• लोग गाली क्यों बकते हैं?

    लोग गाली क्यों बकते हैं?

    गाली की परिभाषा— किसी ताकतवर आदमी के सताने पर, सम्मान पर चोट पहुंचाने के बाद अत्याधिक गुस्सा, क्रोध आता है। इस क्रोध को शांत करने के लिए शारीरिक रूप दे हिंसा न करते हुए अंदरूनी तरीके से अथवा मौखिक रूप से की गई हिंसात्मक कार्यवाही के लिए चुने गए शब्दों का समूह जिसके उच्चारण के…

  • मप्र के एक ऐसा मन्दिर, जहाँ पानी से दीपक जलता है…

    मप्र के एक ऐसा मन्दिर, जहाँ पानी से दीपक जलता है…

     जिस मन्दिर के बारे में बताने जा रहे है वहाँ पानी जे दीपक जलाये जाते है। भारत में और भारतीय संस्कृति में ऐसी बहुत सी चीज़े हैं जो कि हमें अंधविश्वास की ओर मोड़ देती है । आज भी यहां रहने वाले कई जाति व समुदाय ऐसी परम्पराओं को मानते है जो कि देखा जाए…

  • “योगक्षेमो नः कल्पताम्”… इस वाक्य का क्या अर्थ है?

    “योगक्षेमो नः कल्पताम्”… इस वाक्य का क्या अर्थ है?

    यह ऋचा शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के अध्याय २२ की २२ वीं कंडिका से ली गई है: यह वैदिक राष्ट्रगान जिसमें संपूर्ण राष्ट्र और उसके नागरिकों, पशुओं, फसलों आदि के कुशल क्षेम की कामना की गई है। “आ ब्रह्मन् ब्राह्मणों ब्रह्मवर्चसी जायतामराष्ट्रेराजन्य: शूर ईषव्योअति व्याधी महारथो।जायतां दोग्ध्री धेनुर्वाढानाड्वानाशु: सप्ति: पुरंध्रिर्योषा जिष्णु रथेष्ठा सभेयो युवास्या यजमानस्य वीरो जायताम निकामे निकामे न: पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो न औषधय: पचयंताम् योगक्षेमो न: कल्पताम्“। ‘योगक्षेमो कल्पताम् का अर्थ है जो प्राप्त है उसकी रक्षा करने की एवं जो अप्राप्त है उसको प्राप्त करने की क्षमता बनाए रखने की प्रार्थना की गई है’। योग: अप्राप्त की प्राप्ति क्षेम:प्राप्त की रक्षा कल्पताम्: में समर्थ हो। भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है: अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जना: पर्युपासिते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्।०९/२२ अनन्यदर्शी निष्कामी भक्त अपने योगक्षेम की चिंता नहीं करते हैं,वे निरंतर अनन्य भक्ति भाव से मुझको भजते रहते हैं या निष्काम उपासना करते रहते हैं,…

  • नर्मदा नदी के रहस्य, जो लोग कम जानते है

    नर्मदा नदी के रहस्य, जो लोग कम जानते है

    मान्यता है कि नर्मदा नदी के किनारे पूरे 1312 किलोमीटर के पथ पर केवल शिवलिंग के शिवालय ही स्थिर या स्थित रह पाते हैं। शेष देवी-देवताओं के मंदिर, देवालय यदि बना दिये जायें, तो मां नर्मदा अपने अंचल में समेट लेती है। माँ नर्मदा को आदिवासियों द्वारा हर साल चुनरी चढ़ाने की परंपरा प्राचीनकाल से…

  • कुछ ऐसे अनसुलझे रहस्य क्या हैं जो आज भी विज्ञान की समझ से परे हैं?

    कुछ ऐसे अनसुलझे रहस्य क्या हैं जो आज भी विज्ञान की समझ से परे हैं?

