Tag: शिवतांडव
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निया का निराला शिव महिम्न स्तोत्र, जिसका नित्य पाठ करने से मुसीबतें रफू चक्कर हो जाती हैं। Amrutam !
!!ॐ शंभूतेजसे नमः शिवाय!! इस अदभुत और चमत्कारी स्तोत्र की रचना परम शिव भक्त श्री पुष्पदन्त जी की थी। अवधूत, अघोरियों की शक्ति छुपी है इस स्तोत्र में संसार में शैव संप्रदाय के सभी साधु सन्यासी और अघोरियों ने इस स्तोत्र के द्वारा महान सिद्धियां और समृद्धि प्राप्त की। अमृतम पत्रिका, ग्वालियर मप्र के संपादक…
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क्या कोई छठा तत्व है? यदि हाँ, तो क्या है?
ध्यान-धैर्य-धर्म के 23 सूत्र और फायदे— छठा तत्व स्वयम इंसान है, जो अपनी साधना-उपासना से पांचों तत्वों को अपने वश में कर सकता है। वेदों में लिखा है- !!यत् पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे!! अर्थात सृष्टि/ब्रह्मांड में जो भी कुछ है, वह सब हमारे अंदर भी है। अपने मन-मस्तिष्क की शक्तियों को अपने अंदर ही समेट कर परमहंस बन सकते हैं। धैर्यपूर्वक ध्यान देंवें— सर्जन ओर विसर्जन में…
