Category: Amrutam Daily Lifestyle
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तिल हों गाल पर, तो किस्मत वाली होती हैं-महिलाएं…
तन पर तिल के 19 कायदे और फायदे जाने… स्वतंत्र विचारों के होते हैं, गाल पर तिल वाले लोग.. तिल का अपना अलग महत्व है। शरीर में तिल से भाग्य-दुर्भाग्य का आंकलन किया जाता है। एक शायर ने तिल पर सही लिखा है- तुमने अपने चेहरे पर, जो तिल सजा रखा है! अब पता चला…
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गुड़ के 30 फायदे जानकर आप खाने को मजबूर हो जाएंगे। जाने क्यों…
गुड़ शरीर के 100 अवगुण दूर करता है। गुड़ में अनंत गुण होने के कारण आदर्श निघण्टु ग्रन्थ में इसकी महिमा अपार बताई है। गुड़ देह को दुर्गुण से बचाता है। गुड़ -एक गुणकारी औषधी Jaggery – an Amrutam medicine गुड़ एक असरदायक औषधि है। गुड़ गुणों की खान है। यह उदर के गुड़ रहस्यों-रोगो…
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शरीर में कम्पन, झुनझुनाहट और दर्द का देशी घरेलू इलाज…
आप 10 ग्राम गुड़ में 3 ग्राम घी मिलाकर सुबह खाली पेट खाएं। पानी न पिएं। 2 घण्टे बाद गर्म दूध पियें। प्रत्येक शनिवार बादाम, जैतून तेल मिलाकर धूप में मालिश करें। फिर एक या 2 घण्टे बाद स्नान करें। 2 रोटी पर तिल के लड्डू, -उड़द गली हुई, चने की रखकर नन्दी, साढ़ को…
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उड़द की दाल, दलहन के साथ- दवा भी है….
उड़द की दाल गरिष्ठ स्वभाव की होती है। जल्दी पचती नहीं है, जिन्हें बहुत भूख लगती है या बार-बार खाने की आदत से परेशान हैं, तो उड़द की दाल एक बेहतरीन उपचार है। बरसात के समय जठराग्नि कमजोर होने से इसे न खाने की सलाह कुछ आयुर्वेदिक ग्रन्थों में दी गई है। इसे बनाने का…
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क्या वृक्षों को गलत भाव से छुए, तो क्या वे सूखने लगते हैं….
यह बात पूर्णतः सत्य है। हमने नारियल का पेड़ अपनी अमृतम वाटिका में बहुत ही सावधानी पूर्वक लगाया, तो वह पनप तो गया लेकिन 5 साल तक ज्यादा बढ़ा नहीं हुआ। प्रवास में प्रयास… एक बार सपरिवार केरल प्रवास पर गुरुवायुर, शबरी मलय, शेषनाग शिवालय आदि तीर्थस्थल पर गए और कुछ जानकारों से पूछा? उन्होंने…
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चेहरे को चमकाने वाला एक कीमती- आयुर्वेदिक कुमकुमदी तेल….
Past Forward अर्थात प्राचीन यानि पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाओ। ओल्ड सदैव गोल्ड रहता है। अमृतम कुंकुमादि तेलम भी आयुर्वेद की 5000 साल प्राचीन पध्दति के अनुसार निर्मित है! इसमें नेचुरल सनस्क्रीन गुण होते हैं। आयुर्वेद का यह बहुमूल्य फेस ऑयल रोम-रोम की मरम्मत कर, चेहरे की त्वचा को चमका देता है। हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर, मुम्बई के…
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एकादशी को रोगों से बचने के लिए चावल भूलकर भी न खाएं…क्यों?
भारतीय परम्परा लगातार चलने वाला और तन-मन-अन्तर्मन को स्वस्थ्य रखने वाला मार्ग है। यह महान महर्षियों (प्रकृति वैज्ञानिक) की खोज है। हमारे ग्रन्थ थोपी हुई रूढ़ि नहीं है। अगर तन्दरुस्त रहना है, तो प्राचीनता को ही सबसे बड़ी ओषधि मानकर चलें। आयुर्वेदिक शास्त्रों एवं हरिवंश पुराण के अनुसार चावल यानि अक्षत और जौ को जीव मानते हैं।…
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तंदरुस्ती के 25 सूत्र…….
वायु विकार में मुलेठी एवं गुलकन्द युक्त पान खाने के बाद लेवें, तो गैस से तुरन्त राहत मिलती है। आयुर्वेदिक शास्त्रों में विशेष निर्देश दिया गया है कि….. सौ काम छोड़कर खाना, हजार काम त्यागकर नहाना और लाखों कार्य छोड़कर पाखाना। क्योंकि पेट सफा, तो सब रोग दफा यानी पाखाना साफ होने से सब बीमारी…
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कैसे रखे शरीर का ध्यान। जाने… देखभाल के तरीके……
सोशल मीडिया पर लिखे लेखो पर तुरन्त भरोसा न करें अन्यथा शरीर को हो सकता है ! भारी नुकसान!!! अमृतम पत्रिका अब विकिपीडिया पर पढ़ें… सोशल मीडिया पर बहुत सी जानकारी मनगढ़ंत लिखी जा रही हैं। इससे शरीर रोगमुक्त होने की जगह रोगों से घिरता जा रहा है। जब तक सन्दर्भ ग्रन्थ का उल्लेख न…
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लहसुन रोज कितना खाना हितकारी है।
लहसुन के अन्य नाम… लसुन, लशुन, रसुन, लसुण, बेल्लूल्ली, तेल्ल लिगड्डा, सिंधी में पोम, फारसी में सीर कहते हैं। लहसुन का सेवन मद्य, मांस, अम्ल रस युक्त पदार्थ भक्षण करने वालों के लिए अत्यंत रहता है। अत्याधिक व्यायाम करने वाले, धूप में ज्यादा चलने वाले, क्रोधी स्वभाव वालों को लहसुन का उपयोग भूलकर भी नहीं…
