बुढ़ापा रोकने के लिए अष्टवर्ग युक्त च्यवनप्राश कांच की शीशी वाला ही खाएं !!

  • अगर आप असली अष्टवर्ग युक्त च्यवनप्राश खाना चाहते हैं, तो घर पर निर्माण करें।
  • बाजार में विज्ञापन, मार्केटिंग और बेहतरीन पैकिंग के झांसे में न आएं।
  • एडवरटाइजिंग की दम पर बिकने वाला च्यवनप्राश से आपको कुछ भी फायदा होने वाला नहीं है।
  • मन रखने के लिए एक टन भी खाएं। कुछ भी असर या फायदा दिखने वाला नहीं है।
  • घर का बना हुआ च्यवनप्राश बहुत ही ताकतवर, इम्यूनिटी बूस्टर, पाचक और लाजबाब होता है, लेकिन स्वादिष्ट नहीं होता। क्योंकि इसमें 50 से अधिक जड़ीबूटियों का काढ़ा मिश्रित होता है।

असली च्यवनप्राश फार्मूला और घर में बनाने की विधि

च्यवनप्राश के गुण-लाभ ग्रन्थानुसार…

  • AMRUTAM Chawanprash अमृतम च्यवनप्राश उन लोगों एवं परिवार को ज्यादा पसन्द आएगा जो असली ओरिजनल की तलाश में हैं। 5000 साल पुराने आयुर्वेदिक फार्मूले के मुताबिक शुद्ध घरेलू तरीके से निर्मित है।
  • पुराने आयुर्वेदिक ग्रन्थ आयुर्वेद सार संग्रह, सिद्धप्रयोग संग्रह तथा चरक सहिंता – के अनुसार प्राचीन पद्धति और 72 से अधिक जड़ीबूटियों, रस-रसायनों से बना अमृतम च्यवनप्राश अमृतम वाटिका में उगाए केवल कच्चे आंवले द्वारा ही निर्मित किया जाता है। इसकी निर्माण प्रक्रिया बहुत जटिल होने से महंगा भी है।
  • च्यवनप्राश बनने में 30 से 40 दिन का समय लगता है। यह उम्ररोधी एंटीएजिंग एवं इम्युनिटी बूस्टर ओषधि है।

ऑनलाइन उपलब्ध है।

पैकिंग – 400 ग्राम काँच के जार में ₹-1899/-

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