झूठ का पुलिंदा हो गया है प्राणी

शिव सहिंता में लिखा है-

सत्यं
शिव
सुंदरम
सृष्टि में जो सत्य है, सच्चा है वही शिव है।
सच्चाई में ही सुन्दरता है।
सत्यं-शिवम-सुंदरम का यही भाव है।
कलयुग का कलंक
झूठहि लेना, झूठहि देना।
झूठहि भोजन, झूठ चबैना।।

वर्तमान में अधिकांश प्राणी सब प्रकार से असत्य का ही व्यवहार कर रहे है। इस कलियुग में किसी भी प्राणी का व्यवहार सत्य नहीं है।
ज्ञान है, तो मान है
ज्ञान से सत्य प्राप्त होता है बाकी सब झूठ ही झूठ है।
झूठ का मुख्य कारण अज्ञान है।
अथमृर्त्योडमृतो भवति” 
अर्थात अज्ञान रूपी ग्रन्थिया जब दूर हो जाती है,
 तब व्यक्ति जीना सीख जाता है, नवजीवन पाता है।
जब तक अविद्या के कारण इच्छाएं हैं,
तब तक हर कोई मरा हुआ है।
क्योंकि उसको निरंतर अभाव ही सताता है।
अभाव से चिंता होती है और चिंता ही सबसे बड़ी मृत्यु है।
इसीलिए ग्रंथों में लिखा गया –
 “चिन्ता चितादपि गरीयासि”
“यदा सर्वे प्रभद्यन्ते” 
भावार्थ-जब अज्ञान की ग्रन्थियां नष्ट हो जाती हैं,
फिर वह प्राणी मर्त्य अर्थात मरा हुआ नहीं रहता,
बल्कि वह फिर अमर्त्य अर्थात अमर हो जाता है।
सदगुरू का वचन है….
सदाशिव के ध्यान का अमृतपान करो “
अपनी वासनाओं को शांत रखो”
बस इतना ही उपदेश है।
अपने मनोविकारों और अविद्या को
दूर करने वाला पुरूष परम पुरूषोत्तम हो जाता है।
प्रत्येक क्षेत्र में परिश्रम पुरूष की प्रथम प्राथमिकता और आवश्यकता है।
सदा परमात्मा का ध्यान, परिश्रम और
प्रयास से सब कुछ पाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण बात
वचन का महत्व बचपन में समझाना चाहिए। 
पाचन का महत्व पचपन की उम्र में समझ में आता है।
लोगों की लापरवाही की वजह से लोकतंत्र से
भी ज्यादा खतरा अब पाचनतंत्र को है। 
पाचनतंत्र का रख-रखाव, देखभाल और
स्वस्थ्य रहने के लिए जिओ गोल्ड माल्ट
का सेवन बहुत लाभप्रद रहता है।
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जिओ गोल्ड माल्ट का तीन महीने सेवन करने
से पेट के बहुत विकार दूर हो जाते हैं।
【A】पेट साफ रहता है,  
【B】कब्ज नहीं होती।
【C】पाचनतंत्र मजबूत होता है।
【D】भूख अच्छी लगती है।
【E】एसिडिटी मिट जाती है।

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