लौकी एक सब्जी है और इसे खाने से सबका जी अच्छा होता है। तुरंत पचने वाली लौकी एक ओषधि भी है। द्रव्यगुण विज्ञान के मुताबिक ताजी लौकी का जूस एक दिन में 15 से 25 मिलीलीटर से ज्यादा नहीं लेना चाहिए अन्यथा यह जहर हो जाती है। कई लोग अधिक सेवन करने से काल के मुख में समा रहे हैं। मधुमेह रोगियों को कड़वी लौकी का रस लाभकारी है। खाने वाली लौकी का जूस गलती से भी उपयोग न करें। (माधव निदान)
लौकी का संस्कृत नाम — अलाबू तथा तुम्बी है।
लौकी के भेद- लम्बी तथा गोल भेद से लौकी दो प्रकार की होती है अर्थात्- एक दीर्घा अलाबू, दूसरी बत्तुला अलाबू। –
लौकी के फायदे
- लौकी में विटामिन बी,फाइबर, और पानी भरपूर मात्रा में होता है.
- इसके सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है.
- पाचन तंत्र मजबूत होता है, कब्ज नहीं होता और भूख को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
- लौकी का जूस, सूप या सब्जी नियमित रूप से खाने से वजन भी कम होता है.
- बस आपको लौकी की सब्जी या जूस खाने से पहले उसको चखना जरूर है.
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