अघोरी की तिजोरी से
कफ प्रकृति वालों का
अक्सर गले में कोई न कोई खराबी या
खराश बनी रहती है, जिससे उन्हें बोलने
में परेशानी महसूस होती है।
गला रुंधा से रहता है।
स्वरभंग और गले की खराबी के लिए
मूली बहुत ही अच्छी ओषधि है।
क्या करें उपाय
मूली के बीजों को पीसकर गर्मजल के
साथ लेने से गला साफ होता है।
गले की लगातार खराबी,
खरखराहट,
सर्दी-खांसी जुकाम,
फेफड़ो की कमजोरी, इंफेक्शन
आदि विकार नाश हेतु
।। अमृतम ।।
लोजेन्ज माल्ट
शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है।
इसे गर्म पानी के साथ नियमित सेवन करें।
कफ से पीड़ित, कफ प्रकृति वाले लोगों
के लिए यह विलक्षण है।




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