क्या आप शुद्ध शहद खा रहे हो या ग्लूकोज, शक्कर ?

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अमृतम द्वारा रिपैक किया गया शुद्ध शहद मधु पंचामृत के नाम से ऑनलाइन उपलब्ध है।

मधु प्रकृति से प्राप्त शक्तिदाता उपहार है। महिलाओं के लिए अमृत ओषधि है। यह खाने के साथ-साथ चेहरे कील-मुहांसे, झुर्रियां साफ कर …स्‍किन पोर्स में जमी अशुद्धियों को बाहर निकालता है।

प्रकृति का अनमोल अमृत…मधु पंचामृत

“भूतेषु-भूतेषु विचित्य धीरा: ”

 

जैसे

एक मधुमक्खी फूलों की क्यारी में जाकर प्रत्येक फूल से केवल उसका रस ग्रहण करती है। फूल का ज्यों का त्यों छोड़ देती है। शुद्ध शहद की पहचान करना आसान नहीं,  अपितु बहुत मुश्किल काम है। चूंकि हम पिछले 35 वर्षों से आयुर्वेद से जुड़े हैं, तब कहीं शुद्ध मधु की पहचान करने में सफल हुए हैं। इतना जानने के लिए अनेकों बार नुकसान उठाया। शुद्ध शहद की खोज व पहचान के बारे में अनेक भ्रम फैले हुए हैं।

हमारी हार्दिक इच्छा थी कि हम शुद्ध शहद ही बाजार में बेचें। प्योर शहद पाने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े। अमृतम के अनेक उत्पाद मधु युक्त होने से हमें जंगलों से शहद इकठ्ठा करना होता है। बिना मधु के किसी दवा का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं आता।

कहाँ-कहां मिलता है-शुद्ध शहद….

भारत में केवल ,कुछ ही जगह शुद्ध मधु मिल पाता है। जैसे-मैसूर कर्नाटक के जंगल,  रायगढ़ के जंगल, उत्तराखंड के नैनीताल, मुक्तेश्वर, गोपेश्वर, जागेश्वर में। महाराष्ट्र में अमरावती, औंढा नागनाथ, मप्र के श्योपुर, ढोंढर, तथा अमरकंटक के गहने वनों में आदिवासियों के पास छत्ते का टूटा शहद मिल पाता है। जहां मधु का खरीदी मूल्य 400 से 500 रुपये किलो तक होता है।

अगर आप शुद्ध शहद की खोज में हैं, तो एक बार !!अमृतम!! मधु पंचामृत केवल 50 ग्राम मंगावकर जांच ले। आप निराश नहीं होंगे, इसके फायदे भी 10 से 15 दिन में समझ आ जाएंगे।

अगर शहद शुद्ध होगा, तो एक महीने में देह के त्रिदोष को सन्तुलित कर तन-मन को तन्दरुस्त बना देता है।

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