बहुत छोटे छोटे उपायों से ह्रदय को मजबूत बना सकते हैं
पेट की सभी तकलीफ जब हद ज्यादा बढ़ने लगती हैं, तो शरीर में वायु प्रकोप होने लगता है और पंच वायु में से एक अपान वायु, जिसे गुदा द्वारा से बाहर निकलना चाहिए वह ऊपर की ओर बढ़ने लगती है और धीरे धीरे ह्रदय नाड़ियों को कमजोर कर दिल की बीमारी पैदा करने लगती है।
आयुर्वेद माधव निदान ग्रन्थ के अनुसार भोजन का समय से न पचना पेट में अनेक बीमारियों को उत्पन्न करता है। खाना दूषित, मैदा युक्त होने से उदर खराब हो जाता है।
पेट साफ न हो, तो पित्त असन्तुलित हो जाता है और खट्टी डकार, अपचन, गैस, एसिडिटी, कब्ज, पेट फूलना आदि रोग परेशान करने लगते हैं।
हृदय रोग से बचने का एक मात्र सरल उपाय है भोजन का संतुलन ओर व्रत, उपवास के माध्यम से लंघन करना।
सप्ताह में एक बार निराहार रहने से 6 दिन का भोजन पच जाता है और दूसरे दिन पेट से सारी गंदगी निकलकर शरीर डिटॉक्स हो जाता है।
हृदय रोग से बचने के लिए भोजन के पहले नियनित रूप से KeylivStrong Syrup एक बेहतरीन चिकित्सा है। इससे लिवर का फंक्शन सुचारू रहता है और कब्ज नहीं हो पाती। खाना भी तुरन्त पचता है। भूख भी खुलकर लगती है।
लेकन एक बात याद रखें कि बार बार मुँह झूठा न करें दिन में दो से तीन बार ही खाएं।
भविष्य पुराण के मुताबिक बार बार खाने या मुख झूठन से सूर्य ग्रह कमजोर हो जाता है, जो याद, कीर्ति, मनोबल को क्षीण कर देता है।
यह जानकारी अमृतम पत्रिका, ग्वालियर के ह्रदयअमृत अंक से ली गई है।
Leave a Reply