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क्या भोलेनाथ के पिता-बाबा का नाम पता है?
भगवान शिव के बारे में कुछ किदवन्तियाँ है कि भोलेनाथ के विवाह के समय वेदाचार्य ब्राह्मण ने पूछा?…. आपके पिता कौन हैं? महादेव बोले! ….विष्णु जी। पुनः पण्डित जी ने पूछा? और बाबा का नाम क्या है, तो शिवजी ने बताया कि- …..ब्रह्माजी। फिर परबाबा के बारे में जानना चाहा, तो शंकर जी ने कहा कि वो…
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यह जानकारी प्यार में पागल प्रेमियों के लिए है, जो आत्महत्या की सोच रहे हैं!
प्यार के बारे में 35 ज्ञानवर्धक सूत्र आपको सोसाइड करने से रोक सकते हैं- आत्महत्या की जगह आत्मचिंतन एवं आत्मप्रेम करने पर विचार करें…….. यह जबाब प्यार में डूबे इश्कबाजों को अवश्य पढ़ना चाहिए। सच्चा प्यार तो यही है कि- मेरे ह्रदय में वास करो और कोई किराया मत दो। प्यार की सत्यता जिक्र से…
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क्या पैसा पाने के लिए छठी इन्द्रिय जागृत करना जरूरी है अथवा धन ही छठी इन्द्रिय है।
पैसा ही कलयुग में छठी इन्द्रिय है। जाने धन के 52 से अधिक चमत्कार! क्योंकि जीवन 52 पत्तों की तरह है, जिसके पत्ते लग गए या अच्छे आ गए, वही पल में अम्बानी, बिलगेट्स बन जाता है। शिव सन्त सही कहते हैं- मैं अति दुर्बल मैं मतिहीना, जो कछु कीन्हा, शम्भू कीन्हा। कहा गया है…
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एक असरदार आयुर्वेदिक औषधि, जो वर्क फ्राम होम तथा कोरोना के कारण उत्पन.. आंखो की अनेक बीमारियां दूर करेगी..
आंखों के लिए उपयोगी 55 आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों और औषधियों के बारे में जानकर.. 17 नेत्ररोगों का इलाज एक ही दवा से करें… आजकल वर्क फ्रॉम होम का चलन है। इससे आंखों अनेक तरह के रोग पनपने लगे हैं। आंखों में खराबी के कारण जाने… भाग्य जगाने के लिए रोज की भागमभाग से आंखों में गन्दगी,…
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खुजली का बाहरी चिकित्सा न करके, रक्तशुद्धि हेतु आयुर्वेद अपनाएं।
दाद-खाज-खुजली मिटाने के लिए केमिकल से निर्मित दवाओं का इस्तेमाल आपको बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। इनसे बचें। व्यस्त जीवन में ज्यादा केमिकल युक्त दवाओं का उपयोग न करें अन्यथा सब कुछ अस्त-व्यस्त हो जाएगा। ज्यादा अंग्रेजी दवाओं के खाने से वीर्य पतला पुरुषार्थ शक्ति क्षीण होने लगती है। अतः आयुर्वेद ही अपनाएं। यही जीवन…
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क्या हंसने-हंसाने से सम्मान या इज्जत में कमी आती है? खुशमिजाज लोगों की पहचान क्या है?…
यह जबाब पूरा व्यंग्यात्मक है… हंसने से मर्द मस्त रहता है। हमेशा हंसते रहें। क्योंकि दुनिया में इतना गम है कि इसे हंसकर ही कम किया जा सकता है। हंसने से सम्मान और सामान दोनों में बरकत होती है। यह सामान किसी दुकान का नहीं, मनुष्य के अपने हमारे अंदर ही है। नारी के लिए…
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अफीम और प्रेम दोनों के नशे में क्या फर्क है?
प्रेम और अफीम का नशा एक बराबर ही समझो। लेकिन प्यार का नशा एक बार चढ़ जाए, तो कभी नहीं उतरता। मुझे नशा है, तुझे याद करने का और मैं ये नशा सरेआम करता हूँ। आजकल का प्यार भाग्य में तो है, लेकिन इसमें त्याग नही है। आशिकों का केवल नाग फन फैलाये खड़ा है।…
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द्रव्यगुण विज्ञान नामक आयुर्वेदिक ग्रन्थ में अजवायन को घर का वैध क्यों बताया है।
अजवाइन 19 रोगों को मिटाने वाली चमत्कारी ओषधि है। अजवायन के कद्रदान इसके लाभ से परिचित हैं। अजवायन का स्वभाव… मान न मान…मैं तेरा मेहमान की तरह यह भी बेशर्म प्रवृत्ति की औषधि है। अजवायन का उपयोग उदररोग, त्वचा रोग, वातरोग आदि विकारों में कारगर है। आयुर्वेदिक निघण्टु-शास्त्रों में इसे अदभुत और असरदायक बताया है।…
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श्राध्द क्यों जरूरी है? श्राध्द करने से ही शिव के प्रति श्रद्धा बढ़ती है। सन्सार में अपार सफलता और समृद्धि के लिए कनागत के समय पितरों को प्रसन्न अवश्य करें..
सन्सार में बस एक ही पूजा पूरी श्रद्धा से की जाती है, जिसका नाम है श्राध्द… श्राध्द सदैव अपने आराध्य पूर्वज-पितरों की प्रसन्नता के लिए किया जाता है। श्राध्द 16 दिन तक चलने वाला पर्व है। मुस्लिम धर्म में श्राध्द को बहुत गोपनीय रूप से मनाने की परंपरा है। इस लेख को पढ़ने के बाद…
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भगवान श्री गणेशजी के वे अदभुत रहस्य ओर वो बातें, जो लोग नहीं जानते…
गणेश जयंती औऱ गणेश चतुर्थी दोनों एक हैं। इस दिन भगवान शिव के लघु पुत्र श्री गणेश जी जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अमृतम परिवार की तरफ से देश-दुनिया के सभी श्री गणपति साधकों-उपासकों तथा भक्तों को हृदय से शुभकामनाएं प्रेषित हैं। इस लेख में गिलोय से निर्मित मोदक बनाने की विधि प्रस्तुत है।…
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