मेरा जन्म 19 सितंबर 1992 और जन्म का समय 1:30 दोपहर मुझे स्वास्थ संबंधित बहुत समस्या रहती है कृपया उपाय बताइए गुरुजी ?
आपकी लग्न धनु है और राशि वृषभ। कुंडली में 4 ग्रह सूर्य, गुरु, शुक्र और बुध कन्या राशि में बैठकर संक्रमित हो गए हैं।
फिलहाल लग्नेश गुरु की महादशा चल रही है फिर भी कोई लाभ नहीं होगा। बीमारी की वजह भी यही रहेगी।
चंद्रमा के पीछे कोई ग्रह न होने से बिना मार्गदर्शन के भटकाव पैदा होगा।
घर में केले का पौधा हो तो तुरंत हटाएं। गुरुवार की पूजा बंद करें। पुखराज न पहिंने।
मंगल के साथ सप्तम में केतु बैठने से आप घोर मांगलिक हैं और संसार में सबके कल्याण की भावना और अत्याधिक भावुक होने से बेचेनी बनी रहेगी।
मंगल आपके जन्म नक्षत्र का स्वामी है। ये खूबसूरती को लेकर अहंकार पैदा कराता है। यही मंगल कामुक विचार दाता भी रहेगा। आप इस कारण गलती करके पछता भी सकती हैं।
गलत बार पर क्रोध न करें। ज्यादा स्पष्ट न बोलें अन्यथा लोग आपके दुश्मन बन सकते हैं।
चेहरे पर निशान आएं, या स्किन प्रोब्लम हो तो आयुर्वेदिक चिकित्सा करें।
आपकी 2 बहिन होंगी। शायद भाई न हो।
ध्यान, मेडिटेशन और शिवजी आराधना करें। हो सके तो ॐ शम्भू तेजसे नमः शिवाय मंत्र का 11 माह में 11 लाख जप करें।
प्रतेक मंगलवार को देशी घी के 32 दीपक घर में या किसी शिव मंदिर में दान करें। ये मंगलवार करने से 5 साल तक कोई रोग नहीं होगा।
मंगलवार को समय मिले तो कच्चे दूध में आधा चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। संभव न हो तो ध्यान या मानस पूजा से भी चढ़ा सकते हैं।
आपके माता पिता दोनो शासकीय कर्मचारी हो सकते हैं।
एक खास बात ये भी जाने कि आपके लग्न का नक्षत्र मूल है और इसके स्वामी केतु हैं। राक्षस अधिपति हैं। शिवजी अलावा किसी की भी पूजा न करें। विष्णु अवतारों से दैत्यों का तालमेल ठीक नहीं रहा।
संभव हो तो घर में शेषनाग के चित्र पर रोज इत्र लगाएं।
आपके बाबा के पास बहुत जमीन जायदाद रही होगी। लेकिन विवाद के कारण उतना लाभ नहीं मिला होगा।
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