होने से आकर्षण और बढ़ गया…
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बच्चों के नाम रखने से पहले उसका अर्थ समझ लें, अन्यथा वे भाग्यशाली नहीं बन पाते।
वर्तमान में ज्यादातर माता पिता अपने लाडले का नाम कुछ ऐसा रखना चाहते हैं जो सुनने में नये लगे तथा अंक ज्योतिष के अनुसार भाग्य वृद्धि कारक भी हों। लेकिन नामकरण के समय वे अर्थ पर ध्यान नहीं देते। इससे कई बार अर्थ का अनर्थ हो जाता है। संस्कृत भाषा वैसे भी शब्दार्थों के मामले…
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विश्वास घात से बचायेगा- 7 अंक का साथ हो! रोचक रहस्यों से भरा यह लेख आपका डिप्रेशन दूर करेगा!
जब तक जीवन का साथ ही, तब तक सात का महत्व है। सात शरीर में सात चक्र भी विद्यमान होते हैं। 70 शास्त्र, किताबों के ७० दिन साथ रहकर सच्चे मन से 7 अंक की सच्चाई प्रस्तुत है। इसे पढ़ने में भी कम से कम ७० मिनिट, तो लग ही जायेंगे। क्योंकि यह लेख सत्तर हजार शब्दों से पिरोया है।…
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आपकी खराब किस्मत बदल देगा यह भगवान शिव द्वारा रचित आदित्य ह्रदय स्तोत्र!
कोई भी व्यक्ति भारी दुःखों से पीड़ित है, उसकी गरीबी नहीं मिट रही हो और केंसर, मधुमेह, रक्तचाप आदि असाध्य रोगों से परेशान हो, उन्हें यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए। भविष्यपुराण में भगवान शिव ने श्रीकृष्ण को बताया है कि इस स्तोत्र से अनेक जन्मों का दुःख मिट जाता है। जैसे-कालसर्प, पितृदोष, ग्रहदोष, वास्तुदोष, दरिद्र दोष,…
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छाछ पीने से जाने तक्र मठा के 26 जबरदस्त फायदे!
मठा, मट्ठा, तक्र, छाछ, गर्मी के दिनों में छाछ का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। amrutam पत्रिका अप्रैल 2006 अंक से साभार.. भविष्य में होने वाले बड़े बीमारियों से भी टाला जा सकता है. होने वाली तकलीफ और औषधियों का खर्च भी बचेगा आज से ही कोल्ड ड्रिंक को बंद कर, छाछ पीना शुरू करें। मठा,…
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काली कवच, जो बचाता है- जीवन को। जाने एक अदभुत रहस्य…
कवच मुख्यतः सात प्रकार के हुआ करते हैं। पहला कवच है, जिसे धारण करके राजा को युद्ध में घाव नहीं लगता था। द्वितीय प्रकार का कवच है-ताबीज। तृतीय प्रकार का कवच है-भाग्यवर्धक रत्न। चतुर्थ प्रकार का कवच है-इष्ट, गुरु या शिव की कृपा। पंचम प्रकार का कवच है-साधु-सन्त का आशीर्वाद। षष्ठम् प्रकार का कवच है-मन्त्रानुष्ठान। सप्तम् प्रकार का कवच है-कवच पाठ। सनातन धर्म…
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शिव के डमरू से निकले 14 सूत्र अरबपति बना सकते हैं-शिव के डमरू से निकले 14 सूत्र अरबपति बना सकते हैं!
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि को रात 12 बजे मध्यरात्रि बेला में एक बार कैलाश पर्वत पर नटराज भगवान् ने नृत्य की समाप्ति पर लय-ताल के रूप में चौदह बार अपना डमरू बजाया, ताकि सनकादि सिद्ध, ऋषि मुनि एवं सृष्टि के सभी देवों व मनुष्यों आदि का उद्धार हो सके। नटराज राजो, ननाद ढक्वानवपञ्चवारम्। उद्धर्तुकामः सनकादिसिद्धानेतविर्मशं…
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विधि-विधान से करें मन्त्र जाप, तो मिलेंगे चमत्कारी परिणाम!
तमोगुण तथा रजोगुण से भरा मन ही दुर्मन कहा जाता है। मन्त्र जाप से सतोगुण में वृद्धि होती है। अवसाद या डिप्रेशन मिटता है। बिना विधान के जपे मन्त्र भूत पूजा कही जाती है। बिना गुरु-मुख का मन्त्र जाप फलीभूत नहीं होता। अतः आप जो मन्त्र अपनी किसी कामना पूर्ति के लिए जपना चाहते हैं…
