• पाचनतंत्र की मजबूती के लिए करें यह उपाय।

    पाचनतंत्र की मजबूती के लिए करें यह उपाय।

    आयुर्वेद के नियमानुसार अगर जठराग्नि यानी पाचनतंत्र की अग्नि तेज या मजबूत रहेगी, उदर दीपन होगा, तो शरीर सदैव सब विकारों से बचा रहता है। भोजन के एक घण्टे बाद पानी पीने की आदत बनाये, तो बुढ़ापे या जीवनान्त तक पाचनतंत्र की अग्नि मजबूत बनी रहेगी। पाचन तंत्र की अग्नि को आयुर्वेद में जठराग्नि कहते…

  • जानें सर्दियों में गुलकन्द खाने के 50 चमत्कारी फायदे। पित्तदोष शांत कर, पेट की बीमारियों और स्त्रीरोगों से बचाता है…

    जानें सर्दियों में गुलकन्द खाने के 50 चमत्कारी फायदे। पित्तदोष शांत कर, पेट की बीमारियों और स्त्रीरोगों से बचाता है…

    गुलकन्द के सेवन से ठीक हो जाते हैं-घातक व असाध्य रोग… सर्दी में गुलकन्द दूध के साथ लेने से जमा हुआ पुराना पित्त निकल जाता है। पेट की तकलीफों से परेशान ऐसे लोगों को सर्दी-जाड़े के मौसम में गुलकन्द जरूर खाना चाहिए। गुलकन्द रस-रक्त निर्मित कर नवीन वीर्य निर्मित कर गाढ़ा करती है, जिससे मर्दाना…

  • वातावरण एवं अनुष्ठान :—–

    वातावरण एवं अनुष्ठान :—–

    मैंने विभिन्न कामोद्दीपक नुस्खों तथा अन्य कारकों का विवरण दे दिया है जो काम-क्षमता तथा काम-वासना आदि में वृद्धि करते हैं । दो और कारक हैं जो काम-अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । ये हैं वातावरण व शयन-कक्ष की सज्जा तथा अनुष्ठानों का महत्त्व । सहवास के लिए उपयुक्त वातावरण होना…

  • कच्ची हल्दी क्या होती है? इसके क्या उपयोग होते हैं?

    कच्ची हल्दी क्या होती है? इसके क्या उपयोग होते हैं?

    कच्ची हल्दी के 25 लाजबाब फायदे… आयुर्वेद में हल्दी को हरिद्रा कहा जाता है। भावप्रकाश ग्रन्थ के अनुसार हल्‍दी की विभिन्न चीजे होती हैं- अम्बाहल्दी, दारुहल्दी, वनहल्दी आदि.. कच्ची हल्दी से अचार, बर्फी, लड्डू, रायता भी बनाते हैं कच्ची हल्दी कैसे पैदा होती है-देखें यह वीडियो… आयुर्वेद के अनुसार हल्दी के संस्कृत में श्लोक, विभिन्न…

  • दूध के फायदे और नुकसान। कौनसा दूध सेहत के लिए लाभकारी होता है?… दूध पीने के 22 फायदे है।जो जानकर आप दूध से प्रेम करने लगेंगे।

    दूध के फायदे और नुकसान। कौनसा दूध सेहत के लिए लाभकारी होता है?… दूध पीने के 22 फायदे है।जो जानकर आप दूध से प्रेम करने लगेंगे।

    संस्कृत में दूध को दुग्ध, क्षीर, पय:, पयस्, स्तन्य, बालजीवन और बल्यंजीवा नामों से जाना जाता है। निघण्टु के दुग्धवर्ग: में संस्कृत के एक श्लोकानुसार दुग्धं क्षीरं पय: स्तन्यं बलजीवनमित्यापि। दुग्धं सुमधुरं स्निग्धं वातपित्तहरं सरम्।। सद्य: शुक्रकरं शीतं सात्म्यं सर्वशारिरिकणाम्। जीवनँ बृहणम् बल्यं मेंध्यं बाजीकरं परम्।। दूध वात-पित्त करने वाला, नवीन शुक्र, वीर्य को उत्पन्न…

