Tag: शिव

  • निया का निराला शिव महिम्न स्तोत्र, जिसका नित्य पाठ करने से मुसीबतें रफू चक्कर हो जाती हैं। Amrutam !

    निया का निराला शिव महिम्न स्तोत्र, जिसका नित्य पाठ करने से मुसीबतें रफू चक्कर हो जाती हैं। Amrutam !

    !!ॐ शंभूतेजसे नमः शिवाय!!  इस अदभुत और चमत्कारी स्तोत्र की रचना परम शिव भक्त श्री पुष्पदन्त जी की थी। अवधूत, अघोरियों की शक्ति छुपी है इस स्तोत्र में संसार में शैव संप्रदाय के सभी साधु सन्यासी और अघोरियों ने इस स्तोत्र के द्वारा महान सिद्धियां और समृद्धि प्राप्त की।  अमृतम पत्रिका, ग्वालियर मप्र के संपादक…

  • स्मरकन रखें कि शिव ही सब समस्याओं का समाधान है ! अमृतम

    स्मरकन रखें कि शिव ही सब समस्याओं का समाधान है ! अमृतम

      शिव की तपस्या से हरेक समस्या जा निदान किया जा सकता है। नीचे लिंक क्लिक कर कृष्णदास का भजन सुने https://youtu.be/hRGQTZWjVok शिव की तपस्या से हरेक समस्या जा निदान किया जा सकता है। याद रखें कोई भी समस्या, वेश्या की तरह होती है। अगर इसके चंगुल में फंसते चले गए, तो सब कुछ बर्बाद…

  • भगवान शिव का तीसरा नेत्र  एवं वातावरण ———-

    भगवान शिव का तीसरा नेत्र एवं वातावरण ———-

    भगवान शिव का तृतीय नेत्र हमारा आज्ञा चक्र है… कुंडलिनी का यह छटा चक्र है.. यही सृष्टि की बाहरी और आंतरिक शक्तियां समाहित हैं.. पिंकी नोक के बराबर यह आज्ञा चक्र मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास से संबंधित है.. स्थल तथा सूक्ष्म जगत की विभिन्न हलचलो के साथ इसी केंद्र के माध्यम से संपर्क साधा जा…

  • एक प्राकृतिक शिव कुंड में शिवलिंग ——-

    एक प्राकृतिक शिव कुंड में शिवलिंग ——-

    मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चुरहट तहसील के अंतर्गत डढ़ीया गांव से 6 किलोमीटर दूर कैमोर पर्वत के ऊपर कोने में स्थित कांसा गांव में प्राकृतिक शिव कुंड देख कर कोई भी शिव भक्त भावविभोर हो सकता है शिवलिंग पर नाग राज का प्रत्यक्ष रूप से लिपटा होना और अज्ञात स्थान से 12 महीने…

  • नाग और सर्प दोनों अलग हैं….

    नाग और सर्प दोनों अलग हैं….

    नाग-नागिन और सर्प/सांप के बारे में ऐसी जानकारी पहली बार पढ़ेंगे। नाग और सर्प दोनो मौसेरे भाई हैं। नाग की माँ कद्रू हैं एवं सर्पों की माता क्रोधवशा हैं। दोनों खास बहिने हैं। ये 60 बहिने ब्रह्माजी के पुत्र राजा दक्ष की पुत्रियां थीं। दक्ष की इन साथ पुत्रियों में से 4 बहनों का विवाह ऋषि तार्क्ष्य…