    मनुष्य इस दुनिया मे करोड़ो साल पहले से है। जब से वो आया है, आविष्कारो ने उसकी ज़िंदगी आसान, और बहुत आसान बनाई है।आविष्कार ही उसे अन्य जीवो से अलग बनाते है। और इन आविष्कारों का स्रोत होता है, विज्ञान। हम लगभग सभी चीज़ों को सबसे पहले विज्ञान की तराजू मे ही तौलते है और…

  • महाराष्ट्र का महान शहर पूना

    महाराष्ट्र का महान शहर पूना

    जब कभी भी मन-मस्तिष्क सूना लगे, तो पूना जरूर जाएं। धर्म, धैर्य, धीरज धारण करने वालों की धरती है-पवित्र पुणे… पुणे की प्राचीन परंपरा– पूना का आदमी ज्यादा बचना नहीं है। अपने काम के साथ सबकी मदद करना यहां की संस्कृति है।  पुणे का पुराना नाम पुन्नक मिलता है। प्राचीन पुस्तक  स्कंदपुराण के अनुसार पुणे…

  • गुलाब के फूलों में 【३२】औषधीय गुण पाए जाते हैं…

    गुलाब के फूलों में 【३२】औषधीय गुण पाए जाते हैं…

    गुलाब पुष्प जगत प्रसिद्ध है। गुलाब के पुष्प में 100 से अधिक पंखड़ी होने कारण इसे शतपत्री भी कहते हैं। संस्कृत के एक श्लोक के अनुसार- शतपत्री तरुणयुक्ता कर्णिका चारुकेशरा। महाकुमारी गन्धाढया लाज्ञापुष्पाsतिमंजूला।। शतपत्री हिमा ह्रदया ग्राहिणी शुक्रला लघु:। दोपत्रयास्त्रजिद्वण्या कट्वी तिक्ता च पाचनी।। अर्थात- गुलाब के संस्कृत नाम — शतपत्री, तरुणी, करजिका, चारुकेशरा, महाकुमारी,…

  • भारत में पैदा होती है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी

    भारत में पैदा होती है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी

    उस महंगी सब्जी़ का नाम है “गुच्छी”। यह एक विशिष्ट प्रजाति का मशरूम है जो हिमालय के पहाड़ों पर व अन्य ठंडे स्थानो मे प्राकृतिक रूप से पैदा होता है। भारत और नेपाल की स्थानीय भाषा में इसे ‘गुच्छी’, छतरी, टटमोर या डुंघरू कहा जाता है। अंग्रेजी मे इसे “मोरेल” मशरूम कहते हैं। योरोप व…

  • क्या आयुर्वेद द्वारा भी केंसर से मुक्ति सम्भव है? जाने सटीक इलाज

    क्या आयुर्वेद द्वारा भी केंसर से मुक्ति सम्भव है? जाने सटीक इलाज

    कैंसर से मुक्ति के आठ उपाय नीचे पढ़ें। रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी, कमजोरी के कारण ही देह में कैंसर जैसे असाध्य रोग पैदा होते है। सबसे पहले अमृतम द्वारा निर्मित डिटॉक्स की क्वाथ का काढ़ा बनाकर दिन में दो बार लेवें- ताकि शरीर की शुद्धि हो सके। रोगनिदान ग्रन्थ, माधवनिदान, आयुर्वेद चिकित्सा आदि किताबों में…

  • जाने-तन्त्र के रहस्य…

    जाने-तन्त्र के रहस्य…

    तन्त्र में मारण, उच्चाटन, वशीकरण और सम्मोहन क्या होता है। इससे क्या लाभ या हानि है। सन्दर्भ ग्रन्थ- ¶~ ईशादि नौ उपनिषद ¶~ तांडव रहस्य ¶~ तान्त्रिक गुरु ¶~ प्रतीक शास्त्र ¶~ स्वामी कथासार, पीताम्बरा पीठ दतिया ¶~ शरद तिलक तन्त्रम ¶~ कठोतउपनिषद एवं ¶~ अमृतम कालसर्प विशेषांक और ¶~ दुर्गा सप्तशती रहस्य ¶~ अमृतम पत्रिका से साभार जाने इस अदभुत लेख में….. तन्त्र-मन्त्र-यन्त्र…

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