  • च्यवनप्राश का ये फार्मूला पढ़कर घर पर भी बना सकते हैं-च्यवनप्राश। जाने 50 से ज्यादा हैरान करने वाले चमत्कारी फायदे…

    च्यवनप्राश का ये फार्मूला पढ़कर घर पर भी बना सकते हैं-च्यवनप्राश। जाने 50 से ज्यादा हैरान करने वाले चमत्कारी फायदे…

    एक लाजबाब इम्युनिटी बूस्टर, जो कोरोना जैसे संक्रमण से लड़ने में पूरी तरह सक्षम है। आयुर्वेदिक शास्त्रों में च्यवनप्राश की बड़ी महत्ता बताई गई है। यह एक ऐसा आयुर्वेदिक योग है, जो बच्चे से लेकर बूढ़े सबको सर्दी-खांसी, जुकाम, साइनस, वर्तमान कोरोना या ओमीक्रोन जैसे संक्रमण से बचाकर निरोगी बनाता है। ठंड के दिनों में इसके…

  • आपको भगवान भोले नाथ (शिव) के किस मंदिर दर्शन की इच्छा सबसे अधिक होती है?

    आपको भगवान भोले नाथ (शिव) के किस मंदिर दर्शन की इच्छा सबसे अधिक होती है?

    सन्सार में महादेव के अनेकों शिवालय हैं, लेकिन कुछ शिव मंदिरों में भयंकर एनर्जी ऊर्जा है, जिसका अहसास चौखट पर जाकर ही होता है। दुनिया में शिवभक्त और शिवालय दोनों विचित्र है। यह कलश मन्दिर रायपुर के पास दर्शनीय है। ऐसे ही कुछ ऊर्जावान मंदिरों में उत्तराखंड का केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, थल केदार तथा पाताल भुवनेशर…

  • फैटी लिवर क्यों होता है। इसके लक्षण क्या है। जाने उपाय, उपचार और आयुर्वेदक इलाज….

    फैटी लिवर क्यों होता है। इसके लक्षण क्या है। जाने उपाय, उपचार और आयुर्वेदक इलाज….

    फैटी लिवर की वजह से कुछ भी पचता नहीं है। पेट में तरल पदार्थ बनने लगता है। यकृत्गत मेदोसंचय यानि फैटी लिवर होने की दो वजह मुख्य हैं। मदिरापान या मद्यपान ज्यादा करने से (Alcohol) तथा मिथ्या-आहार (Unhealthy lifestyle), जिसमें वसायुक्त खाद्यपदार्थों का अत्यधिक सेवन तथा न्यूनतम शारीरिक श्रम प्रमुख रहते हैं। फैटी लीवर की बीमारी…

  • संक्रांति का मतलब क्या है?…

    संक्रांति का मतलब क्या है?…

    संकल्प में सहायक है- मकर संक्रान्ति का उत्सव आध्यात्मिक ग्रन्थों शिवपुराण, शिवरहस्य, रुद्री, शिवतन्त्र आदि में यह वैदिक मयन्त्र अनेकों बार आया है- !!शिवः सङ्कल्प मस्तु!! अर्थात जिनकी संकल्प शक्ति मजबूत होती है, वे लोग शिव साधक होते हैं। ऋषि-मुनि कहते हैं कि शिव ही संकल्प है और हमारी इच्छा शक्ति का कारक भी शिव ही है।…

  • आर्युवेद में भी है मकर संक्रांति का महत्व….

    आर्युवेद में भी है मकर संक्रांति का महत्व….

    आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में चलने वाली सर्द हवाएं कई बीमारियों की कारण बन सकती हैं, इसलिए प्रसाद के तौर पर खिचड़ी, तिल और गुड़ से बनी हुई मिठाई खाने का प्रचलन है। तिल और गुड़ से बनी हुई मिठाई खाने से शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इन सभी चीजों के…

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