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काम-वासना के अन्य पहलू :—–
कामेच्छा क्या है? यह जानना जरूरी है। कामेच्छा तथा यौन समागम की इच्छा में अन्तर है । कामेच्छा से अभिप्राय उस तरह की इच्छा से नहीं है जो अन्य भौतिक पदार्थों के प्रति आपके मन में जागृत होती है। सांसारिक इच्छाओं से यह बिलकुल अलग है । सांसारिक संदर्भ में गिनी जाने वाली तो ‘यौन-समागम…
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तंत्र-मंत्र, में यक्ष-यक्षिणी साधनाएं क्या हैं। कर्ण पिशाचनी सिद्धि से अमीर कैसे बनते हैं कुछ लोग….
यह सब महादेव की भक्ति से सम्भव है। सभी तंत्र-मंत्र, सूक्ष्म साधनाएं भोलेनाथ के अधीन हैं। शिव को साधकर सब कुछ बहुत आसानी से पाया जा सकता है। इस ब्रह्मांड में कई तरह के लोक हैं, इन लोकों में अलग अलग तरह की प्रजातियों का निवास है। कुछ लोक पृथ्वी से नजदीक हैं कुछ दूर।…
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कुछ ऐसे नियम, जिससे वैज्ञानिक भी हैरान हैं और न कोई खोज कर सके…
आज आप जानोगे ऐसे नियम जो विज्ञान की समझ से परे है… कुछ ऐसे नियम जो महान वैज्ञानिक भी नहीं बता पाए – नियम 1 – अगर ब्रेड आपके हाथ से छूट जाए तो जमीन पर उसी तरफ से गिरेगा, जिस तरह मक्खन लगा हो। नियम 2 – जब आपके हाथ ग्रीस या आटे से…
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बिहार में सोने का खजाना जिसकी चाबी गुम है- चौंकाने वाली रहस्यमयी जानकारी…
बिहार का स्वर्ण भंडार – एक बार यहां अवश्य जाकर देखें, कलाकारों की कारीगरी… विज्ञान की लगातार खोजों के बाद भारत के रहस्य जस का तस हैं। भारत में राजा-,महाराजाओ के द्वारा दवाये गए स्वर्ण के अतुल्य भंडार इतने हैं कि दुनिया का हर आदमी एक से 2 किलो स्वर्ण का मालिक बन सकता है।…
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फाइनल – पिछले हटाएं जिसे देखखर भारत भूमि का गर्व होगा..
महाराष्ट्र के महापुरुषों – समर्थ गुरु रामदास , शिवाजी , ताराबाई आदि.. की जन्म-कर्म भूमि में पंचगंगा का बहुत योगदान है। कोल्हापुर के नजदीक यह प्राकृतिक 5 नदियों का संगम अद्भुत है। यहां के शिवालय भी दर्शनीय हैं। पंचगंगा नदी के सामने ताजमहल भी इस के आगे कुछ नहीं है आज तक कोई ये भी…
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समर्पण या आक्रमण दोनों में क्या सही है?..
अमृतमपत्रिका, ग्वालियर द्वारा साभार… शास्त्रों के मुताबिक शक्तियां तीन ही है। अध्यात्मिक शक्ति, आदिदैविक और भौतिक। महत्व तीनों का है। क्योंकि ये सभी ऊर्जावान, शक्तिप्रदाता हैं। प्रकृति का संतुलन इसी पर निर्भर है। शक्ति समर्पण में है-आक्रमण में नहीं। ईश्वर को सन्सार-सृष्टि की शक्ति का घोतक माना जाता है। क्योंकि वह सन्सार के लिए समर्पित…
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मेथीदाना- कामशक्ति बढ़ाये, खून साफ करी तथा स्तनों को सुडौल बनाता है। फायदे जानकर आप भी खएँगे…
मेथीदाना एक गर्म ओषधि है, इसे केवल सर्दी के मौसम में सेवन करना हितकारी है। गर्मी में मेथीदाना खाने से कब्ज की शिकायत हो सकती है। कामशक्ति वृद्धिकारक भी होती है मेथी। हजारों वर्ष प्राचीन एक ग्रन्थ में मैथी का संस्कृत में एक श्लोक लिखा है- मेथिकामेथिनी मेथी दीपनी बहुपत्रिका। बोधिनी बहुबीजा च ज्योतिर्गन्धफला तथा।।…
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हल्दी या हरिद्रा सोलह रोगों से बचाती है…
हल्दी या हरिद्रा के 16 चमत्कारी फायदे हैं… 【१】भावप्रकाश एवं द्रव्यगुण विज्ञान आदि आयुर्वेदिक ग्रन्थों के अनुसार बहुत अल्प मात्रा में हल्दी का रोज सेवन किया जाए, तो अनेकों तरह की एलर्जी से बचाव रहता है। 【२】नेत्र-मुख रोगों में हल्दी विशेष लाभदायक है। 【३】हल्दी को दरिद्र भी कहते हैं। हरिद्रा शरीर की आद्रा यानी सर्दी-जुकाम,…
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डेन्ट और आंत ये शरीर के मुख्य हिस्से है। इनको स्वस्थ्य कैसे रखें- जाने
अमृतमपत्रिका द्वारा 11 से अधिक आयुर्वेदिक ग्रन्थों से खोजे गए जाने 11/ग्यारह उपचार… स्वस्थ्य तन- स्वच्छ वतन के लिए जाने जरूरी बातें ब्रिटिश डेंटल जर्नल में प्रकाशित एक शोध में पाया कि दन्त समस्याओं से जूझ रहे लोगों में कोविड-19 के गम्भीर लक्षण अधिक पाए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिसर्च में पाया कि मुख में…
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सफलता, सिद्धि-समृद्धि, सुखी जीवन के कारक हैं- शिवलिंग स्वरूप शिव..
सरकारी नोकरी का सम्बन्ध सूर्य से है और सूर्य की कृपा पाने के लिए अंधे लोगों की मदद करना चाहिए। सूर्य की शांति हेतु नन्दी या साढ़ को नित्य 4 मोटी रोटी में घी हल्दी लगाकर, उस पर धि रखकर रोज नियम से खिलाना श्रेष्ठ रहता है। सुबह सूर्योदय के समय जल में हल्दी, केसर…
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