क्या आप आयुर्वेद के सबसे महंगे तेल के बारे में जानते हैं? 25 ML 2999/-

पुराने राजे-रजवाड़ों के महंगे शौक–

कुंकुमादि तेल का उपयोग प्राचीन काल से होता

आ रहा है। यह बहुत बहुमूल्य होने

के कारण इसे केवल

राजा-महाराजा की

रानी-महारानी के अलावा अमीर-रहीस लोग ही

इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

आम आदमी को इस तेल के बारे

में ज्यादा मालूम नहीं है।

इस तेल के फार्मूले की खोज लाखों-हजारों साल पहले आयुर्वेदिक वैज्ञानिक महर्षि अंगारक ने की थी।

संस्कृत में कुमकुम को केशर कहते हैं। बहुमूल्य कुमकुम-केसर कुंकुमादि तेल का मुख्य घटक होने से यह बहुत महंगा होता है।

कुंकुमादि तेल का उपयोग केवल रहीस व बड़े लोग ही अधिक करते हैं।

इस आयुर्वेदिक फेस आयल की विशेषता है कि इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। कुंकुमादि तेल एक प्राकृतिक त्वचा निखार ओषधि है।

यह तेल बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी स्किन को दाग-धब्बे रहित, साफ-सुथरा क्लीन, टोनर के साथ-साथ मॉश्चराइज भी करता है। इसके अलावा यह कील-मुँहासे, झाईं, आंख के नीचे काले निशान एवं पिगमेंट्स आदि त्वचारोगों से भी निजात दिलाता है।

अमृतम कुम-कुमादि तेलम्

आयुर्वेद का यह बहुमूल्य फेस ऑयल है, जो चेहरे के रोम-रोम की मरम्मत कर, त्वचा को चमका देता है।

अमृतम कुम-कुमादि तेलम् यह आयुर्वेद का

5 हजार साल पुराना फार्मूला है

★ अर्कप्रकाश,

★ स्कन्दः पुराण,

★ ईश्वरोउपनिषद,

आदि पुरानी किताब के किबाड़ खोलने से ज्ञात होता है कि-इस तेल का उपयोग सुन्दरता वृद्धि हेतु सदियों से हो रहा है। कोमल, निखरती त्वचा और चेहरे को चमकदार बनाने एवं खूबसूरती के लिए किया जाता रहा है।

अमृतम कुम-कुमादि मुख तेल

का यह योग आयुर्वेद के “योगरत्नाकर

नामक प्राचीन ग्रन्थ” के क्षुद्ररोगाधिकार तथा

चरक सहिंता के त्वचा रोगाधिकार

और भैषज्य रत्नाकर

के “सुन्दरता वृद्धि योग” से लिया गया है।

आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त

आयुर्वेदिक फार्मूलेशन ऑफ इंडिया

(AFI) आयुर्वेद की सबसे विश्वसनीय

पुस्तक है। Afi में केशर से निर्मित कुमकुमादि फेस ऑयल के फार्मूले का संस्कृत में एक श्लोक लिखा है….

कुंकुम चन्दनं लोध्रं पतंग रक्तचन्दनम् !

कालियकमुशीरं च मजिंष्ठा मधुयष्टिका !!१!!

पत्रकं पद्मकं पद्मकुष्ठं गोरोचनं निशा !

लाक्षा दारूहरिद्रा च गैरिकं नागकेशरम् !!२!!

पलाशकुसुमं चापि प्रियंगगुश्च वटाअंकुरा !

मालती च मधूच्छिष्टम सर्षपा: सुरभिवर्चा !!३!!

अर्थात

कुंकुमादि तेल में मिले घटक निम्न हैं-

केसर, ◆चंदन, ◆लोध्रं,

◆पतंग काष्ठ, ◆रक्त चन्दन

◆लाख (लाक्षा) ◆मंजिष्ठा

◆यष्टिमधु (मुलेठी) ◆दारुहल्दी

◆उशीर ◆पद्मक ◆नील कमल

◆बरगद (वट वृक्ष) ◆पाकड़/पाखर

◆कमल केसर ◆बिल्व ◆अग्निमंथ

◆श्योनाक ◆गंभारी ◆पाटला,

नागकेशर, ◆वट अंकुर, ◆पलाश,

प्रियंगुमंजरी, ◆शालपर्णी पृश्नपर्णी ◆गोखरू (गोक्षुर) ◆बृहती

◆ कंटकारी या भटकटैया,

◆मालती और ◆मधु आदि मिलाकर

इसे 16 गुने पानी में 8 दिनों तक उबालते हैं। उसके बाद शेष बचे उबले जल/काढ़े को छानकर निकाल लेते है और इस काढ़े को तिल्ली, बादाम, चंदनादि तेलों में 15 दिनों तक मंदी आंच में पकाते हैं, तत्पश्चात 40 से 50 दिनों में

अमृतम कुम-कुमादि तेल तैयार हो पाता है।

5000 वर्ष पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथो के अनुसार अमृतम

Kumkumadi oil

35 से अधिक घटक-द्रव एवं जड़ीबूटियों के अर्क, काढ़े से प्राचीन क्षीरपाक विधि से निर्मित किया जाता है।

अमृतम कुंकुमादि तेलं के 10-दस फायदे

जो त्वचा की सूक्ष्म कोशिकाओं की मरम्मत करने में खास उपयोगी हैं–

कुंकुमादि तेल रसायनिक उत्पादों से दूषित चेहरे को चमकदार बनाने का बेहतरीन इलाज है।

【1】त्वचा को कोमल, मुलायम और

ग्लोइंग बनाएं!

