नववर्ष, नया सवंत्सर शुभ-सुखदायक हो

स्वस्थ्य रहने के लिए क्या करें –
 नवसंवत्सर में दवा और दुआ से फायदे
सनातन धर्म के नववर्ष को नवसंवत्सर
कहा गया है। प्राचीन काल से ही ज्योतिष का
सम्पूर्ण विधि-विधान नववर्ष से ही शुरू होता है।
राशि के अनुसार नववर्ष कैसा व्यतीत होगा,
धन कितना आएगा-जाएगा, नया व्यापार, नया भवन, विवाह, जल वर्षा कितनी होगी और स्वास्थ्य कैसा रहेगा इन सबका आंकलन
सबकी गणना
नववर्ष के पंचांग द्वारा करने की बहुत पुरानी परम्परा रही है।
नववर्ष का प्रारंभ
भारतीय ज्योतिष के पंचांग की गणना के
मुताबिक चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन पड़वा यानि प्रतिपदा से सनातन धर्म का हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ होता है।
6 अप्रैल 2019 से शुरू होगा नववर्ष 
सन 2019 में इस बार ये 6 अप्रैल से
आरम्भ होगा। कुल सम्वत्सर 60 होते हैं।
हर वर्ष दो रहते हैं। इस संवत्सर का नाम परिधावी है। इस दिन रेवती नक्षत्र रहेगा
भगवान शनि देव होंगे 2019 कि राजा
जिस दिन से नवीन संवत्सर की शुरुआत होती है, वह दिन या दिनाधिपति उस वर्ष का राजा होता है। शनिवार के दिन के मान से इस साल के राजा शनि होंगे।
यह वर्ष रहेगा न्याय का
शनि देव सृष्टि के न्यायधीश हैं। इस वर्ष के राजा शनि होने से अन्यायी,
बेईमान लोगों को बर्बाद कर देगा
संपत्ति के मान से जिन लोगों ने जोड़-तोड़ से धन एकत्रित किया है। गलत कार्यों से सम्पत्ति इकठ्ठी की है, उन्हें नकारात्मक परिवर्तन दिखेंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यों के स्तर पर गिरावट दिखाई देगी।
भगवान सूर्य मंत्री होने से
देश-दुनिया में लोगों में सनातन धर्म के प्रति विस्नहेश आकर्षण बढ़ेगा। जनमानस आध्यात्म और ईश्वर की अनुभूति करेगा। बारिश के नजरिए से प्राकृतिक प्रभाव परेशानी उत्पन्न करेगा।
फिलहाल पूरे साल स्वस्थ्य कैसे रहे-
 
आयुर्वेद के बहुत प्राचीन ग्रन्थ
रत्नावली भैषज्य में कहा गया है कि
यदि कोई भी प्राणी नववर्ष की सुबह
निम्नलिखित चीजों का सेवन करता है,
तो साल भर स्वस्थ्य रह सकता है-
पारिभद्रस्य पत्राणि कोमलानी विशेषतः
सपुष्पाणी समादाय चूर्ण कृत्वा विधानात:
मारीचं लवण हिंगु जीरकेण च सयुंक्त
अजमोदायुतं कृत्वा भक्ष्येद रोग शान्तये।।
अर्थात
निम की कच्ची कोपलोन में जीरा, सेंधा
नमक, अजवायन मिश्री और कालीमिर्च
समभाग मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन
करने से वर्ष भर कोई विकार उत्पन्न नहीं होता।
ऐसा व्यक्ति  पूरी साल स्वस्थ्य और प्रसन्न
रहता है।
अतः 2020 तक तन-मन को स्वस्थ्य
रखने के लिए यह प्रयोग अवश्य करें।
साथ में अमृतम गोल्ड माल्ट सपरिवार
सेवन करें

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