【2】जगमगाता गोरापन लाएं

【3】चेहरे की चमक बढ़ाये

【4】ऑयल कंट्रोल करे

【5】खोया निखार वापस लाये

【6】दाग-धब्बों से राहत दे

【7】झुर्रियां कम करे

【8】बेहतर रंगत दे

【9】आत्मविश्वास बढ़ाये।

【10】कील-मुहांसे, दाग-धब्बे मिटाता है।

अमृतम कुंकुमादि तेलं में मिलाई गई

केशर का सबसे महत्वपूर्ण काम यह है की यह त्वचा में जल्दी शोषित होकर मरम्मत करता है।

यह बुढापे को रोकता है इसलिए उम्ररोधी

यानी एंटीरेजिंग भी होता है।

केशर पूरे प्रेशर से त्वचा की पूरी गन्दगी बाहर निकालकर, चेहरे के कलेवर को बदल देता है।

लटकती ढ़ीली त्वचा, झुर्रियां, बुढापे के लक्षण आदि समस्याओं का स्थाई हल है

चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने हेतु इसमें मिलाया गया चन्दन, केशर की वजह से कुमकुमादि तेल त्वचा के लिए काफी गुणकारी होता है।

सनस्क्रीन के तौर पर काम करता है

कुमकुमादि तैलम, सूरज की तेज धूप और यूवी किरणों से होने वाले बुरे असर से स्किन को बचाता है। इस तेल को बनाने में केसर या फूलों के पराग का इस्तेमाल किया जाता है।

सदियों में या किसी भी मौसम में हाइपरपिगमेंटेशन के लिए यह तेल काफी लाभदायी माना गया है।

क्‍यों होता है पिगमेंटेशन….

इस समय दुषित आवो-हवा की वजह से

पूरे विश्व के युवा स्त्री-पुरुषों को त्‍वचा

संबंधी इस समस्‍या का सामना करना

पड़ रहा है।

पिगमेंटेशन या हायपरपिगमेंटेशन त्‍वचा की एक सामान्‍य समस्‍या है। जो प्रदूषण और प्रदुषित वातावरण के चलते 10 में से 7 महिला या मर्द चेहरे की स्किन खराब होने के भय से पीड़ित है।

पिगमेंटेशन/हायपरपिगमेंटेशन

में त्‍वचा का कोई-कोई भाग सामान्‍य से गहरा रंग का होकर, त्‍वचा पर दाग-धब्‍बे पड़ने लगते हैं। जिससे सुन्दरता क्षीण हो जाती है। त्वचा में यह समस्या त्‍वचा में मेलानिन का स्‍तर बढ़ने से होती है।

अमृतम कुंकुमादि तेल के नियमित उपयोग से काले धब्बे, काले घेरे, निशान तथा चेहरे पर होने वाली अन्य समस्याओं से भी निजात दिलाता है।

सुंदरता हमेशा से लोगों के लिए बहुमूल्य रही है। खूबसरती दूसरों का ध्यान आकर्षित करने का एक अच्छा साधन है।

अमृतम कुंकुमादि तेल पुराने से पुराने कील-मुंहासे, झुर्रियां, दाग-धब्बे, कालापन एवं चेहरे की समस्याओं से पीड़ित स्त्री-पुरुषों के लिए अति उत्तम आयुर्वेदिक ओषधि है।

ये पूर्णतः हानिरहित, बिना साइड इफ़ेक्ट के

प्राकृतिक उपाय है।

 प्राचीन यानि

पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाओ।

ओल्ड सदैव गोल्ड रहता है।

त्वचा होगी मुलायम, कोमल

सुंदरता अपने आप निखरती है

या निखरेगी

बस एक बार 25 मिलीलीटर

कुंकुमादि फेस ऑयल

एक महीने के लिए पर्याप्त है।

हजारों सौन्दर्य प्रसाधन की जरूरत

ही नहीं पड़ेगी। यह फेस के मेल को

साफ कर त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारकर सुरक्षित रखता है।

बदसूरती की वजह से दिल में लगी ठेस से फेस खराब होने के कारण हम जिंदगी की हर रेस में पिछड़ने से जी क्लेश में रहता है।

आयुर्वेद के अनुसार–

क्यो चली जाती है-चेहरे की चमक...

तन में तनिक सी विटामिन्स की कमी,

चेहरे के निखारने, मेकअप या खूबसूरत बनाके लिए सिंथेटिक तथा निम्न दर्जे के उत्पादों का उपयोग, और

अधूरी नींद, कब्ज, अपचन, मानसिक अशांति, हार्मोनल चेंजेज आदि अनेक वजहों से चेहरे की त्वचा फीकी पड़ने लगती है।

अमृतम कुंकुमादि तेल की खासियत

इसमें

★ एंटीऑक्सीडेंट,

★ एंटी-ह्यपरपिगमेंटशन,

★ मॉइस्चराइजर,

★ डेमल्सेण्ट,

★ एंटीबैक्टीरियल,

★ एंटी-इंफ्लेमेटरी,

★ एंटी-माइक्रोबियल,

★ एंटी-प्रुरितिक,

केवल ऑनलाइन उपलब्ध है

पैकिंग 25 मिलीलीटर ₹-2999/- Order करें:

amrutam kumkumadi oil

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Comments

One response to “क्या आप आयुर्वेद के सबसे महंगे तेल के बारे में जानते हैं? 25 ML 2999/-”

  1. SachinBablu avatar
    SachinBablu

    अद्भुतं

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